आंदोलन के दौरान बर्गर खाने वाले विजेता दहिया की कॉकरोच पार्टी में होगी वापसी? क्या बोले अभिजीत दीपके

Published on 30 अग॰ 2026

आंदोलन के दौरान बर्गर खाने वाले विजेता दहिया की कॉकरोच पार्टी में होगी वापसी? क्या बोले अभिजीत दीपके

Aug 30, 2026 09:06 am ISTलाइव हिन्दुस्तान

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Abhijit Dipke on Vijeta Dahiya: कॉकरोच जनता पार्टी के अभिजीत दीपके ने पुराने साथी विजेता दहिया की  पार्टी में  वापसी को लेकर बात की। उन्होंने कहा कि पार्टी इस बारे में सोचेगी। दहिया एक अच्छे इंसान हैं।

Cockroach Janata Party Abhijit Dipke say

विजेता दहिया की कॉकरोच जनता पार्टी में होगी वापसी?

Abhijit Dipke on Vijeta Dahiya: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संयोजक अभिजीत दीपके लगातार अपने 'स्कूल ठीक करो' अभियान को लेकर चर्चा में बने हुए हैं। महाराष्ट्र, राजस्थान और दिल्ली में स्कूलों की हालात को लेकर कॉकरोच पार्टी अभियान चला रही है। इसी बीच अभिजीत के एक पुराने साथी विजेता दहिया को लेकर भी सवाल उठ रहा है कि क्या वह एक बार फिर से कॉकरोच पार्टी का हिस्सा बनेंगे? इस बात का जवाब खुद अभिजीत दीपके ने दिया।

बीबीसी से बात करते हुए अभिजीत दीपके से जब उनके पुराने साथी विजेता दहिया के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने सीधा कोई भी जवाब देने से इनकार करते हुए कहा कि वह इस बारे में सोचेंगे। उन्होंने कहा, "हम इस बारे में सोचेंगे। अभी कुछ भी कहना सही नहीं होगा। लेकिन आंदोलन के दौरान जो कुछ भी हुआ वह थोड़ा असंवेदनशील था। हालांकि, मैं यह बात कह सकता हूं। कि वह (विजेता दहिया) बहुत ही बेहतर इंसान है।"

विजेता दहिया के साथ क्या हुआ था विवाद?

बता दें, विजेता दहिया शुरुआत से ही कॉकरोच जनता पार्टी के साथ खड़े हुए नजर आए थे। वह 20 जुलाई तक प्रोटेस्ट का हिस्सा थे। लेकिन इसके बाद जब कॉकरोच पार्टी के झंडे तले संसद मार्च का आयोजन किया जा रहा था। उस दौरान विजेता किसी मेट्रो स्टेशन पर बर्गर खाते हुए नजर आए। इसके बाद सोशल मीडिया पर काफी ट्रोलिंग शुरू हो गई थी।

इस ट्रोलिंग के बाद कॉकरोच जनता पार्टी ने विजेता दहिया को पार्टी के प्रवक्ता पद से हटा दिया और बाहर कर दिया। इससे नाराज होकर विजेता ने दीपके के साथ अपनी चैट्स को भी सार्वजनिक कर दिया था। इससे दोनों के बीच में कुछ तनाव की स्थिति बन गई थी। वर्तमान में दीपके और दहिया की राहें एक-दूसरे से अलग-अलग हैं।

सोनम वांगचुक ने ही आंदोलन को बड़ा बनाया- दीपके

दीपके ने आंदोलन के दौरान सोनम वांगचुक की भूमिका को लेकर भी बात की। उन्होंने कहा कि आंदोलन को बड़ा करने में सबसे बड़ी भूमिक सोनम वांगचुक की ही रही है। इससे इनकार नहीं किया जा सकता। दीपके ने कहा, "लोग कह रहे हैं कि मैंने उन्हें मैन्यूपुलेट करके भूख हड़ताल पर बैठा दिया। वह इंसान साइंटिस्ट है। वह कैसे एक 30 साल के लड़के से मैन्यूपुलेट हो जाएगा। हम तो आखिर तक उनसे कहते रहे कि आपको अनशन खत्म कर देना चाहिए। क्योंकि हम आपकी जान का रिस्क नहीं ले सकते। इस पर वह यही कहते थे कि मेरे ऊपर अनशन तोड़ने का दबाव मत बनाओ, बल्कि सरकार बात कैसे सुनेगी इस पर ध्यान दो।"

दीपके ने भाजपा नेताओं द्वारा वांगचुक के अनशन खत्म होने की बात पर कहा कि अच्छा हुआ वह इस तरीके से हो गया। क्योंकि उन्हें अनशन किए हुए 26 दिन हो गए थे, जो कि बहुत ज्यादा थे।