टीम के रूप में जो हासिल करना चाहते थे वह करने में सफल रहे: हरमनप्रीत

Published on 3 सित॰ 2026

दुबई, तीन सितंबर (भाषा) भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने महिला एशिया कप टी20 क्रिकेट टूर्नामेंट के ग्रुप ए मैच में बृहस्पतिवार को यहां हांगकांग पर 137 रन की एकतरफा जीत के साथ सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई के बाद कहा कि उनकी टीम इस मुकाबले से जो हासिल करना चाहती थी उसे पाऩे में सफल रही।

भारत ने सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना (64 गेंद पर 14 चौकों और सात छक्कों से 124 रन) के करियर की सर्वश्रेष्ठ पारी से पांच विकेट पर 193 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया।

इसके जवाब में हांगकांग की टीम ऑफ स्पिनर दीप्ति शर्मा (नौ रन पर तीन विकेट), तेज गेंदबाज नंदिनी शर्मा (छह रन पर दो विकेट), लेग लेग स्पिनर प्रेमा रावत (12 रन पर दो विकेट) और बाएं हाथ की स्पिनर श्री चरणी (16 रन पर दो विकेट) की धारदार गेंदबाजी के सामने 16.2 ओवर में सिर्फ 56 रन पर ढेर हो गई।

हरमनप्रीत से जब मैच के बाद मध्यक्रम की बल्लेबाजों के विफल रहने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘‘मैं सकारात्मक पहलुओं से शुरुआत करूंगी। स्मृति और शेफाली ने बहुत अच्छी बल्लेबाजी की। मध्यक्रम की बात करें तो हां, इसी वजह से हम पहले बल्लेबाजी करना चाहते थे जिससे कि परिस्थितियों के अभ्यस्त हो सकें। हमारा लक्ष्य पिच पर समय बिताना और परिस्थितियों को समझना था।’’

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उन्होंने कहा, ‘‘फिर भी हम एक टीम के रूप में जो हासिल करना चाहते थे उसे करने में सफल रहे। हमारा लक्ष्य करीब 200 रन बनाना था और इसके बाद गेंदबाजों ने हमारे लिए काम कर दिया।’’

हरमनप्रीत ने कहा कि उनकी एकादश काफी हद तक तय है।

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि हम काफी हद तक तय कर चुके हैं लेकिन हमारे पास इस बारे में सोचने के लिए अभी एक दिन और है कि क्या हम कोई बदलाव करना चाहते हैं या किसी और खिलाड़ी को जिम्मेदारी देना चाहते हैं। फिलहाल हमारी टीम काफी हद तक तय है।’’

मैच की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुनी गईं स्मृति ने इस शतक को अपने परिवार को समर्पित करते हुए कहा, ‘‘मैं इसे (शतक को) अपने परिवार को समर्पित करना चाहूंगी। हमने हांगकांग की गेंदबाजों के कुछ वीडियो देखे थे लेकिन हमें उनके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी। जब आप ऐसे विरोधी के खिलाफ खेलते हैं जिसके बारे में आपको ज्यादा पता नहीं होता तो आपको बाकी सब कुछ भूलकर गेंद की गति के हिसाब से खुद को ढालना होता है।’’

भाषा सुधीर

सुधीर