जब अंडरवर्ल्ड की धमकी के आगे नहीं झुके शाहरुख खान, बोले- ‘पठान हूं, गोली मारनी है तो मार दो’ | shah-rukh-khan-underworld-threat-sanjay-gupta-pathan-statement

Published on 6 सित॰ 2026

मुंबई : फिल्म इंडस्ट्री का इतिहास सिर्फ फिल्मों और सितारों की सफलता की कहानियों तक सीमित नहीं रहा है। 1990 के दशक में बॉलीवुड को मुंबई अंडरवर्ल्ड की धमकियों और कथित दखल का भी सामना करना पड़ा था। फिल्ममेकर संजय गुप्ता ने उस दौर को याद करते हुए बताया है कि किस तरह अंडरवर्ल्ड से जुड़े लोग फिल्म निर्माताओं और कलाकारों पर प्रभाव डालने की कोशिश करते थे। राइटर हुसैन जैदी के यूट्यूब चैनल पर बातचीत के दौरान संजय गुप्ता ने उस दौर से जुड़े कई अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि उस समय सिर्फ फोन पर धमकियां ही नहीं मिलती थीं, बल्कि अंडरवर्ल्ड से जुड़े लोग कई बार शूटिंग सेट तक पहुंच जाते थे।

शूटिंग सेट पर पहुंचकर जताते थे दबदबा

संजय गुप्ता के मुताबिक, 90 के दशक में फिल्म इंडस्ट्री के कई निर्माता, निर्देशक और कलाकार दबाव के माहौल में काम करते थे। अंडरवर्ल्ड से जुड़े लोग कभी फोन के जरिए अपनी बात रखते थे तो कभी सीधे फिल्म के सेट पर पहुंच जाते थे। फिल्ममेकर ने बताया कि कई मौकों पर ऐसे लोग सेट पर बैठ जाते थे और उन्हें इस बात की परवाह नहीं होती थी कि वहां किस फिल्म की शूटिंग चल रही है या कौन कलाकार मौजूद है। उनका मकसद फिल्म से जुड़े फैसलों पर अपना प्रभाव दिखाना और अपनी बात मनवाना होता था।

कास्टिंग तक में दखल का किया दावा

संजय गुप्ता ने बातचीत के दौरान एक घटना का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि एक प्रोड्यूसर उनके पास आया था और उसके पास कई बड़े कलाकारों के कथित तौर पर साइन किए हुए लेटर थे। फिल्ममेकर के अनुसार, प्रोड्यूसर ने उनसे कहा कि उसके पास इंडस्ट्री के लगभग सभी बड़े कलाकारों के हस्ताक्षर मौजूद हैं और वह जिस अभिनेता के साथ काम करना चाहते हैं, उसका नाम बता सकते हैं। संजय गुप्ता ने इस पूरे मामले को उस समय फिल्म इंडस्ट्री में मौजूद कथित दबाव और अंडरवर्ल्ड के प्रभाव से जोड़कर बताया।

शाहरुख खान ने झुकने से किया इनकार

इसी बातचीत में संजय गुप्ता ने अभिनेता शाहरुख खान का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक, शाहरुख उन कलाकारों में शामिल थे जिन्होंने उस दौर में कथित तौर पर अंडरवर्ल्ड के दबाव के आगे समझौता करने से इनकार कर दिया था। संजय गुप्ता ने दावा किया कि धमकी मिलने के बाद शाहरुख ने स्पष्ट कर दिया था कि वह अंडरवर्ल्ड के कहने पर न तो फिल्म करेंगे और न ही कोई शो करेंगे। उन्होंने शाहरुख के कथित जवाब को याद करते हुए कहा, “पठान हूं, गोली मारनी है तो मार दो। उससे डरता नहीं हूं।” यह बयान अब एक बार फिर चर्चा में है, क्योंकि यह शाहरुख के उस दौर के कथित बेबाक रवैये को सामने लाता है।

शाहरुख के रवैये की होने लगी थी चर्चा

संजय गुप्ता के अनुसार, शाहरुख ने सीधे तौर पर अंडरवर्ल्ड से जुड़े लोगों के साथ काम करने से इनकार कर दिया था। फिल्ममेकर का कहना है कि उनके इस रवैये के बाद अंडरवर्ल्ड से जुड़े लोग भी शाहरुख का सम्मान करने लगे थे। उन्होंने बताया कि उस समय इंडस्ट्री में यह संदेश गया कि कम से कम एक बड़ा कलाकार ऐसा है, जो दबाव के बावजूद अपनी शर्तों पर काम करने को तैयार है। हालांकि, संजय गुप्ता द्वारा साझा किए गए ये विवरण उनके साक्षात्कार में बताए गए अनुभवों और दावों पर आधारित हैं।

बॉलीवुड के बदलते दौर की याद

90 के दशक में बॉलीवुड और अंडरवर्ल्ड के कथित संबंधों को लेकर कई किस्से सामने आते रहे हैं। समय के साथ फिल्म इंडस्ट्री की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव आया। संजय गुप्ता की यह बातचीत उसी पुराने दौर की याद दिलाती है, जब फिल्म बनाना केवल रचनात्मक चुनौती नहीं था, बल्कि निर्माताओं और कलाकारों को कई तरह के बाहरी दबावों का भी सामना करना पड़ता था।

शाहरुख खान से जुड़ा यह किस्सा इसी दौर के उन चर्चित प्रसंगों में से एक है, जिसने अभिनेता की सार्वजनिक छवि में उनकी बेबाकी और आत्मविश्वास की कहानी को और मजबूत किया।