इस साल गणेश चतुर्थी कब है? जानें गणपति स्थापना का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और मोदक भोग का सही नियम

Published on 6 सित॰ 2026

इस साल गणेश चतुर्थी कब है? जानें गणपति स्थापना का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और मोदक भोग का सही नियम

Time Published: Sunday, September 6, 2026, 15:57 [IST]

Ganesh Chaturthi 2026 Puja Vidhi: गणेश चतुर्थी का त्योहार भगवान गणेश की पूजा के लिए बेहद खास माना जाता है। इस दिन देशभर में भक्त घरों और पूजा पंडालों में गणपति बप्पा की प्रतिमा स्थापित करते हैं। मान्यता है कि भगवान गणेश विघ्नों को दूर करने वाले देवता हैं और उनकी पूजा से घर में सुख-शांति बनी रहती है। इस साल भी गणेश उत्सव को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं।

पंचांग के अनुसार, गणेश चतुर्थी का पर्व 14 सितंबर 2026 को मनाया जाएगा। इस दिन बप्पा की स्थापना के लिए दोपहर से पहले का खास समय बताया गया है। अगर आप भी घर में गणपति की स्थापना करने जा रहे हैं तो तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा की सामग्री और सही विधि जानना आपके लिए जरूरी है।

Ganesh Chaturthi 2026 Puja Vidhi

गणेश चतुर्थी पूजा मुहुर्त

पंचांग के अनुसार, इस साल भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि 14 सितंबर की सुबह 7:06 बजे शुरू होगी। यह तिथि अगले दिन यानी 15 सितंबर की सुबह 7:44 बजे समाप्त होगी। उदया तिथि के नियम के अनुसार गणेश चतुर्थी का पर्व 14 सितंबर 2026 को ही मनाया जाएगा। इसी दिन घरों और पंडालों में गणपति बप्पा की प्रतिमा स्थापित की जाएगी।

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गणपति स्थापना का शुभ समय

गणेश जी की प्रतिमा स्थापित करने के लिए मध्याह्न का समय खास माना जाता है। दिल्ली के पंचांग के अनुसार 14 सितंबर को गणपति स्थापना और पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 11:02 बजे से दोपहर 1:31 बजे तक रहेगा। हालांकि, अलग-अलग शहरों में सूर्योदय और स्थानीय पंचांग के आधार पर पूजा के समय में थोड़ा अंतर हो सकता है। इसलिए अपने शहर के पंचांग के अनुसार समय देखना बेहतर रहेगा।

ऐसे करें गणपति बप्पा की स्थापना

गणपति स्थापना से पहले पूजा की जगह को अच्छी तरह साफ कर लें। इसके बाद चौकी पर साफ कपड़ा बिछाकर भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करें। प्रतिमा रखने के बाद सबसे पहले गणपति बप्पा का ध्यान करें और पूजा का संकल्प लें। इसके बाद भगवान को जल, अक्षत और फूल अर्पित करें। गणेश जी को रोली, सिंदूर, दूर्वा और फूल चढ़ाएं। गणेश पूजा में दूर्वा का विशेष महत्व माना जाता है। इसके बाद धूप और दीप जलाकर भगवान गणेश की पूजा करें।

बप्पा को लगाएं मोदक का भोग

भगवान गणेश को मोदक और लड्डू का भोग लगाना शुभ माना जाता है। इसके अलावा भक्त अपनी श्रद्धा के अनुसार फल और दूसरे प्रसाद भी चढ़ा सकते हैं। पूजा के दौरान 'ॐ गं गणपतये नमः' मंत्र का जाप करें। इसके बाद गणेश चतुर्थी की कथा पढ़ें या सुनें और आखिर में भगवान गणेश की आरती करें।

गणपति विसर्जन कब होगा?

गणेश उत्सव की अवधि हर परिवार और जगह की परंपरा के अनुसार अलग हो सकती है। घर में स्थापित गणपति का विसर्जन डेढ़ दिन, तीसरे, पांचवें, सातवें या दसवें दिन किया जा सकता है। वहीं, इस साल अनंत चतुर्दशी 25 सितंबर 2026 को है। इस दिन बड़े स्तर पर गणपति विसर्जन किया जाएगा और गणपति उत्सव का समापन होगा।

पूजा में इन बातों का रखें ध्यान

गणपति की स्थापना करते समय पूजा वाली जगह साफ-सुथरी रखें। प्रतिमा स्थापित करने के बाद श्रद्धा के साथ पूजा करें और दूर्वा, सिंदूर, फूल तथा मोदक जैसे गणेश जी को प्रिय माने जाने वाले प्रसाद अर्पित करें। पूजा के दौरान मंत्र जाप, गणेश चतुर्थी की कथा और आरती भी की जाती है।

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