झीरम फैसले के बाद गरमाई सियासत : किरण देव ने बघेल से पूछा- जेब में आखिर कौन-सी पर्ची थी?, पीड़ित परिवारों को न्याय की उम्मीद
झीरम घाटी नक्सली हमले के मामले में एनआईए की विशेष अदालत के फैसले के बाद छत्तीसगढ़ की सियासत एक बार फिर गरमा गई है, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने न्याय की दिशा को अहम कदम बताया है।
प्रदेश अध्यक्ष किरण देव
- Published: 06 Sep 2026, 11:35 AM IST
- Last Updated: 06 Sep 2026, 11:35 AM IST
रायपुर। झीरम घाटी नक्सली हमले के मामले में एनआईए की विशेष अदालत के फैसले के बाद छत्तीसगढ़ की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने अदालत के निर्णय का स्वागत करते हुए इसे झीरम हमले में जान गंवाने वाले नेताओं, सुरक्षाकर्मियों और आम नागरिकों के परिवारों के लिए न्याय की दिशा में अहम कदम बताया है।
31 लोगों की मौत ने पूरे देश को झकझोरा था
किरण देव ने कहा कि 25 मई 2013 को दरभा क्षेत्र की झीरम घाटी में हुए नक्सली हमले ने छत्तीसगढ़ के राजनीतिक और सामाजिक इतिहास पर गहरा जख्म छोड़ा था। इस हमले में कांग्रेस के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार पटेल, उनके बेटे दिनेश पटेल, पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल, महेंद्र कर्मा, उदय मुदलियार सहित कई नेताओं, कार्यकर्ताओं और सुरक्षाकर्मियों की जान गई थी।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के मुताबिक, लंबे समय से पीड़ित परिवार और प्रदेश की जनता इस मामले में सच सामने आने का इंतजार कर रही थी। उन्होंने कहा कि एनआईए की जांच और अभियोजन पक्ष की दलीलों के आधार पर अदालत ने 101 गवाहों के बयान और दस्तावेजी साक्ष्यों पर विचार करते हुए 10 आरोपियों को दोषी ठहराया है। एक आरोपी की सुनवाई के दौरान मृत्यु हो चुकी है।
‘जेब में सबूत’ वाले बयान पर बघेल पर निशाना
फैसले के बाद किरण देव ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर भी तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने बघेल के पुराने उन दावों का जिक्र किया, जिसमें वे झीरम मामले से जुड़े सबूत होने की बात कहते रहे थे।
किरण देव ने सवाल उठाते हुए कहा कि जब बघेल के पास झीरम मामले से जुड़े अहम सबूत होने का दावा था, तो अपने पांच साल के कार्यकाल में उन्होंने उन्हें अदालत के सामने क्यों नहीं रखा? उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि बघेल को अब स्पष्ट करना चाहिए कि वह कौन-सी पर्ची थी, जिसे वे बार-बार अपनी जेब से निकालकर सबूत के तौर पर दिखाने की बात करते थे।
कांग्रेस पर नक्सलवाद को लेकर भी साधा निशाना
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कांग्रेस नेताओं के नक्सलवाद को लेकर दिए गए कथित बयानों पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के कुछ नेताओं की ओर से नक्सलियों को लेकर सहानुभूतिपूर्ण टिप्पणियां की गई हैं। देव ने कहा कि ऐसी बयानबाजी से सुरक्षा बलों के मनोबल और नक्सलवाद के खिलाफ चल रही लड़ाई पर सवाल खड़े होते हैं।
उन्होंने कांग्रेस से नक्सलवाद के मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करने की मांग करते हुए कहा कि प्रदेश की जनता को यह जानने का अधिकार है कि पार्टी आतंक और हिंसा के खिलाफ किस स्पष्ट नीति के साथ खड़ी है।
नक्सलवाद के खात्मे का संकल्प दोहराया
किरण देव ने कहा कि केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार के नेतृत्व में नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक अभियान जारी है। उन्होंने दावा किया कि सुरक्षा बलों की कार्रवाई और सरकार की नीतियों से बस्तर में शांति और विकास का वातावरण मजबूत हुआ है।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल नक्सलवाद का अंत करना नहीं, बल्कि प्रभावित क्षेत्रों में विकास, सुरक्षा और विश्वास को मजबूत करते हुए अंतिम व्यक्ति तक न्याय पहुंचाना भी है।
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