फर्जी डॉक्टर पति-पत्नी पर गैंगस्टर लगी:जीजा की डिग्री और पहचान का किया था इस्तेमाल, दंपती जेल में बंद
कुंदन पाल | ललितपुर2 घंटे पहले
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ललितपुर में गुरुवार शाम फर्जी पहचान और दस्तावेजों के सहारे डॉक्टर बनने वाले आरोपी दंपती पर गैंगस्टर एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया। पुलिस ने अभिनव सिंह को गिरोह का सरगना और उसकी पत्नी लवीना सिंह को सदस्य बताया है।
जीजा की डिग्री और पहचान इस्तेमाल करने का आरोप
तालाबपुरा निवासी अभिनव सिंह मध्य प्रदेश के सागर जिले के खुरई में रहता था। उस पर अपने जीजा डॉ. राजीव गुप्ता की MBBS और MD की डिग्री व पहचान का इस्तेमाल करने का आरोप है। इसी फर्जी पहचान के आधार पर उसने कई अस्पतालों में डॉक्टर के तौर पर काम किया और मरीजों का इलाज किया।

बहन की शिकायत के बाद हुआ खुलासा
मामले का खुलासा अमेरिका के टेक्सस में रहने वाली अभिनव की बहन डॉ. सोनाली सिंह की शिकायत के बाद हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके इंजीनियर भाई ने पति डॉ. राजीव गुप्ता की डिग्री और पहचान का गलत इस्तेमाल कर डॉक्टर की नौकरी हासिल की।
पत्नी पर भी फर्जी पहचान से इलाज का आरोप
पुलिस के अनुसार, अभिनव की पत्नी लवीना सिंह पर भी डॉ. दीपाली सिंह के नाम से फर्जी पहचान बनाकर इलाज करने का आरोप है। पुलिस का दावा है कि दोनों ने बिना वैध मेडिकल योग्यता के लंबे समय तक मेडिकल क्षेत्र में काम किया।
ललितपुर मेडिकल कॉलेज में भी की नौकरी
पुलिस के मुताबिक, अभिनव ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर ललितपुर के स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय की जिला CCU और कैंसर केयर यूनिट में संविदा पर नौकरी हासिल की थी। यहां वह कार्डियोलॉजिस्ट और जनरल मेडिसिन विशेषज्ञ के रूप में काम करता था। उसे करीब डेढ़ लाख रुपए महीने वेतन मिलने की बात सामने आई है।
कई शहरों के अस्पतालों में काम करने का दावा
जांच में अभिनव के मथुरा, नूह मेवात, बीना और वृंदावन के कई अस्पतालों में भी डॉक्टर के रूप में काम करने की बात सामने आई है। पुलिस के अनुसार, इन जगहों पर भी उसने मरीजों का इलाज किया।
फर्जी दस्तावेजों से पिस्टल लाइसेंस लेने का आरोप
जांच के दौरान अभिनव पर फर्जी दस्तावेजों के सहारे 32 बोर की पिस्टल का शस्त्र लाइसेंस हासिल करने का आरोप भी सामने आया। पुलिस का कहना है कि इस मामले में अलग से कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस अभिनव सिंह को पहले गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। उसकी पत्नी लवीना सिंह को भी गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया जा चुका है।
गैंगस्टर एक्ट में दर्ज हुई रिपोर्ट
पुलिस के अनुसार, फर्जी दस्तावेजों और छद्म पहचान के जरिए किए गए कथित अपराधों से अर्जित चल-अचल संपत्ति और समाज विरोधी गतिविधियों को देखते हुए गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई की गई है।
जिलाधिकारी के अनुमोदन के बाद कोतवाली प्रभारी निरीक्षक अनुराग अवस्थी की तहरीर पर दोनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई। पुलिस ने मामले की विवेचना शुरू कर दी है।
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