मुंबई: एसटी महामंडल के भूमि विकास को मिलेगी गति, पीपीपी नीति से छूट देने को मंत्रिमंडल की मंजूरी| Navbharat Live

Published on 14 जुल॰ 2026

मुंबई: एसटी महामंडल के भूमि विकास को मिलेगी गति, पीपीपी नीति से छूट देने को मंत्रिमंडल की मंजूरी

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    आलोक उमाकृष्ण

Updated On: Jul 14, 2026 | 07:57 PM IST

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सार

Maharashtra ST Land Development: महाराष्ट्र मंत्रिमंडल ने एसटी महामंडल की अतिरिक्त जमीनों के पीपीपी विकास को गति देने के लिए नियमों में छूट दी। एसेट मोनेटाइजेशन नीति और पुनर्वास अनुदान भी बढ़ाया।

Maharashtra ST Land Development PPP Policy Exemption Cabinet Decision

एसटी भूमि विकास (सोर्स: AI)

विस्तार

Maharashtra ST Land Development PPP Policy: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (एसटी) की अतिरिक्त जमीनों के विकास को गति देने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। बैठक में एसटी महामंडल के भूमि विकास प्रस्तावों को ‘महाराष्ट्र सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) नीति’ के कड़े नियमों से छूट देने की मंजूरी दी गई है।

इस निर्णय से महामंडल के भूखंडों पर वाणिज्यिक और आवासीय परियोजनाओं के काम में तेजी आएगी, जिससे निगम के लिए नियमित आय के स्थायी स्रोत तैयार हो सकेंगे। एसटी महामंडल द्वारा राज्य के 213 स्थानों के विकास का प्रस्ताव सरकार को सौंपा गया है।

मंत्रिमंडल के निर्णय के अनुसार, इन सभी जमीनों के विकास के लिए अब ‘मंत्रिमंडल बुनियादी ढांचा समिति’ और ‘शक्ति प्रदत्त समिति’ की मंजूरी लेने से छूट दे दी गई है। हालांकि, परियोजनाओं के लिए अंतिम सरकारी मंजूरी लेना अनिवार्य रहेगा। इस छूट से पांच मार्च 2026 को घोषित पीपीपी नीति के कारण होने वाली संभावित देरी से बचा जा सकेगा।

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व्यावसायिक उपयोग से बढ़ेगी महामंडल की आय

एसटी महामंडल के पास राज्य में करीब 850 स्थानों पर 3500 एकड़ जमीन उपलब्ध है, जिनमें से अधिकांश प्राइम लोकेशन पर हैं। इन जमीनों को 49+49 वर्षों के पट्टे (लीज) पर देकर पीपीपी मॉडल के जरिए आवासीय, व्यावसायिक, और औद्योगिक उद्देश्यों के लिए विकसित किया जाएगा। बस टर्मिनलों के साथ-साथ इन स्थानों पर शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और आवासीय भवनों का निर्माण कर महामंडल के राजस्व में भारी बढ़ोतरी का लक्ष्य रखा गया है।

शहरी निकायों के लिए मुद्रीकरण नीति

बैठक में राज्य की महानगरपालिकाओं, नगर परिषदों और नगर पंचायतों को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने के लिए ‘एसेट मोनेटाइजेशन’ (मुद्रीकरण) नीति को भी मंजूरी दी गई। इसके तहत स्थानीय निकायों की अनुपयोगी संपत्तियों का पारदर्शी विकास कर आय जुटाई जाएगी। यह नीति 31 जुलाई 2026 के बाद भी यानी 31 जुलाई 2031 तक प्रभावी रहेगी।

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बंदियों के पुनर्वास अनुदान में बढ़ोतरी

अपराधी परिवीक्षा अधिनियम के तहत सजा काट चुके मुक्त बंदियों को दिए जाने वाले पुनर्वास अनुदान को पच्चीस हजार रुपए से बढ़ाकर पचास हजार रुपए किया गया है। इसके साथ ही कम से कम एक वर्ष जेल में रहने के बाद निर्दोष साबित हुए बंदियों को भी इस योजना का लाभ मिलेगा। इसके अलावा बीड के जिला खेल स्कुल में आधुनिक खेल सुविधाओं के विकास के लिए 24.95 करोड़ रुपए के कार्यों को मंजूरी दी गई है।

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