गणेश चतुर्थी पर गोवा जा रहे हैं? दूधसागर का प्लान बदलें, ये हैं सुरक्षित विकल्प

Published on 13 सित॰ 2026

क्या आप गणेश चतुर्थी के लॉन्ग वीकेंड पर गोवा जाने का प्लान बना रहे हैं? तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है। रविवार, 13 सितंबर 2026 तक मानसून की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रसिद्ध दूधसागर टूरिस्ट सर्किट बंद रहेगा। कुलेम से चलने वाली जीप सफारी और जंगल का सामान्य रास्ता फिलहाल सस्पेंड कर दिया गया है। पर्यटकों को रेलवे ट्रैक पर न जाने की सख्त सलाह दी गई है, क्योंकि वहां चेकिंग काफी बढ़ा दी गई है। दूधसागर की जगह आप गोवा के अन्य सुरक्षित झरनों का आनंद ले सकते हैं। आइए जानते हैं कि इस समय क्या खुला है, क्या बंद है और आप अपना ट्रैवल प्लान कैसे बदल सकते हैं।

इस मानसून सीजन में रेलवे ट्रैक पर बिना अनुमति चलने वालों पर भारी जुर्माना लगाया जा रहा है। रेलवे अधिकारियों ने साफ कहा है, "ऑन-ड्यूटी रेलवे कर्मचारियों के अलावा किसी भी व्यक्ति को दूधसागर स्टेशन पर ट्रेन से उतरने या चढ़ने की इजाजत नहीं है।" रेलवे ट्रैक पर गैर-कानूनी तरीके से जाने वालों के खिलाफ धारा 147 के तहत कार्रवाई की जा रही है। हाल ही में चलाए गए चेकिंग अभियानों में पटरियों के रास्ते दूधसागर जाने की कोशिश कर रहे कई समूहों पर प्रति व्यक्ति लगभग 500 रुपये का जुर्माना ठोका गया है। ब्रागांजा घाट के आसपास आरपीएफ (RPF) की गश्त और सख्त कर दी गई है।

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आज दूधसागर टूरिस्ट सर्किट का क्या है स्टेटस?

गोवा सरकार के 11 सितंबर के अपडेटेड नोटिस के मुताबिक, दूधसागर टूरिस्ट सर्किट आज पर्यटकों के लिए पूरी तरह बंद है। इसमें कुलेम या कॉलेम से शुरू होने वाली जीप सफारी और जंगल का मुख्य एंट्री रूट शामिल है। आमतौर पर यह सर्किट मानसून कम होने के बाद ही दोबारा खुलता है—जो कि सितंबर के आखिर या अक्टूबर की शुरुआत में होता है। उदाहरण के लिए, 2023–24 सीजन में सख्त शर्तों के साथ इसे 12 अक्टूबर से दोबारा शुरू किया गया था।

क्या बंद है और क्या खुला है? देखें पूरी लिस्ट

गतिविधि / एक्टिविटी 13 सितंबर 2026 की स्थिति जरूरी बातें (नोट्स)
कुलेम/कॉलेम से दूधसागर जीप सफारी बंद है वन विभाग के आदेश के चलते टूरिस्ट सर्किट बंद।
रेलवे ट्रैक के रास्ते पैदल जाना प्रतिबंध लागू पटरियों पर चलने पर RPF की कार्रवाई और जुर्माना लगेगा।
ट्रेन की खिड़की से दूधसागर देखना सफर के दौरान इजाजत है दूधसागर स्टेशन पर ट्रेन नहीं रुकेगी; नीचे न उतरें।
हरवलेम (अरवलेम) वॉटरफॉल देखने के लिए खुला है सड़क मार्ग से पहुंचना आसान; बरसाती साथ रखें।
नेत्रावली का सावरी/मैनापी झरना खुला है (मौसम पर निर्भर) केवल अधिकृत जीप और परमिट के साथ जाने की इजाजत।
झरनों में तैरना या उतरना पूरी तरह बैन मानसून सुरक्षा से जुड़ा सरकारी आदेश लागू है।

इस वीकेंड दूधसागर की जगह इन सुरक्षित वॉटरफॉल्स का रुख करें

इस वीकेंड ऐसे वॉटरफॉल्स चुनें जहां सड़क मार्ग से आसानी से पहुंचा जा सके, सिक्योरिटी गार्ड्स तैनात हों और रास्ते सुरक्षित हों। सांकेलिम के पास स्थित हरवलेम झरना बारिश के दौरान भी घूमने के लिए बिल्कुल मुफीद है और फोटोग्राफी के लिहाज से भी शानदार है। वहीं, साउथ गोवा में नेत्रावली का 'सावरी' या 'मैनापी' झरना अधिकृत जीपों और परमिट के साथ पर्यटकों के लिए चालू है (हालांकि, मौसम ज्यादा खराब होने पर इसे अस्थायी रूप से रोका जा सकता है)। ध्यान रखें कि इस मानसून पूरे गोवा के झरनों के पानी में उतरने पर पूरी तरह रोक है, इसलिए केवल व्यू-पॉइंट्स से ही नजारों का लुत्फ उठाएं और चेतावनी बोर्ड्स पर ध्यान दें।

गोवा ट्रिप का प्लान कैसे बदलें? बुकिंग्स और रिफंड की जानकारी

अगर आप नॉर्थ गोवा में ठहरे हैं, तो दूधसागर की जगह हरवलेम झरना, मायेम झील, दिवेर द्वीप की फेरी राइड और पणजी की हेरितेज गलियों की सैर का प्लान बना सकते हैं। वहीं साउथ गोवा आने वाले पर्यटक बारिश के थमते ही नेत्रावली झरना जा सकते हैं और इसके बाद स्पाइस फार्म्स (मसाला बागानों) या तटीय सड़कों की सैर का मजा ले सकते हैं। जिन पर्यटकों ने दूधसागर जीप सफारी की एडवांस बुकिंग कर ली थी, वे इसे री-शेड्यूल कर लें। सफारी दोबारा शुरू होने की घोषणा के बाद ही बुकिंग फिर से चालू होगी—पिछली बार इसे 12 अक्टूबर 2023 को दोबारा शुरू किया गया था।

अगर इस वीकेंड गोवा का प्लान पक्का है, तो दूधसागर की विजिट को फिलहाल अगली ट्रिप के लिए टाल दें। कोई भी बुकिंग करने से पहले आधिकारिक अपडेट्स जरूर चेक करें, रेलवे ट्रैक के आसपास बिल्कुल न जाएं और सड़क मार्ग से जुड़े सुरक्षित झरनों का ही चुनाव करें। अपनी ट्रैवल किट में अच्छी ग्रिप वाले जूते, वॉटरप्रूफ बैग्स और प्लान में थोड़ा लचीलापन जरूर रखें। मानसून खत्म होने के बाद जब जीप सफारी फिर से शुरू होगी, तब दूधसागर का अनुभव लेना ज्यादा बेहतर रहेगा।