पर्दाफाश न्यूज़ ब्यूरो महराजगंज :: भारत-नेपाल की खुली सीमा, जिसे अब तक मुख्य रूप से दोनों देशों के बीच सहज आवागमन का रास्ता माना जाता रहा है, अब अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क के लिए एक अहम ट्रांजिट रूट के तौर पर सामने आ रही है। महराजगंज की सोनौली और ठूठीबारी सीमा से जुड़े मामलों की जांच में मादक पदार्थों से लेकर सोना और अन्य प्रतिबंधित सामान की तस्करी के बड़े नेटवर्क के संकेत मिले हैं।
पढ़ें :- जाजमऊ पुराना गंगापुल बंद, भारी वाहनों के लिए रूट डायवर्जन लागू, 13 दिसंबर तक उन्नाव-कानपुर समेत कई मार्गों पर बदला यातायातसोनौली सीमा से जुड़े नशा तस्करी के मामलों की जांच में नेटवर्क के तार दिल्ली-NCR और गुरुग्राम की ड्रग लैब से होते हुए मेक्सिको तक जुड़ने के संकेत मिले हैं। वहीं, कन्नौज में करीब 15 करोड़ रुपये के सोने की बरामदगी के बाद ठूठीबारी सीमा से जुड़े सोना तस्करी नेटवर्क की जांच भी तेज कर दी गई है।
एक साल में 35 मुकदमे, 51 आरोपी गिरफ्तार
महराजगंज पुलिस के अनुसार 12 सितंबर 2025 से 11 सितंबर 2026 के बीच सीमावर्ती सात थाना क्षेत्रों—कोल्हुई, नौतनवा, सोनौली, परसामलिक, बरगदवा, निचलौल और ठूठीबारी—में NDPS एक्ट के तहत 35 मुकदमे दर्ज कर 51 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
इस दौरान 229 किलो से अधिक विभिन्न मादक पदार्थ बरामद किए गए। इनमें गांजा, चरस, स्मैक और ब्राउन शुगर समेत अन्य नशीले पदार्थ शामिल हैं। इसके अलावा 5,619 नशीले इंजेक्शन और 322 शीशी अवैध नेपाली शराब भी बरामद की गई।
पढ़ें :- तीज पर सेवा भारती का अनूठा सेवा अभियान, माताओं-बहनों के हाथों में सजी निःशुल्क मेहंदी2.5 किलो मेथाक्वालोन ने खोली अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की परत
सोनौली सीमा पर नेपाल से भारत आ रही मणिपुर की एक महिला के बैग से 2.5 किलो मेथाक्वालोन बरामद होने के बाद मामले की जांच NCB तक पहुंची। पड़ताल आगे बढ़ी तो नेटवर्क के तार दिल्ली-NCR और गुरुग्राम तक मिले। जांच में गुरुग्राम में संचालित ड्रग लैब का भी खुलासा हुआ। इस नेटवर्क की कड़ियां मेक्सिको तक जुड़े होने की बात भी सामने आई है।
इसी तरह काठमांडू से सोनौली, फिर तमिलनाडु के तूतीकोरिन और वहां से श्रीलंका तक 78 किलो हैशिश ऑयल पहुंचाने वाले नेटवर्क का भी खुलासा हुआ है। इससे साफ है कि सीमा क्षेत्र केवल स्थानीय स्तर की तस्करी का रास्ता नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के लिए भी इस्तेमाल किया जा रहा है।
42 वाहन चिन्हित, 12 जब्त
पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल किए जा रहे 42 वाहनों को चिह्नित किया है। इनमें से 12 वाहनों को जब्त किया जा चुका है। सीमा पर निगरानी और कार्रवाई को प्रभावी बनाने के लिए SSB, कस्टम समेत अन्य एजेंसियों के साथ पुलिस ने 33 संयुक्त ऑपरेशन भी चलाए हैं।
पढ़ें :- वाराणसी के प्राईवेट मेडिकल कॉलेज में, AIIMS से पढ़े 40 वर्षीय यूरोलॉजिस्ट ने एनेस्थीसिया का ओवरडोज लेकर दी जान!मादक पदार्थों के अलावा हजारों किलो सामान बरामद
सीमा पर तस्करी का दायरा केवल नशीले पदार्थों तक सीमित नहीं है। कार्रवाई के दौरान 5,232 किलो चीनी, लहसुन, कद्दू के बीज, ब्राजीलियन मक्का, यूरिया, इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट तथा विदेशी चप्पल-कपड़ों समेत विभिन्न सामान बरामद किए गए।
लगातार चेकिंग और पेट्रोलिंग
एएसपी सिद्धार्थ कुमार के मुताबिक भारत-नेपाल सीमा पर लगातार चेकिंग और पेट्रोलिंग की जा रही है। पुलिस अपने स्तर पर कार्रवाई करने के साथ ही SSB और अन्य सहयोगी एजेंसियों के साथ संयुक्त अभियान चला रही है। सूचना संकलन के आधार पर तस्करी के नेटवर्क और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
सीमा पर लगातार हो रही कार्रवाई ने यह संकेत जरूर दिया है कि तस्करी का नेटवर्क अब केवल सीमा पार सामान पहुंचाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके तार देश के अलग-अलग हिस्सों और विदेशों तक फैले हो सकते हैं। ऐसे में सीमा सुरक्षा एजेंसियों के सामने चुनौती केवल तस्करों को पकड़ने की नहीं, बल्कि पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़कर उसके सरगनाओं तक पहुंचने की भी है।
