उन्नाव में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे: बाढ़ प्रभावित इलाकों में अभी भी दुश्वारियां, दुर्गंध से बढ़ी परेशानी - Unnao News

Published on 15 सित॰ 2026

उन्नाव में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे:बाढ़ प्रभावित इलाकों में अभी भी दुश्वारियां, दुर्गंध से बढ़ी परेशानी

उन्नाव2 घंटे पहले

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उन्नाव में गंगा का पानी उतरा, बाढ़ प्रभावित इलाकों में दुर्गंध से लोग परेशान। - Dainik Bhaskar

उन्नाव में गंगा का पानी उतरा, बाढ़ प्रभावित इलाकों में दुर्गंध से लोग परेशान।

उन्नाव में पिछले हफ्ते गंगा के बढ़े जलस्तर से तबाही मची थी, लेकिन अब नदी का पानी धीरे-धीरे कम होने लगा है। रविवार को जलस्तर में दो सेंटीमीटर की मामूली कमी देखी गई। इसके बाद सोमवार को करीब छह सेंटीमीटर और मंगलवार को सात सेंटीमीटर की गिरावट रिकॉर्ड की गई।

मंगलवार को गंगा का जलस्तर 112.980 मीटर पहुंच गया। इससे नदी खतरे के निशान 113 मीटर से नीचे आ गई है, हालांकि यह अभी भी चेतावनी बिंदु से ऊपर बह रही है। जलस्तर में लगातार कमी से बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत की उम्मीद मिली है, लेकिन तटीय और आवासीय इलाकों में परेशानियां अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं।

बाढ़ प्रभावित इलाकों में कीचड़-दुर्गंध से परेशानी जारी।

बाढ़ प्रभावित इलाकों में कीचड़-दुर्गंध से परेशानी जारी।

केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, रविवार शाम छह बजे गंगा का जलस्तर 113.10 मीटर रिकॉर्ड किया गया था। सोमवार सुबह यह घटकर 113.050 मीटर पहुंच गया। मंगलवार को इसमें करीब सात सेंटीमीटर की और गिरावट देखी गई और जलस्तर 112.980 मीटर हो गया।

खतरे के निशान से नीचे आने के बावजूद कई इलाकों में बाढ़ का पानी अब भी जमा है। कुछ मोहल्लों में लोग नाव के सहारे आना-जाना कर रहे हैं, जबकि कई परिवार घरों में ही रहने को मजबूर हैं। जलस्तर में कमी का दौर जारी रहने से आने वाले दिनों में हालात सामान्य होने की संभावना है।

गंगाघाट क्षेत्र के कर्बला, गोताखोर, हुसैन नगर और तेजी पुरवा समेत कई मोहल्लों में अभी भी बाढ़ का पानी जमा है। कुछ जगहों पर घरों के बाहर कमर से ऊपर तक पानी भरा होने से लोगों को नाव के जरिए आना-जाना करना पड़ रहा है। हालांकि, अंदरूनी इलाकों में पानी कम होने से लोगों को थोड़ी राहत मिली है।

जलस्तर घटने के साथ घरों और गलियों में जमा पानी भी धीरे-धीरे कम हो रहा है। पानी कम होने के बाद अब दुर्गंध ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। कई दिनों तक पानी में डूबे पेड़-पौधे और वनस्पतियां सड़ने लगी हैं। धूप निकलने पर इनसे तेज दुर्गंध उठ रही है।

स्थानीय लोगों ने बाढ़ का पानी पूरी तरह निकलने के बाद प्रभावित इलाकों में सफाई कराने और कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करने की मांग की है। गंगा का जलस्तर बढ़ने के दौरान श्रीनगर, गंगा नगर, रविदास नगर, आलम नगर, कंचन नगर और भातूफार्म समेत कई रिहायशी मोहल्लों में पानी पहुंच गया था।

जलस्तर कम होने के बावजूद इन इलाकों में कई स्थानों पर पानी जमा है। इससे लोगों को घरों से निकलने, आवागमन और रोजमर्रा के कामकाज में परेशानी हो रही है। प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य जारी है।

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