समुद्र मंथन' प्रोजेक्ट पर मिली पहली बड़ी कामयाबी, ओडिशा तट पर मिला गैस का खजाजा

Published on 21 सित॰ 2026

समुद्र मंथन’ प्रोजेक्ट पर मिली पहली बड़ी कामयाबी, ओडिशा तट पर मिला गैस का खजाजा

ओएनजीसी की ओर से ओडिशा के पास समुद्र मंथन कैंपेन के तहत नेचुरन गैस की खोज की है.

ओडिशा के कोणार्क तट से महज 43 किलोमीटर दूर महानदी बेसिन के गहरे समुद्र में ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन (ONGC) को नेचुरल गैस का बड़ा भंडार मिला है. सरकार के महत्त्वाकांक्षी ‘समुद्र मंथन’ डीपवॉटर एक्सप्लोरेशन कैंपेन के तहत खोदे गए पहले ही गहरे कुएं में करीब 1,450 मीटर की गहराई पर गैस का यह नया फ्लो मिला है, जो लगातार मजबूत प्रेशर बनाए हुए है. तट से काफी करीब होने के कारण इस नए गैस ब्लॉक से जल्द उत्पादन शुरू करना और गैस की सप्लाई आसान होगी. PNG रूल्स 2025 के तहत पहले से मौजूद इंफ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल कर इस खोज को तेजी से कमर्शियलाइज किया जा सकेगा, जिससे भारत की महंगे फ्यूल इंपोर्ट पर निर्भरता घटेगी और घरेलू ऊर्जा सुरक्षा को बड़ा बूस्ट मिलेगा.

#ONGC strikes gas in the deep waters of Mahanadi Basin.

MDW-28, the maiden well of ONGCs current deepwater campaign in the Mahanadi Basin is flowing gas with encouraging rates and sustained reservoir pressure.

The campaign was launched on 25 July 2026 by Hon’ble Minister of pic.twitter.com/whAV8TubIK

— Oil and Natural Gas Corporation Limited (ONGC) (@ONGC_) September 21, 2026

कहां मिला गैस का खजाना

सरकारी तेल एवं गैस कंपनी ओएनजीसी ने सोमवार को कहा कि उसे ओडिशा तट के पास गहरे समुद्र में प्राकृतिक गैस का भंडार मिला है. व्यावसायिक रूप से व्यावहारिक पाए जाने पर इस खोज का तेजी से विकास और दोहन किया जा सकता है. ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन (ओएनजीसी) ने बयान में कहा कि कंपनी ने गहरे समुद्री एक्सप्लोरेशन अभियान समुद्र मंथन के तहत कोणार्क से करीब 43 किलोमीटर दूर महानदी अपतटीय बेसिन के एमएन-डीडब्ल्यू18-1-एच-डी कुएं में 18 सितंबर को यह खोज की.

तीन दिनों से निकल रही गैस

कंपनी ने बताया कि महानदी बेसिन में अभियान के तहत खोदा गया यह उसका पहला कुआं है. इसे 1,623 मीटर की लक्षित गहराई तक खोदा गया और 1,441 से 1,452 मीटर की गहराई पर गैस मिली. ओएनजीसी के अनुसार, कुएं से पिछले तीन दिनों से गैस निकल रही है और इसका प्रवाह एवं दबाव उत्साहजनक बना हुआ है. हालांकि, यह खोज आगे के मूल्यांकन और व्यावसायिक आकलन के अधीन है. कंपनी ने कहा कि ओडिशा तट से अपेक्षाकृत कम दूरी होने के कारण इस खोज का तेजी से मौद्रीकरण किया जा सकता है, बशर्ते यह व्यावसायिक रूप से व्यावहारिक साबित हो. बयान के मुताबिक, ऐसे विकास को पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस नियम, 2025 के तहत मदद मिल सकती है. इस नियम के तहत साझा बुनियादी ढांचे के जरिये क्षेत्र के गहरे समुद्री संसाधनों को उत्पादन में लाया जा सकता है.

सौरभ शर्मा

सौरभ शर्मा

2008 से शेयर मार्केट, इकोनॉमी और कमोडिटी कवर कर रहे हैं. टीवी9 के साथ जुड़ने से पहले डीएनए, ए​शियानेट, जनसत्ता, दैनिक जागरण और राजस्थान पत्रिका जैसे कई बड़े संस्थानों के साथ भी जुड़े रहे.

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