भोपाल, 21 सितंबर 2026: आयुक्त लोक शिक्षण श्री अभिषेक सिंह ने एक ऐसे उच्च माध्यमिक शिक्षक को सस्पेंड कर दिया है जो मध्य प्रदेश के अन्य शिक्षकों को ई-अटेंडेंस के खिलाफ भड़काकर पैसा बना रहे थे। लगभग 1 महीने की इंटरनल इंक्वारी के बाद यह कदम उठाया गया है। दरअसल, मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965, सरकारी कर्मचारियों को सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों की आलोचना करने और विरोध करने का अधिकार देता है लेकिन इस स्वतंत्रता की आड़ में राजनीति करने, जनता को सरकार के खिलाफ भड़काने एवं सरकारी नौकरी करते हुए दूसरे किसी भी माध्यम से पैसा कमाने की अनुमति नहीं देता।
रीवा में शिक्षक की मृत्यु के लिए ई-अटेंडेंस को जिम्मेदार बताया था
आयुक्त लोक शिक्षण मध्यप्रदेश ने आदेश जारी कर कहा है कि श्री मनीष सागर, उच्च माध्यमिक शिक्षक, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय हरीक्षा, विकासखण्ड मेहगांव जिला भिण्ड द्वारा दिनांक 22 अगस्त 2026 को रात्रि 10:12 बजे शासकीय प्राथमिक शाला चोटिया/झोटिया, विकासखण्ड त्योधर, जिला रीवा, म.प्र. में पदस्थ प्राथमिक शिक्षक श्री प्रकाश सिंह की मृत्यु के संबंध में मध्यप्रदेश शासन, स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा संचालित ई-अटेंडेंस प्रक्रिया को जिम्मेदार दर्शाते हुए सोशल मीडिया (फेसबुक) पर अपने अकाउंट "मनीष सागर Digital Content Creator, Govt. Lecturer Department of School Education, MP" पर स्वयं को स्वघोषित करते हुए पोस्ट डाली गई।
आरोप: मनीष सागर, पैसा कमाने के लिए सोशल मीडिया पर पोस्टिंग करते हैं
पूर्व में भी श्री सागर द्वारा सोशल मीडिया X (Twitter) पर अपने अकाउंट @Manish SGR1 से ई-अटेंडेंस को लेकर पोस्टें डाली गईं, जिनमें स्पष्टतः स्कूल शिक्षा विभाग, मध्यप्रदेश शासन की छवि को धूमिल किया गया है। श्री सागर द्वारा दिनांक 15 अगस्त 2026 को अपने सोशल मीडिया X (Twitter) अकाउंट @Manish_SGR1 से की गई पोस्टों के आधार पर सोशल मीडिया से स्वयं को पैसे प्राप्त होने संबंधी एक अन्य पोस्ट भी अंकित की गई है, जिससे यह स्पष्ट है कि श्री सागर द्वारा निजी हितलाभ अर्जित करने एवं अन्य शिक्षकों को ई-अटेंडेंस के विरुद्ध उकसाने तथा गलत संदर्भ में भ्रामक जानकारी फैलाने का कृत्य किया गया है। इस प्रकार श्री मनीष सागर, उच्च माध्यमिक शिक्षक का उक्त कृत्य मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 3 के उपनियम (1), (2) एवं (3) का स्पष्ट उल्लंघन होकर कदाचरण की श्रेणी में आता है।
अतः श्री मनीष सागर, उच्च माध्यमिक शिक्षक, शासकीय उत्तर माध्यमिक विद्यालय हरीक्षा, विकासखण्ड मेहगांव जिला भिण्ड को उपर्युक्त कदाचरण के परिणामस्वरूप मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के नियम 9 के अंतर्गत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाकर उनका मुख्यालय कार्यालय विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी अटेर, जिला भिण्ड, म.प्र. नियत किया जाता है।
