अजीत डोभाल पर राहुल गांधी के बयान से भड़की बीजेपी, उत्तराखंड भर में फूंके कांग्रेस के पुतले - Doon Horizon

Published on 21 सित॰ 2026

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल पर राहुल गांधी की टिप्पणी के खिलाफ उत्तराखंड में बीजेपी आक्रामक हो गई है। बीजेपी ने इसे देवभूमि का अपमान करार देते हुए प्रदेश भर में प्रदर्शन किया।

दून हॉराइज़न, देहरादून (21 सितंबर) : राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (National Security Advisor) अजीत डोभाल को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी की हालिया टिप्पणी ने उत्तराखंड के सियासी पारे को एकाएक गरमा दिया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इसे महज एक प्रशासनिक अधिकारी पर छींटाकशी न मानकर सीधे देवभूमि की अस्मिता और पहाड़ के मान-सम्मान पर हमला करार दिया।

आक्रोश की यह चिंगारी सोमवार को राजधानी देहरादून की सड़कों से लेकर प्रदेश के तमाम जिला मुख्यालयों तक साफ नजर आई, जहां पार्टी कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस नेतृत्व के पुतले फूंककर जोरदार नारेबाजी की।

‘पहाड़ के सपूतों का अपमान बर्दाश्त से बाहर’

देहरादून स्थित प्रदेश पार्टी कार्यालय में मीडिया से मुखातिब होते हुए प्रदेश महामंत्री कुंदन परिहार ने तीखे तेवर दिखाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पौड़ी गढ़वाल की माटी से निकले अजीत डोभाल ने दशकों तक राष्ट्रीय सुरक्षा के मोर्चे पर जो बेमिसाल योगदान दिया है, उस पर हर उत्तराखंडी फक्र महसूस करता है।

परिहार के मुताबिक, देश के शीर्ष सुरक्षा नीति निर्माता का उपहास उड़ाना असल में उस माटी का उपहास उड़ाना है जिसने सीमा की हिफाजत के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले सपूत पैदा किए हैं। ऐसे गैर-जिम्मेदाराना बयानों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

पुरानी कड़वाहटें और इतिहास के पन्नों से वार

प्रेस वार्ता में मौजूद धर्मपुर विधायक और पार्टी के वरिष्ठ प्रदेश प्रवक्ता विनोद चमोली ने कांग्रेस पर सुनियोजित तरीके से राज्य की कद्दावर शख्सियतों को नीचा दिखाने का आरोप जड़ा। चमोली ने पुराने प्रसंगों की परतें उधेड़ते हुए कहा कि यह कोई इकलौती घटना नहीं। उन्होंने याद दिलाया कि देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत के लिए किस तरह के अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया था।

बात यहीं नहीं रुकी। उन्होंने ‘हिमालय पुत्र’ के नाम से विख्यात पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय हेमवती नंदन बहुगुणा के दौर की खींचतान का भी जिक्र किया। चमोली का सीधा आरोप था कि इंदिरा गांधी के जमाने में बहुगुणा को सियासी तौर पर कमजोर करने की साजिशें रची गईं, और बाद के वर्षों में पूर्व सीएम विजय बहुगुणा के साथ भी वही सलूक दोहराया गया।

राज्य में आगामी निकाय चुनावों और जमीनी राजनीतिक सरगर्मियों के बीच बीजेपी इस मुद्दे को शांत नहीं पड़ने देना चाहती। पार्टी के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने भी साफ कर दिया कि यदि कांग्रेस ने अपनी इस विभाजनकारी और अपमानजनक बयानबाजी पर सार्वजनिक खेद नहीं जताया, तो पार्टी का यह प्रतिरोध आने वाले दिनों में हर ब्लॉक और पंचायत स्तर तक ले जाया जाएगा।