पितृपक्ष मेला;रेलवे स्टेशन पर भीड़ कंट्रोल के लिए होल्डिंग एरिया:शहर में बदली रहेगी ट्रैफिक, विष्णुपद मंदिर तक पैदल जाना होगा; भोजन, आवास समेत पार्किंग की व्यवस्था
गया3 घंटे पहले
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गयाजी में आज से पितृपक्ष मेले की शुरूआत हो रही है। 25 सितंबर से 10 अक्टूबर तक पितृपक्ष मेला चलेगा। देश के अलग-अलग हिस्सों से लाखों श्रद्धालु आएंगे। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, पार्किंग, आवासन, स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर बिहार सरकार की पहल पर जिला प्रशासन की ओर से खास इंतजाम किए गए हैं। श्रद्धालुओं की मदद के लिए कंट्रोल रूम भी एक्टिव है। फोन कर मेला क्षेत्र, घाट, वेदी, ठहरने और यातायात की जानकारी ली जा सकती है।
किसी तरह की परेशानी हो तो 9266628168 पर कॉल कर सकते हैं। जिला प्रशासन की वेबसाइट पर 0631-2222333 को भी कंट्रोल रूम नंबर के तौर पर दिया गया है। खोया-पाया, पुलिस कैंप, स्वास्थ्य केंद्र और दूसरी जरूरी सुविधाओं की जानकारी भी उपलब्ध कराई जा रही है।
भीड़ कंट्रोल के लिए होल्डिंग एरिया बनाया गया
रेलवे स्टेशन पर श्रद्धालुओं की भीड़ को संभालने के लिए होल्डिंग एरिया बनाया गया है। यहां पेयजल, शौचालय और खान-पान की व्यवस्था रहेगी। जरूरत के अनुसार गयाजी से पटना और गयाजी से डीडीयू के बीच स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएंगी। विष्णुपद मंदिर परिसर में रेलवे का विशेष टिकट काउंटर भी बनाया जा रहा है। इससे वापसी का टिकट लेने के लिए स्टेशन तक आने की परेशानी कम होगी।
आपके साथ छोटे बच्चे हैं तो जिला प्रशासन के कैंप से क्यूआरकोड लेकर गले मे डाल दें। ताकि बच्चे के खोने की स्थिति पुलिस-प्रशासन की टीम आसानी से आप तक पहुंच सकेगी। क्यूआरकोड में अभिभावक की पूरी डिटेल होगी जिसके आधार पर जिला प्रशासन के कर्मी आपके बच्चे के साथ पहुंच जाएंगे। रेलवे स्टेशन से विष्णुपद महज 3 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। ऑटो या ई रिक्शा से जा सकते हैं। सरकार की ओर किराया फिक्स किया गया है। साथ ही निशुल्क लाभ उठा सकते हैं।
लोगों के लिए पार्किंग की व्यवस्था
पितृपक्ष में शहर के अंदर वाहनों का दबाव बढ़ता है। इसलिए बाहर बनाए गए पार्किंग स्थलों का इस्तेमाल करना होगा। मेले की व्यवस्था के तहत सिकड़िया मोड़, गयाजी कॉलेज खेल परिसर, कॉलरा अस्पताल मैदान, प्रेतशिला के पास किसान कॉलेज, केंदूई सूर्य मंदिर, आईटीआई-पॉलिटेक्निक, भुसंडा समेत कई जगहों पर वाहनों की पार्किंग कराई गई थी। ट्रैफिक व्यवस्था के अनुसार ही वाहन पार्क करें। प्रशासन ने पार्किंग स्थलों पर बुनियादी सुविधाएं देने की तैयारी की है।
विष्णुपद मंदिर तक पैदल जाना होगा
पार्किंग से आगे ई-रिक्शा, ऑटो या दूसरे निर्धारित वाहनों की सुविधा प्रशासन की ओर से की गई है। विष्णुपद के आसपास भीड़ के हिसाब से वाहनों पर रोक लगाई गई है। यहां से पैदल ही विष्णुपद मन्दिर जाना होगा। मन्दिर के पास ही कंट्रोल रूम सक्रिय है। यहां से आप पिंडदान से सम्बंधित तमाम जानकारी हासिल कर सकते है। आप अपने क्षेत्र के पंडा की भी जानकारी ले सकते हैं।
रहने की व्यवस्था की गई है
होटल, धर्मशाला, गेस्ट हाउस के अलावा प्रशासन की ओर से आवासन स्थलों और टेंट सिटी की व्यवस्था की गई है। सरकारी व्यवस्था में बिस्तर, पानी, शौचालय, रोशनी और चिकित्सा सुविधा उपलब्ध है। जिला प्रशासन ने 70 हजार लोगों के आवासन की ठोस व्यवस्था स्कूल , कॉलेज और टेंट सिटी में की है। खास बात यह कि सभी निशुल्क हैं।
पहले से बुकिंग कर सकते हैं श्रद्धालु
इस बात की जानकारी स्टेशन पर लगे जिला प्रशासन के हेल्प काउंटर से ले सकते हैं। वहां पुलिस से भी सहयोग ले सकते है। होटल या निजी आवासन में रुकने वाले श्रद्धालु पहले से बुकिंग कर लेते हैं। यही नहीं प्रशासन की पिंडदान वेबसाइट पर आवासन और टूर एंड ट्रैवल से जुड़ी हर छोटी बड़ी जानकारी उपलब्ध है। इसके अलावा पंडा जी भी बड़ी संख्या में अपने धर्मशाला व होटल में अपने तीर्थ यात्रियों को ठहराते हैं। पंडा भी अपने यजमान को हर संभव सुविधा देते हैं।

पूजा और दक्षिणा का कितना खर्च होगा?
पिंडदान की पूजा सामग्री पर मामूली खर्च होते हैं। पूजा सामग्री, दान और पंडा की दक्षिणा का खर्च सभी के लिए एक जैसा तय नहीं है। पूजा कितनी वेदियों पर होगी, कौन-सी सामग्री लगेगी और पुरोहित से क्या सेवा ली जा रही है, इसके हिसाब से खर्च बदल सकता है। इसलिए पूजा शुरू कराने से पहले सामग्री, पूजा और दक्षिणा की राशि स्पष्ट कर लेना बेहतर होगा। किसी अनजान व्यक्ति को मनमाना भुगतान न करें।
सरकारी स्तर पर कुछ पर्यटन पैकेजों की दरें अलग से जारी की गई है। इन्हें सामान्य पिंडदान की अनिवार्य कीमत नहीं समझना चाहिए। यही नहीं यदि आपके पास पैसा दान दक्षिणा के लिए नहीं है तो भी टेंशन न लें। आप अपने क्षेत्र के पंडा जी सम्पर्क करें। आपकी समस्या का निदान किया जाएगा।



बच्चों और बुजुर्गों का खास ध्यान
भीड़ में बच्चों और बुजुर्गों को अकेला न छोड़ें। बच्चे के कपड़े में परिवार का मोबाइल नंबर लिखकर रखें। प्रशासन की ओर से खोया-पाया केंद्र बनाए गए हैं। बच्चा या कोई परिजन बिछड़ जाए तो तुरंत नजदीकी पुलिस/खोया-पाया केंद्र जाएं।
जीविका “दीदी की रसोई”
श्रद्धालुओं को मात्र ₹30 में स्वच्छ व गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने के लिए 05 स्थानों पर दीदी की रसोई शुरू की गई है।

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