यात्रा
भारत के रेलवे स्टेशन जहां प्लेटफॉर्म पर ही मिलता है शहर का असली जायका, रेल से उतरते ही शुरू हो जाता है स्वाद का सफर
- Authored by: गुलशन कुमार
- Updated Jul 17, 2026, 10:03 AM IST
Famous Railway Station Food: भारत में रेल का सफर केवल यात्रा तक सीमित नहीं होता है, बल्कि यह एक पूरा अनुभव बन जाता है। जी हां आज हम आपको देश के ऐसे रेलवे स्टेशनों के बारे में बताएंगे, जहां आपको प्लेटफॉर्म पर ही शहर का असली स्वाद चखने को मिल जाएगा।
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रेलवे स्टेशन पर लोकल फूड का स्वाद
Famous Railway Station Food: भारत में रेल यात्रा सिर्फ एक शहर से दूसरे शहर तक पहुंचने का जरिया नहीं, बल्कि देश के अलग-अलग स्वादों से मिलने का सबसे आसान रास्ता भी है। कई रेलवे स्टेशन ऐसे हैं, जहां ट्रेन रुकते ही यात्रियों की नजर सबसे पहले खाने के स्टॉल पर जाती है। दिलचस्प बात यह है कि इन जगहों पर मिलने वाले कई फूड्स दशकों से यात्रियों की पहली पसंद बने हुए हैं। अगर आप अगली ट्रेन यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो इन स्टेशनों पर मिलने वाले स्थानीय स्वाद को अपनी ट्रैवल बकेट लिस्ट में जरूर शामिल करें। आइए जानते हैं देश के 5 प्रमुख रेलवे स्टेशनों (Railway Station Food) के बारे में जहां आपको खाने का स्वाद लेने का मौका मिलेगा?
1. पटना जंक्शन
यदि सफर के दौरान आपकी ट्रेन पटना जंक्शन पर कुछ देर रुकती है और आपके पास थोड़ा समय है, तो स्टेशन के बाहर मिलने वाला लिट्टी-चोखा जरूर चखें। सत्तू से भरी लिट्टी को लकड़ी के कोयले पर सेंका जाता है और बैंगन, आलू व टमाटर के चोखे के साथ परोसा जाता है। यहां कई पुराने फूड स्टॉल सुबह से देर रात तक खुले रहते हैं। एक प्लेट की औसत कीमत 40-80 रुपए के बीच रहती है। प्लेटफॉर्म पर भी कई रजिस्टर्ड विक्रेता और IRCTC e-Catering के जरिए भी इसका स्वाद लिया जा सकता है।
2. मथुरा जंक्शन
मथुरा पहुंचे और पेड़ा नहीं खरीदा, तो यात्रा अधूरी मानी जाती है। स्टेशन परिसर और आसपास कई पुरानी मिठाई की दुकानें हैं, जहां ताजे खोए से बने पेड़े मिलते हैं। स्थानीय दुकानदार बताते हैं कि त्योहारों और वीकेंड पर हजारों किलो पेड़े बिकते हैं। यात्रा के दौरान पैक्ड पेड़ा खरीदना बेहतर रहता है, ताकि लंबी दूरी तक इसकी गुणवत्ता बनी रहे।
3. रतलाम जंक्शन
सुबह के समय रतलाम जंक्शन पहुंचने वाली ट्रेनों में एक अलग ही हलचल देखने को मिलती है। ट्रेन रुकते ही कई यात्री सबसे पहले प्लेटफॉर्म पर मिलने वाले गर्मागर्म पोहे की तलाश करते हैं। इसकी सबसे बड़ी खासियत है रतलामी सेव, जिसमें लौंग और काली मिर्च का हल्का तीखापन इसे बाकी शहरों के पोहे से अलग बनाता है। स्थानीय फूड वेंडर्स के अनुसार सुबह 5 बजे से ताजा पोहा तैयार होना शुरू हो जाता है। सामान्य तौर पर 20-40 रुपए में एक प्लेट मिल जाती है। बहुत से यात्री सुबह नाश्ते के तौर पर पोहा खाना खूब पसंद करते हैं।
4. नागपुर स्टेशन
नागपुर का नाम सुनते ही संतरे याद आते हैं, लेकिन यहां का तर्री पोहा भी तेजी से लोकप्रिय हुआ है। सामान्य पोहे के ऊपर मसालेदार चना तर्री डाली जाती है, जिससे इसका स्वाद बिल्कुल अलग हो जाता है। अगर ट्रेन सुबह के समय पहुंचती है, तो प्लेटफॉर्म के अधिकृत फूड स्टॉल पर यह आसानी से मिल जाता है। कीमत लगभग 30-50 रुपए के बीच रहती है। इसके साथ में नागपुर के ताजे संतरे या संतरे से बने उत्पाद भी खरीद सकते हैं।
5. विजयवाड़ा
विजयवाड़ा जंक्शन दक्षिण भारत के प्रमुख रेलवे स्टेशनों में गिना जाता है। यहां इडली, मेदु वड़ा, डोसा और मसालेदार आंध्रा बिरयानी यात्रियों की पसंदीदा डिश हैं। सुबह के समय ताजा इडली-सांभर सबसे ज्यादा बिकती है, जबकि दोपहर में बिरयानी की मांग बढ़ जाती है।
स्मार्ट ट्रैवलर बनें
सफर के दौरान कुछ भी खाने से पहले यह जरूर ध्यान रखें कि हर स्वादिष्ट चीज सुरक्षित भी हो, यह जरूरी नहीं है। इसलिए हमेशा अधिकृत या भीड़भाड़ वाले फूड स्टॉल से ही खाना खरीदें। यदि ट्रेन का स्टॉपेज कम है, तो पहले से IRCTC e-Catering के जरिए खाना बुक करना सुविधाजनक विकल्प हो सकता है।
रेल यात्रा के साथ लोकल फूड का स्वाद
भारत के रेलवे स्टेशन केवल ट्रांजिट पॉइंट नहीं हैं, बल्कि स्थानीय संस्कृति और खानपान की जीवंत झलक भी हैं। हर स्टेशन अपने शहर की पहचान प्लेटफॉर्म तक लेकर आता है। अगली बार जब आपकी ट्रेन इन स्टेशनों पर रुके, तो कुछ मिनट निकालकर वहां के स्थानीय स्वाद को जरूर आजमाएं।
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गुलशन कुमारauthor
गुलशन कुमार टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के हेल्थ सेक्शन से जुड़े हैं। फिटनेस और योग के प्रति उनकी रुचि उन्हें हेल्थ जर्नलिज्म की ओर लेकर आई, जहां वे आम लोगों की जीवनशैली, सेहत और वेलनेस से जुड़े विषयों पर लगातार काम कर रहे हैं। गुलशन अबतक 2,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। उनके लेखों में आसान भाषा में दी गई जानकारी, रिसर्च-बेस्ड टिप्स और रोजमर्रा की सेहत से जुड़े विषयों की स्पष्ट समझ दिखाई देती है। हेल्थ अवेयरनेस को बढ़ावा देना, फिटनेस को सरल तरीके से समझाना और बेहतर लाइफस्टाइल के लिए उपयोगी सुझाव देना—गुलशन की लेखन शैली की खासियत है।
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