
तिरुवनंतपुरम, 14 अक्टूबर (आईएएनएस)। उत्तर-पूर्वी मानसून के आगमन के साथ ही केरल में भारी बारिश की आशंका है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने गुरुवार को चार जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
पथानामथिट्टा, कोट्टायम, एर्नाकुलम और इडुक्की में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। अलर्ट के अनुसार, अगले 24 घंटों में कुछ स्थानों पर 115.6 मिमी से 204.4 मिमी तक अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है।
आठ अन्य जिले, तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, अलाप्पुझा, त्रिशूर, पलक्कड़, मलप्पुरम, कोझिकोड, और वायनाड के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। आईएमएडी का कहना है कि इन जिलों में अगले 24 घंटों में 64.5 मिमी से 115.5 मिमी तक भारी बारिश की संभावना है।
गुरुवार को कासरगोड और कन्नूर ही ऐसे जिले हैं जिन पर कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है।
मौसम विभाग ने शुक्रवार को उत्तरी केरल में बारिश की तीव्रता बढ़ने की चेतावनी दी है, जिससे कई इलाकों में भारी बारिश की संभावना है।
तेज हवाओं, गरज और बिजली गिरने के साथ अचानक बारिश होने की भी आशंका है।
मौसम में तेजी से होने वाले बदलाव की संभावना को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने और मौसम संबंधी अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
उत्तर-पूर्वी मानसून दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत के लिए वर्षा का एक महत्वपूर्ण स्रोत है।
केरल में दक्षिण-पश्चिमी और उत्तर-पूर्वी मानसून दोनों ऋतुओं में वर्षा होती है, हालांकि उत्तर-पूर्वी मानसून का राज्य की वार्षिक वर्षा में योगदान दक्षिण-पश्चिमी मानसून की तुलना में आमतौर पर कम होता है।
उत्तर-पूर्वी मानसून का मौसम आमतौर पर अक्टूबर से दिसंबर तक रहता है।
इसकी वर्षा तमिलनाडु और दक्षिण भारत के आसपास के क्षेत्रों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, जबकि केरल में भी इस अवधि के दौरान भारी वर्षा हो सकती है।
मौसम विभाग के अनुसार, लोगों को गरज के साथ बारिश के दौरान अकेले पेड़ों के नीचे शरण लेने से बचना चाहिए और बिजली गिरने पर खुले क्षेत्रों, जल निकायों और खुले स्थानों से दूर रहना चाहिए।
पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वालों को भूस्खलन की आशंका के प्रति सतर्क रहना चाहिए, जबकि निचले इलाकों में रहने वालों को तेज बारिश के दौरान स्थानीय जलभराव के प्रति सावधान रहना चाहिए।
जनता को सलाह दी गई है कि बारिश की स्थिति में बदलाव होने पर आधिकारिक मौसम बुलेटिन और आपदा प्रबंधन अधिकारियों के निर्देशों का पालन करें।
--आईएएनएस
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