​‘अमित शाह के बेटे को क्रिकेट बोर्ड का मुखिया बनाया, यूपी के युवाओं को गोबर-गोमूत्र से रोजगार की नसीहत’ - सुल्तानपुर में जमकर गरजे संजय सिंह - Up18 News

Published on 15 अक्टू॰ 2026

सुल्तानपुर: उत्तर प्रदेश में आम आदमी पार्टी (AAP) जनहित, शिक्षा, रोजगार और युवाओं के बुनियादी मुद्दों को पूरी मुखरता के साथ जमीन पर उठाने में जुटी हुई है। इसी सिलसिले के तहत जनपद सुल्तानपुर की जयसिंहपुर विधानसभा क्षेत्र में एक भव्य जनसभा और कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस विशाल जनसभा में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे आम आदमी पार्टी के उत्तर प्रदेश प्रभारी एवं राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए केंद्र की मोदी सरकार और प्रदेश की योगी सरकार पर तीखे राजनीतिक प्रहार किए। उन्होंने राज्य में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों, अग्निवीर योजना के जरिए युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़, धड़ल्ले से बंद हो रहे सरकारी विद्यालयों और चौतरफा फैले भ्रष्टाचार को लेकर दोनों सरकारों को आड़े हाथों लिया।

अमित शाह के बेटे और रोजगार के मुद्दे पर तीखा तंज

​सांसद संजय सिंह ने सेना भर्ती के लिए लाई गई ‘अग्निवीर’ योजना को देश के युवाओं के भविष्य के साथ एक क्रूर मजाक करार दिया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश और सुल्तानपुर की माताएं अपने होनहार बच्चों को देश की सेवा और सीमा की हिफाजत के लिए तैयार करती थीं, लेकिन मोदी सरकार ने उन्हें महज 4 साल की संविदा की नौकरी थमा दी, जिसमें न तो पेंशन की कोई गारंटी है और न ही मेडिकल सुविधा मिलती है।

​तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को चाहिए कि वे पहले भाजपा के सभी विधायकों, सांसदों और मंत्रियों के बेटों को अग्निवीर बनाएं, और उनके 35,000 रुपये वेतन का सारा खर्च आम आदमी पार्टी चंदा जुटाकर खुद वहन कर लेगी। उन्होंने तीखा सवाल उठाते हुए कहा कि बीसीसीआई में अमित शाह के बेटे को क्रिकेट बोर्ड का मुखिया बना दिया जाता है, जबकि उत्तर प्रदेश के होनहार नौजवानों को गोबर और गोमूत्र से रोजगार तलाशने की अजीबोगरीब नसीहत दी जाती है।

​24 करोड़ नौकरियों का हिसाब और भर्ती घोटालों पर घेराव

प्रदेश में चरम पर पहुंच चुकी बेरोजगारी और आए दिन लीक हो रहे भर्ती पेपरों पर योगी सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए सांसद संजय सिंह ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में सिपाही, दरोगा, शिक्षक, प्रोफेसर, डॉक्टर, इंजीनियर, पीसीएस-जे और नीट जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं के पेपर लीक हो रहे हैं। हर साल देश के 2 करोड़ युवाओं को रोजगार देने का वादा करने वाली मोदी सरकार के 12 वर्षों के कार्यकाल के हिसाब से अब तक कुल 24 करोड़ युवाओं को नौकरियां मिल जानी चाहिए थीं, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि युवा सड़कों पर पुलिस की लाठियां खाने को मजबूर हैं।

​उन्होंने पार्टी के मुख्य प्रवक्ता वंशराज दुबे के संघर्षों की सराहना करते हुए कहा कि छात्रों और युवाओं के हक की लड़ाई के लिए प्रयागराज से लखनऊ तक लंबी पदयात्रा करने वाले और लाठियां खाने वाले ये नौजवान ही आने वाले समय में इस तानाशाही सत्ता का अंत करेंगे।

सरकारी स्कूलों के बंद होने और शराब की दुकानों पर बड़ा बयान

राज्य की शिक्षा व्यवस्था की बदहाली पर कड़ा रुख अपनाते हुए संजय सिंह ने आरोप लगाया कि योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश के करीब 27 हजार सरकारी स्कूलों को बंद करने का बड़ा पाप किया है, जबकि इसके ठीक उलट पूरे प्रदेश में धड़ल्ले से 27 हजार नई शराब की दुकानें खोल दी गईं। आज सूबे के सरकारी स्कूलों में मासूम बच्चे टाट-पट्टी पर बैठकर नमक-रोटी खाने को मजबूर हैं और कई परिसरों में शराब की खाली बोतलें बरामद होती हैं।

इसके विपरीत, उन्होंने दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां के सरकारी स्कूलों को विश्वस्तरीय वातानुकूलित (AC) बनाया गया, बेहतरीन स्विमिंग पूल व शानदार खेल मैदान दिए गए, माताओं-बहनों के लिए मुफ्त बस यात्रा, मुफ्त बिजली-पानी और ‘फरिश्ता’ योजना जैसी जनसुविधाएं उपलब्ध कराई गईं।

​सांसद ने आरोप लगाया कि जब जनता सड़क, अस्पताल, बिजली, पानी और शिक्षा जैसे बुनियादी अधिकार मांगती है, तो प्रधानमंत्री और भाजपा के तमाम नेता श्मशान और कब्रिस्तान का राग अलाप कर समाज को बांटने का काम करते हैं। उन्होंने स्थानीय पारस पट्टी में पानी की टंकी के निर्माण में हुए कथित भ्रष्टाचार और प्रभु श्री राम मंदिर के नाम पर चंदे में हुई धांधली का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा का असली चरित्र “राम नाम जपना, पराया माल अपना” बन चुका है।

​कार्यकर्ताओं को मिला आगामी रणनीतिक निर्देश

अपने संबोधन के अंत में सांसद संजय सिंह ने पार्टी कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि अब वक्त आ गया है कि वोट चोरी और तानाशाही रवैये के खिलाफ गांव-गांव जाकर आम जनता को जागरूक किया जाए। उन्होंने सभी पार्टी पदाधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि आगामी एक महीने के भीतर प्रत्येक गांव में मजबूत बूथ कमेटियों का गठन किया जाए। इसके बाद जयसिंहपुर विधानसभा क्षेत्र में 5 हजार कार्यकर्ताओं का एक ऐतिहासिक सम्मेलन आयोजित किया जाएगा, ताकि आगामी समय में विधानसभा क्षेत्र में आम आदमी पार्टी का परचम पूरी मजबूती के साथ लहराया जा सके।