जयपुर की एक और हवेली से निकली खजाने वाली तिजोरियां: एक ठेकेदार लेकर भागा; परिवार का दावा- दादी ने कहा था यहां है सोने-चांदी का भंडार - Jaipur News

Published on 19 जुल॰ 2026

जयपुर की एक और हवेली से निकली खजाने वाली तिजोरियां:एक ठेकेदार लेकर भागा; परिवार का दावा- दादी ने कहा था यहां है सोने-चांदी का भंडार

जयपुर31 मिनट पहलेलेखक: महेंद्र सैनी

  • कॉपी लिंक

जयपुर में करीब 250 साल पुरानी बंबई वालों की हवेली की दीवार से खजाने वाली दो तिजोरी निकलने का दावा किया गया है। परिवार का आरोप है कि इनमें से एक छोटी तिजोरी खुदाई करने वाला ठेकेदार चोरी-छिपे ले गया।

इधर, हवेली के मालिक का कहना है कि उसने ये हवेली कुछ दिन पहले ही खरीदी है। शुक्रवार (17 जुलाई) को पुराने निर्माण को तोड़ने के दौरान तिजोरी निकली हैं, लेकिन उसमें केवल कचरा निकला है।

वहीं, माणक चौक थाना पुलिस का कहना है कि उन्हें ऐसे किसी मामले की जानकारी नहीं है। इसी थाने में ही 15 जुलाई को एक और हवेली में खजाना निकलने और चोरी का केस दर्ज हुआ था।

दोनों ही हवेली में खुदाई एक ही ठेकेदार ने की है। उसी पर चोरी के आरोप भी हैं। वहीं, बंबई वालों की हवेली से जुड़े परिवार का आरोप है कि उनकी दादी ने कहा था कि यहां खजाना गढ़ा है।

सबसे पहले देखिए- बंबई वालों की हवेली में खुदाई की PHOTOS…

हवेली को बेचने वाले परिवार का दावा है ये बड़ी तिजोरी है। इसके अंदर सोने-चांदी की ज्वेलरी थी। एक छोटी तिजोरी गायब है।

हवेली को बेचने वाले परिवार का दावा है ये बड़ी तिजोरी है। इसके अंदर सोने-चांदी की ज्वेलरी थी। एक छोटी तिजोरी गायब है।

बंबई वालों की हवेली के आसपास के लोगों का कहना है कि- इस हवेली में खजाना को लेकर वे अपने दादा-दादी से सुनते आए हैं। अब खुदाई में तिजारी निकलने से विश्वास बढ़ गया है।

बंबई वालों की हवेली के आसपास के लोगों का कहना है कि- इस हवेली में खजाना को लेकर वे अपने दादा-दादी से सुनते आए हैं। अब खुदाई में तिजारी निकलने से विश्वास बढ़ गया है।

अब पढ़िए- खजाने और चोरी को लेकर क्या हैं दावे

ठेकेदार को ले जाते हुए देखा: हवेली के पीछे रहने वाले युवक का दावा है कि शुक्रवार सुबह वह अपने चाचा के साथ छत पर था। जेसीबी से हवेली के अंतिम हिस्से की दीवार तोड़ने के दौरान मलबे के साथ एक बड़ी और एक छोटी तिजोरी निकली। छोटी तिजोरी को ठेकेदार और जेसीबी ड्राइवर तुरंत एक्टिवा पर रखकर ले गए, जबकि बड़ी तिजोरी वहीं छोड़ दी गई।

खजाना होने की बात दादी बताती थी: हवेली से जुड़े राकेश अग्रवाल ने बताया कि यह पुश्तैनी हवेली लगभग 200 से 250 साल पुरानी है और इसका निर्माण उनके परदादा रामप्रताप सूरजमल ने कराया था। उन्होंने दावा किया कि परिवार की बुजुर्ग महिलाएं हमेशा हवेली में गुप्त तहखाने और सोने-चांदी के भंडार की चर्चा करती थीं। यहां तहखाने होने की भी संभावना है। इनमें और कीमती सामान मिलने की उम्मीद है।

परिवार का दावा पुलिस ले गई तिजोरी: राकेश अग्रवाल का कहना है कि एक तिजोरी को पुलिस थाने गई, लेकिन बताया गया कि उसमें कुछ नहीं मिला। हमें विश्वास है कि हवेली में अब भी खजाना हो सकता है। वहीं, माणक चौक थाने के SHO का कहना है ऐसा कोई मामला नहीं है। पुलिस कोई तिजोरी थाने में नहीं लाई है।

मालिक बोला- खजाना नहीं मिला, अफवाह है

हवेली के खरीदार रमेश नारनोली ने खजाना मिलने के दावों को अफवाह बताया। उन्होंने कहा कि उन्हें यह भी जानकारी नहीं है कि हवेली को कौन तोड़ रहा है।

उनके अनुसार उन्होंने यह हवेली 13 हिस्सेदारों से खरीदी थी। इसे तोड़कर फिर से बनाया जाना है। उन्होंने बताया कि तिजोरी माणकचौक थाने ले गए थे। करीब 400 रुपये देकर उसे खुलवाया गया, लेकिन उसमें केवल कचरा मिला।

दोनों केस में एक ही ठेकेदार पर आरोप

हवेली से जुड़े परिवार का आरोप है कि इस हवेली को भी महेश मल्होत्रा उर्फ छोटू खटीक ने ही तोड़ा है। उनका दावा है कि छह महीने पहले विद्याधर के रास्ते स्थित हवेली को भी इसी ठेकेदार ने तोड़ा था।

वहां से 45 किलो चांदी, सोने से भरे 15 कलश निकले थे। उन्हें भी इसी ठेकेदार ने गायब कर दिया था। स्थानीय लोगों का कहना है कि जयपुर के परकोटा क्षेत्र की अधिकांश पुरानी हवेलियों को तोड़ने का ठेका छोटू खटीक ही लेता है।

उसने पिछले कुछ वर्षों में कई हवेलियां तोड़ी हैं। इन सभी हवेलियां से निकले सामान की जांच होनी चाहिए।

….

खजाने से जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए…

1. जमीन खुदाई में मिला खजाना किसका, मालिक या सरकार का?:जयपुर में घर में मिले सोने से भरे 15 कलश; 8 सवालों से समझें नियम

कानूनन गड़े मिले खजाने पर सरकार का ही हक माना जाएगा। पूरे देश में 'इंडियन ट्रेजर ट्रोव एक्ट, 1878' लागू है। राजस्थान में ‘इंडियन ट्रेजर ट्रोव रूल्स 1961’ भी काम करता है। पूरी खबर पढ़िए…

2. जयपुर-हवेली की नींव से निकले सोने से भरे 15 कलश:45 किलो चांदी की सिल्लियां, 10 हजार सिक्के भी; मालिक का दावा- मजदूरों ने आपस में बांटे

ठेकेदार और उसके साथियों ने करीब 40-45 किलो चांदी की सिल्लियां, सोने के सिक्कों से भरे 14-15 कलश और 8 से 10 हजार पुराने चांदी के सिक्के आपस में बांट लिए। पूरी खबर पढ़िए…

.

खबरें और भी हैं...

  • बात खरी है

    IPS कविराज के लिए कवि बन गया ASI: फूलों के कारपेट पर चले किरोड़ी बाबा; सरिस्का में सपने की तरह टूटी सड़क

    फूलों के कारपेट पर चले किरोड़ी बाबा; सरिस्का में सपने की तरह टूटी सड़क|राजस्थान,Rajasthan - Dainik Bhaskar1:57
    • कॉपी लिंक

    शेयर

  • मौत से एक दिन पहले भी परेशान थी अमायरा: 2 दिन में 8-बार शिकायत, क्लास टीचर ने अनसुना किया; पुलिस के पहुंचने से पहले मिटाए सबूत

    2 दिन में 8-बार शिकायत, क्लास टीचर ने अनसुना किया; पुलिस के पहुंचने से पहले मिटाए सबूत|राजस्थान,Rajasthan - Dainik Bhaskar1:21
    • कॉपी लिंक

    शेयर

  • भास्कर एक्सप्लेनर

    जमीन खुदाई में मिला खजाना किसका, मालिक या सरकार का?: जयपुर में घर में मिले सोने से भरे 15 कलश; 8 सवालों से समझें नियम

    जयपुर में घर में मिले सोने से भरे 15 कलश; 8 सवालों से समझें नियम|राजस्थान,Rajasthan - Dainik Bhaskar2:18
    • कॉपी लिंक

    शेयर

  • राजस्थान के 15 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट: श्रीगंगानगर सबसे ज्यादा गर्म; प्रदेश में अब तक 25 फीसदी कम बरसात

    0:58
    • कॉपी लिंक

    शेयर