नयी दिल्ली, 20 जुलाई (भाषा) पैरालंपिक खेलों के दो बार के स्वर्ण पदक विजेता और भारतीय पैरालंपिक समिति (पीसीआई) के अध्यक्ष देवेंद्र झाझडिया ने सोमवार को कहा कि पैरा खिलाड़ी इस बार राष्ट्रमंडल खेलों में ‘अबकी बार, पांच पार’ के लक्ष्य के साथ उतरेंगे और अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए कम से कम पांच पदक जीतेंगे।
झाझडिया का यह दावा इसलिए भी काफी मायने रखता है क्योंकि 2002 में राष्ट्रमंडल खेलों में पदार्पण के बाद से भारतीय पैरा खिलाड़ी अब तक सिर्फ सात पदक जीत पाए हैं जिसमें एक स्वर्ण, दो रजत और चार कांस्य पदक शामिल हैं।
खर्चों में कटौती करने के लिए हस बार राष्ट्रमंडल खेलों की पैरा स्पर्धाओं में सिर्फ छह खेलों को शामिल किया है जिसमें भारत ने पांच खेलों में 28 खिलाड़ियों का दल उतारा है।
झाझडिया से जब यह खिलाड़ियों के विदाई समारोह के दौरान पदक की संभावनाओं के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘‘हमारे खिलाड़ियों की तैयारी काफी अच्छी है और यह तय है कि हम कम से कम पांच से छह पदक जीतेंगे। हमारी टीम बहुत अच्छी है। हमारा लक्ष्य है कि हमारे पदकों की संख्या पांच से अधिक हो। हम छह, सात या आठ पदक भी जीत सकते हैं लेकिन हमारा लक्ष्य कम से कम पांच पदक जीता है। हमारा नारा है, अबकी बार पांच पार।’’
झाझडिया ने कहा कि अपने दावे को मजबूती देते हुए कहा कि इस बार खिलाड़ी मनोवैज्ञानिक रूप से काफी मजबूत हैं जो बड़ी प्रतियोगिताओं में काफी महत्वपूर्ण साबित होता है।
उन्होंने कहा, ‘‘पैरा खिलाड़ियों की तैयारी बहुत अच्छी है और पहली बार मैं देख रहा हूं कि खिलाड़ियों की तैयारी मनोवैज्ञानिक रूप से काफी अच्छी है। खिलाड़ियों के पास सरकार का भरोसा है और महासंघ भी उनके लिए काम कर रहे हैं। खिलाड़ी शारीरिक रूप से तो फिट होते ही हैं लेकिन इस बार मानसिक रूप से भी काफी मजबूत हैं।’’
राष्ट्रमंडल खेलों में इस बार कुश्ती और निशानेबाजी जैसी स्पर्धाएं नहीं हैं जिसमें पारंपरिक रूप से भारत अच्छा प्रदर्शन करता रहा है लेकिन इसके बावजूद झाझडिया को लगता है कि भारत अच्छा प्रदर्शन करेगा।
पीसीआई अध्यक्ष ने कहा, ‘‘इस बार राष्ट्रमंडल खेलों में निशानेबाजी और कुश्ती जैसी स्पर्धाएं नहीं हैं। इन स्पर्धाओं में भारत का दबदबा रहता था लेकिन इस बार ये खेलों का हिस्सा नहीं हैं लेकिन फिर भी हमें अपने खिलाड़ियों पर भरोसा है और जो भी खिलाड़ी जा रहे हैं वे बहुत अच्छी तैयारी के साथ जा रहे हैं।’’
अपने खेलने के दिनों की तुलना वर्तमान से करते हुए झाझडिया ने कहा कि आज खिलाड़ियों के पास सुविधाओं की कोई कमी नहीं है और ट्रेनिंग से जुड़ी उनकी सभी मांग पूरी की जा रही हैं।
झाझड़िया ने कहा, ‘‘खिलाड़ियों को अब वे सभी सुविधाएं मिल रही हैं जिनकी उन्हें जरूरत होती है। एक समय था जब खिलाड़ी को एक ही कोच के साथ ट्रेनिंग करनी होती थी लेकिन आज खिलाड़ी तय करता है कि वह कौन से कोच के पास ट्रेनिंग करेगा। खिलाड़ी यह तय करेगा कि उसे ट्रेनिंग कहां करनी है, वह देश में ट्रेनिंग करेगा या विदेश में।’’
उन्होंने कहा, ‘‘खिलाड़ियों को पूरी सुविधाएं मिल रही हैं। वह जो चाहते हैं उन्हें वह चीज उपलब्ध कराई जा रही है। खिलाड़ी जो सुविधा मांगता है वह भारत सरकार देती है, यही नया भारत है, यही बदलता हुआ भारत है और यही विकसित भारत है।’’
झाझडिया ने उम्मीद जताई कि भारत इस बार 100 मीटर स्पर्धा में शानदार नतीजा दे सकता है। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे उम्मीद है कि 100 मीटर में बहुत ही शानदार नतीजा आएगा। उसमें हमारा प्रदर्शन शानदार रहेगा। 100 मीटर में सभी की नजरें होती हैं और हो सकता है कि भारत इस स्पर्धा में कोई बहुत ही बड़ा नतीजा दे।’’
भाषा
सुधीर मोना
मोना