बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन जल्द दे सकते हैं इस्तीफा, राजनीतिक हलचल तेज

Published on 23 जुल॰ 2026

बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन जल्द दे सकते हैं इस्तीफा, राजनीतिक हलचल तेज

ढाका, 23 जुलाई (आईएएनएस)। बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन जल्द इस्तीफा दे सकते हैं। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कई सूत्रों ने दावा किया है कि राष्ट्रपति पद छोड़ने की प्रक्रिया जल्द शुरू हो सकती है। इसकी अटकलें काफी दिनों से लगाई जा रही थी।

मोहम्मद शहाबुद्दीन ने अप्रैल 2023 में राष्ट्रपति पद संभाला था और जुलाई 2024 के बड़े प्रदर्शनों के बाद भी अपने पद पर बने रहने वाले देश के एकमात्र शीर्ष संवैधानिक पदाधिकारी हैं।

बांग्लादेश के प्रमुख दैनिक 'द डेली स्टार' ने सूत्रों के हवाले से बताया कि राष्ट्रपति इस साल मई में इलाज के लिए लंदन गए थे। इस दौरान उनकी पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना से फोन पर बातचीत हुई थी।

रिपोर्ट के अनुसार, खुफिया एजेंसियों को इस बातचीत की जानकारी मिलने के बाद राष्ट्रपति से पद छोड़ने को कहा गया।

हालांकि, बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि यह फोन बातचीत ही इस्तीफे का एकमात्र कारण नहीं है और पूरा मामला इससे कहीं अधिक जटिल है।

'टाइम्स ऑफ बांग्लादेश' के अनुसार, राष्ट्रपति के करीबी एक सूत्र ने दावा किया है कि शहाबुद्दीन 31 जुलाई तक इस्तीफा दे सकते हैं और इसके बाद ढाका के गुलशन स्थित अपने आवास पर स्थानांतरित हो सकते हैं।

वहीं, राष्ट्रपति शहाबुद्दीन ने फोन पर बातचीत में इस्तीफे से इनकार नहीं किया, लेकिन इस विषय पर अधिक जानकारी देने से मना कर दिया।

राष्ट्रपति के संभावित इस्तीफे की खबर ऐसे समय सामने आई है जब बीएनपी नेतृत्व वाली सरकार अवामी लीग से जुड़े नेताओं पर कार्रवाई तेज कर रही है।

यह घटनाक्रम राष्ट्रपति शहाबुद्दीन के उन हालिया दावों के बाद भी आया है, जिनमें उन्होंने कहा था कि पूर्व मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार ने उन्हें पद से हटाने की काफी कोशिश की थी।

इस साल की शुरुआत में बांग्लादेशी अखबार कालेर कांठो को दिए एक साक्षात्कार में शहाबुद्दीन ने दावा किया था कि अंतरिम सरकार के लगभग डेढ़ साल के कार्यकाल के दौरान उन्हें महत्वपूर्ण चर्चाओं से दूर रखा गया।

उन्होंने आरोप लगाया था कि उनके खिलाफ साजिशें रची गईं और देश में संवैधानिक संकट पैदा करने की कोशिश की गई।

उन्होंने कहा था, "उन डेढ़ वर्षों के दौरान मुझे किसी भी चर्चा में शामिल नहीं किया गया, फिर भी मेरे खिलाफ कई साजिशें रची गईं। देश की शांति और व्यवस्था को खत्म करने तथा संवैधानिक शून्यता पैदा करने के कई प्रयास हुए।"

जब उनसे पूछा गया कि क्या वे प्रयास सफल हुए, तो राष्ट्रपति ने कहा कि वे अपने फैसले पर अडिग रहे, इसलिए कोई साजिश सफल नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि असंवैधानिक तरीकों से राष्ट्रपति पद से हटाने के कई प्रयास विफल रहे।

बांग्लादेश में राष्ट्रपति के संभावित इस्तीफे की खबर ने देश की पहले से ही अस्थिर राजनीतिक स्थिति को और गंभीर बना दिया है।

--आईएएनएस

केआर/