जंतर-मंतर से लौट रहे बरेली के छात्रों को किसने पीटा? कौन है सत्यम पंडित? अब पीड़ित लड़के ने सुनाई आपबीती

Published on 27 जुल॰ 2026

जंतर-मंतर से लौट रहे बरेली के छात्रों को किसने पीटा? कौन है सत्यम पंडित? अब पीड़ित लड़के ने सुनाई आपबीती

Time Published: Monday, July 27, 2026, 10:54 [IST]

दिल्ली के जंतर-मंतर से लौट रहे बरेली के दो छात्रों के साथ हुई कथित मारपीट का मामला अब सिर्फ एक वायरल वीडियो तक सीमित नहीं रह गया है। प्रदर्शन खत्म हुआ तो बरेली के रहने वाले दो छात्र घर लौटने की तैयारी में थे। मगर रास्ते में कुछ दबंगों ने उन्हें घेर लिया, बेरहमी से पीटा, धमकाया और पूरी करतूत का वीडियो बनाकर इंटरनेट पर भी डाल दिया।

अब इस घटना के बाद राजनीतिक गलियारों में भारी हंगामा खड़ा हो गया है। पीड़ित छात्र ने मीडिया के सामने आकर अब अपनी आपबीती सुनाई है। सत्यम पंडित नाम के शख्स ने जंतर-मंतर से लौटे रहे बरेली के छात्रों को पीटा है। ऐसे में आइए जानते हैं कि सत्यम पंडित कौन है और पूरा मामला क्या है। साथ में ये जानेंगे कि पीड़ित छात्र ने क्या आरोप लगाए हैं।

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कौन है सत्यम पंडित?

इस मामले में जिस व्यक्ति का नाम सामने आया है, वह सत्यम पंडित है। सोशल मीडिया प्रोफाइल के मुताबिक वह गाजियाबाद का रहने वाला है। वह खुद को 'राष्ट्रीय हिंदू वीर सेना' का राष्ट्रीय अध्यक्ष बताता है। सोशल मीडिया पर वो काफी एक्टिव रहता है। वायरल वीडियो भी उसी के अकाउंट से शेयर किया गया था।

वीडियो पोस्ट करते हुए उसने लिखा कि उसने "कुछ कॉकरोचों का इलाज कर दिया।" यही पोस्ट वायरल होने के बाद मामला और ज्यादा चर्चा में आ गया। सत्यम पंडित पहले भी विवादों में रह चुका है। यह पहली बार नहीं है जब वह विवादों में आया है। साल 2024 में भी उस पर रोहिंग्या और बांग्लादेशियों को लेकर भड़काऊ बयान देने के गंभीर आरोप लगे थे।

क्या है पूरा मामला और क्यों मचा है बवाल?

बरेली के एक कॉलेज में BSC फर्स्ट ईयर में पढ़ने वाला 16 साल का छात्र आयुष रंजन 23 जुलाई को अपने साथी के साथ दिल्ली आया था। दोनों जंतर-मंतर पर चल रहे छात्रों के एक विरोध प्रदर्शन का हिस्सा बनने पहुंचे थे। जब कार्यक्रम खत्म हुआ तो दोनों ने रात गुजरने के लिए पास के ही एक गुरुद्वारे में पनाह ली।

सुबह जब वे घर जाने के लिए निकले, तभी उनके साथ यह दर्दनाक घटना घटी। हमलावरों ने न सिर्फ छात्रों को मारा-पीटा, बल्कि उनका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया। वीडियो के वायरल होते ही विपक्षी पार्टियों ने राज्य और केंद्र सरकार को आड़े हाथों लेना शुरू कर दिया है।

पीड़ित छात्र आयुष रंजन की आपबीती: 'गला दबाया और गालियां देते रहे'

बरेली वापस पहुंचकर आयुष ने रोते-बिलखते मीडिया को अपनी आपबीती सुनाई। उसने बताया कि उस आखिर क्या-क्या हुआ था। मीडिया को दिए इंटरव्यू में आयुष रंजन ने कहा, "मैं सुबह करीब 5 बजे गुरुद्वारे से उठकर बाहर निकला था। ठीक से नींद भी पूरी नहीं हुई थी, मुश्किल से 4-5 घंटे ही सो पाया था। अभी हम वहां से 200 मीटर ही आगे बढ़े होंगे कि सत्यम पंडित और उसके साथियों ने हमें चारों तरफ से घेर लिया। साथ में एक ड्राइवर, कैमरा संभालने वाला बंदा और कुछ गुंडे भी थे।"

उसने आगे बताया, "उन लोगों ने अचानक मेरे दोस्त का गला पकड़ लिया और थप्पड़ बरसाने लगे। मुझे भी लगातार गंदी-गंदी गालियां दी जा रही थीं। हम कुल मिलाकर 6 लोगों के चंगुल में फंसे थे। वे बार-बार हमें धमका रहे थे कि प्रदर्शन में जाने की हिम्मत कैसे हुई। आसपास कोई नहीं था, जिससे हम मदद मांग सकें। हम बहुत ज़्यादा डर गए थे और उस वक्त पुलिस के पास जाने की स्थिति में भी नहीं थे।"

मामले ने पकड़ा राजनीतिक तूल: अखिलेश यादव ने उठाए सवाल

वीडियो इंटरनेट पर आते ही मामला गरमा गया। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (ट्विटर) पर पोस्ट करके हमलावरों को तुरंत जेल भेजने की मांग की।

अखिलेश यादव ने निशाना साधते हुए कहा कि जनता देख रही है कि सत्ता के शह पर किस तरह गुंडागर्दी की जा रही है। उन्होंने दोषियों पर तुरंत कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की। उनके बयान के बाद कई और विपक्षी नेताओं और आम लोगों ने भी इस दबंगई पर कड़ा ऐतराज जताया है।

खौफ में पूरा परिवार, न्याय की लगाई गुहार

16 साल का आयुष इस घटना के बाद से काफी सदमे में है। बीएससी की पढ़ाई कर रहा यह छात्र अब अपने ही घर में डरा-सहमा बैठा है। आयुष का कहना है कि वह सिर्फ एक छात्र के तौर पर अपनी मांग रखने दिल्ली गया था, लेकिन उसके साथ जो बर्बरता हुई उसने उसे अंदर तक तोड़ दिया है। पीड़ित छात्र के परिवार वाले बेहद खौफ में हैं और वे प्रशासन से गुहार लगा रहे हैं कि आरोपी सत्यम पंडित और उसके साथियों को जल्द से जल्द सख्त सजा दी जाए।