
तेजस्वी सूर्या, बांसुरी स्वराज
NEET पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद लोक सभा में आज The Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Amendment Bill, 2026 पेश किया जाएगा. डीओपीटी राज्य मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह इस बिल को पेश करेंगे.एनडीए बिल पर बोलने के लिए युवा सांसदों को आगे किया जाएगा. सरकार की ओर से इसमें ज्यादातर वक्ता युवा होंगे. बिल पर आठ से दस घंटे चर्चा होने की संभावना है. बीजेपी से बांसुरी स्वराज और तेजस्वी सूर्या भी होंगे.
एनसीपीआई/टीएमसी के बागियों में सयोनी घोष और मिताली बाग, टीडीपी से लावु श्री कृष्ण देवरायलु, जेडीयू से लल्लन सिंह, शिवसेना से डॉ श्रीकांत शिंदे, एनसीपी से सुनील तटकरे, अपना दल से अनुप्रिया पटेल, लोजपा रामविलास से अरुण भारती आदि का नाम शामिल है.नए शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी आज प्रश्नकाल में रहेंगे. आज शिक्षा मंत्रालय से जुड़े प्रश्न पूछे जाने हैं. कल उन्हें अधिकारियों ने प्रश्न काल के लिए ब्रीफ किया.
बिल में क्या प्रस्ताव है?
पब्लिक एग्जामिनेशन (गलत तरीकों से बचाव) संशोधन बिल, 2026 पेपर लीक और ऑर्गनाइज्ड एग्जामिनेशन फ्रॉड के खिलाफ कानूनी ढांचे को काफी सख्त करने की कोशिश करता है.
- ऑर्गनाइज्ड पेपर लीक अपराधों के लिए ज्यादा से ज्यादा सजा को बढ़ाकर 10 साल की जेल करना.
- ऑर्गेनाइज़्ड चीटिंग रैकेट के लिए ज़्यादा से ज़्यादा फाइन बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये करना.
- गलत तरीकों की डेफिनिशन को बढ़ाना ताकि चीटिंग और एग्जाम में हेरफेर के नए डिजिटल तरीकों को भी इसमें शामिल किया जा सके.
- लीक या मैलप्रैक्टिस में शामिल पाए जाने वाले इंस्टीट्यूशन, एग्जाम अथॉरिटी और सर्विस प्रोवाइडर के लिए सख्त अकाउंटेबिलिटी लाना.
- ऑर्गेनाइज्ड चीटिंग सिंडिकेट को खत्म करने के लिए इन्वेस्टिगेशन और प्रॉसिक्यूशन मैकेनिज्म को मजबूत करना.
छात्रों पर हुई कार्रवाई पर पीएम के बयान की मांग
संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू हुआ था, अभी ये 13 अगस्त तक चलेगा. शनिवार को शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद विपक्षी दलों ने सदन में कामकाज आगे बढ़ाने की मंजूरी दे दी है. विपक्ष ने कहा है कि वह नियमित विधायी काम और बहस में भाग लेने को तैयार है, लेकिन इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सदन में NEET-UG पेपर लीक मामले पर आधिकारिक बयान देना होगा. कांग्रेस ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से छात्रों पर पुलिस कार्रवाई और प्रदर्शनकारियों के साथ हुई क्रूरता पर भी बयान देने की मांग की है.

आनंद प्रकाश पांडेय
दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई के बाद 2005 में टीवी पत्रकारिता में कदम रखा. वो सफर अब टीवी9 भारतवर्ष तक पहुंच गया है. राजनीतिक लोगों और राजनीतिक खबरों में रूचि है. भले ही पद एडिटर, नेशनल अफेयर्स का है पर अभी भी खुद को नौसिखिया ही मानता हूं और इसलिए सीखने का क्रम अनवरत जारी है...
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