Ranchi News : DSPMU में ‘ऑरेलिया’ फ्रेशर्स पार्टी, विद्यार्थियों ने बिखेरी प्रतिभा की छटा

Published on 11 अक्टू॰ 2026

Ranchi News : डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (डीएसपीएमयू) के अंग्रेजी भाषा एवं साहित्य विभाग में सत्र 2024–28 के नवागंतुक विद्यार्थियों के स्वागत में ‘ऑरेलिया’ (Aurelia) फ्रेशर्स कार्यक्रम का आयोजन किया गया.

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इस दौरान विद्यार्थियों ने नृत्य, संगीत, गायन और रैपिंग जैसी विविध प्रस्तुतियों से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया. कार्यक्रम में शिक्षकों ने विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ सांस्कृतिक गतिविधियों में भाग लेकर व्यक्तित्व के सर्वांगीण विकास के लिए प्रेरित किया.

कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई. प्रथम सेमेस्टर की छात्रा कनक ने स्वागत नृत्य प्रस्तुत किया. अमृता ने शास्त्रीय नृत्य के जरिए अपनी कला का प्रदर्शन किया, जबकि अलीशा और साविका ने नागपुरी एवं बॉलीवुड नृत्य से उपस्थित लोगों का मनोरंजन किया. विकास, प्रिंस लोहरा और अरुणव ने गायन प्रस्तुतियों से माहौल को संगीतमय बनाया. सुप्रिया और रानी ने भी नृत्य प्रस्तुत किया.

वहीं, नंदिनी भगत, निष्ठा टोप्पो, अर्चना और जूही सहित अन्य विद्यार्थियों ने अपनी प्रस्तुतियों से कार्यक्रम में रंग भर दिए. प्रदीप झा की रैपिंग प्रस्तुति ने भी दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया. कार्यक्रम का संचालन चतुर्थ सेमेस्टर के छात्र सत्या और द्वितीय सेमेस्टर की छात्रा अमिशा उपाध्याय ने किया.

विभाग के कोऑर्डिनेटर डॉ. विनय भरत ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए मां सरस्वती के हाथों में विद्यमान पुस्तक, जपमाला और वीणा को ज्ञान, ध्यान और गान का प्रतीक बताया. उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए इन तीनों का संतुलन जरूरी है. कक्षाओं में अध्ययन से ज्ञान प्राप्त होता है, योग और ध्यान से एकाग्रता बढ़ती है, जबकि संगीत एवं सांस्कृतिक गतिविधियों से रचनात्मक प्रतिभा निखरती है.

उन्होंने कहा कि फ्रेशर्स पार्टी, शिक्षक दिवस और युवा महोत्सव जैसे आयोजन विद्यार्थियों को अपनी छिपी प्रतिभा पहचानने और उसे विकसित करने का अवसर देते हैं.

इस अवसर पर विभाग की शिक्षिकाओं ने भी विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया. डॉ. करिश्मा पारिजात ने कहा कि फ्रेशर्स कार्यक्रम नए विद्यार्थियों को विभागीय परिवार से जुड़ने और अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच प्रदान करते हैं. डॉ. रश्मि कुमारी ने कहा कि विश्वविद्यालय जीवन केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यक्तित्व विकास और नई रुचियों को पहचानने का भी महत्वपूर्ण समय है. डॉ. सुप्रिया आनंद ने साहित्य और कला को विद्यार्थियों में संवेदनशीलता एवं रचनात्मकता विकसित करने का प्रभावी माध्यम बताया.

मिस अदिति सिद्धांत ने कहा कि इस तरह के आयोजन विद्यार्थियों की झिझक दूर करने के साथ उनमें आत्मविश्वास बढ़ाते हैं. मिस रुचिका तस्कीन केरकेट्टा ने विद्यार्थियों को अपनी छिपी प्रतिभाओं को पहचानने और उपलब्ध अवसरों का भरपूर लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया.

मिस नीलिमा कुमारी ने कहा कि विद्यार्थियों का उत्साह और आपसी सहयोग एक सशक्त शैक्षणिक समुदाय के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. सभी शिक्षिकाओं ने नवागंतुक विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की.

कार्यक्रम की खास बात शिक्षकों की सक्रिय भागीदारी रही. शिक्षकों ने भी विद्यार्थियों के साथ गायन और नृत्य में हिस्सा लिया, जिससे शिक्षक-विद्यार्थी संबंधों में आत्मीयता और आपसी जुड़ाव देखने को मिला. सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, उत्साह और उल्लास के बीच कार्यक्रम का समापन हुआ.

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