Ranchi News: SIR के खिलाफ आइसा का प्रदर्शन, अल्बर्ट एक्का चौक पर ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका

Published on 25 सित॰ 2026

Ranchi News: ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) ने शुक्रवार को रांची के अल्बर्ट एक्का चौक पर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के नाम पर मतदाताओं के नाम हटाए जाने के विरोध में प्रदर्शन किया. इस दौरान आइसा कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन कर प्रतिवाद सभा की. 

प्रदर्शनकारियों ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार किए गए भाकपा माले महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य, आइसा की केंद्रीय अध्यक्ष नेहा, महासचिव प्रसेनजीत, योगेंद्र यादव और वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण समेत अन्य लोगों के समर्थन में नारे लगाए और उनकी रिहाई की मांग की.

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आइसा के राज्य सचिव त्रिलोकी नाथ ने कहा कि जब भारत के चुनाव आयोग में ही लोकतंत्र स्थापित नहीं है, तो देश में हो रहे चुनावों की निष्पक्षता की क्या गारंटी है. उन्होंने कहा कि तीन मुख्य चुनाव आयुक्तों में से दो की सहमति नहीं होने के बावजूद असंवैधानिक तरीके से काम किया गया. 

उन्होंने सवाल उठाया कि जब दोनों चुनाव आयुक्तों ने आपत्ति जताई थी, तो उनकी बात क्यों नहीं मानी गई. उन्होंने यह भी सवाल किया कि चुनाव आयोग किनके निजी हितों के लिए काम कर रहा है.

आइसा रांची जिला अध्यक्ष विजय कुमार ने आरोप लगाया कि SIR के नाम पर 13 करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम काटे गए हैं. उन्होंने गोवा की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि स्थायी अधिकारियों की जांच में लोगों को योग्य पाए जाने के बावजूद उनके नाम मतदाता सूची में नहीं जोड़े गए. उन्होंने इसे लोकतंत्र विरोधी बताया. 

विजय कुमार ने कहा कि जहां ज्ञानेश कुमार को गिरफ्तार किया जाना चाहिए था, इसके विपरीत जंतर-मंतर पर नागरिक प्रतिवाद में शामिल उन नेताओं को गिरफ्तार किया गया, जो आम लोगों के मतदान के अधिकार के पक्ष में आवाज उठा रहे थे.

आइसा एक्टिविस्ट सुहानी मेहता ने कहा कि हजारों लोगों की शहादत के बाद देश के आम नागरिकों को मतदान का संवैधानिक अधिकार मिला है और अब उसी अधिकार पर हमला किया जा रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर चोरी, नोट चोरी और भ्रष्टाचार करने वाले लोग ही नागरिकों के वोट की चोरी और पेपर चोरी व पेपर लीक करा रहे हैं.

आइसा की पूर्व झारखंड राज्य अध्यक्ष सुहानी मेहता ने कहा कि भारतीय लोकतंत्र को मजबूत करने और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी और उनके इस्तीफे की मांग जरूरी है. उन्होंने SIR के बाद हुए चुनावों को रद्द करने और SIR की प्रक्रिया को रद्द करने की मांग की.

प्रदर्शन में सुफियान, सोनाली केवट, नौरीन अख्तर, कबीर, प्रतिभा चौधरी, निखिल राज, सुदामा खलखो, भीम साहू, आकाश रंजन, श्वेत कमल, शाहिद, राकेश बड़ाइक, सृष्टि, आशीष प्रजापति समेत दर्जनों आइसा और भाकपा माले कार्यकर्ता तथा छात्र-छात्राएं मौजूद रहे.

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