देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक, भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने अपने करोड़ों ग्राहकों के लिए सेवा शुल्क (Service Charges) और कैश निकासी से जुड़े नियमों में बड़ा संशोधन किया है। बैंक की ओर से जारी आधिकारिक सूचना के अनुसार, ये नए नियम 1 अक्टूबर से प्रभावी होंगे। इस बदलाव का सीधा असर बैंक के बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट (BSBD) यानी जीरो बैलेंस खाताधारकों पर पड़ेगा। बैंक ने स्पष्ट किया है कि महीने में निर्धारित मुफ्त सीमा समाप्त होने के बाद अतिरिक्त कैश निकासी पर ग्राहकों को सेवा शुल्क चुकाना होगा।
1 अक्टूबर से क्या बदलेगा? समझिए नया शुल्क ढांचा
बैंक के संशोधित नियमों के तहत, बीएसबीडी (BSBD) खाताधारकों को प्रति माह मिलने वाले पहले 4 कैश विड्रॉल (निकासी) पूरी तरह से मुफ्त रहेंगे। लेकिन जैसे ही कोई ग्राहक एक कैलेंडर माह में चार बार से अधिक कैश निकालेगा, पांचवें और उसके बाद के प्रत्येक कैश विड्रॉल ट्रांजैक्शन पर ₹15 और उस पर लगने वाला अतिरिक्त जीएसटी (GST) शुल्क के रूप में काटा जाएगा।
यह शुल्क शाखा (Branch) काउंटर से निकासी, एसबीआई और अन्य बैंकों के एटीएम से कैश निकालने और आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम (AePS) के जरिए किए जाने वाले कैश ट्रांजैक्शन पर समान रूप से लागू होगा।
डिजिटल लेनदेन पर नहीं लगेगा कोई प्रतिबंध
एसबीआई ने साफ किया है कि नकदी निकासी के नियमों को कड़ा करने के बावजूद डिजिटल बैंकिंग सेवाओं को पूरी तरह राहत दी गई है। यूपीआई (UPI), इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, एनईएफटी (NEFT) और आरटीजीएस (RTGS) के जरिए किए जाने वाले सभी प्रकार के डिजिटल ट्रांसफर पूरी तरह से निःशुल्क रहेंगे। डिजिटल लेनदेन की संख्या पर कोई मासिक सीमा नहीं लगाई गई है। बैंक का उद्देश्य ग्राहकों को ज्यादा से ज्यादा कैशलेस और डिजिटल भुगतान अपनाने के लिए प्रेरित करना है।
किन खाताधारकों पर पड़ेगा इसका सीधा असर?
यह नया संशोधन मुख्य रूप से बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट अकाउंट (BSBD) पर लागू होगा। यह खाता आमतौर पर वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने के लिए बिना किसी मिनिमम बैलेंस की अनिवार्यता के खोला जाता है।
रेगुलर सेविंग्स बैंक अकाउंट (सामान्य बचत खाता) धारकों के लिए एटीएम और ब्रांच से जुड़े नियम उनकी मौजूदा कैटिगरी और मेट्रो व गैर-मेट्रो शहरों के हिसाब से पूर्ववत रहेंगे। हालांकि, बीएसबीडी खाताधारकों को अब महीने के अपने कैश खर्चों की योजना पहले से बनानी होगी, ताकि वे अतिरिक्त चार्ज से बच सकें।
अतिरिक्त चार्ज से बचने के लिए क्या करें ग्राहक?
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डिजिटल मोड का इस्तेमाल: दैनिक खरीदारी और बिल भुगतान के लिए यूपीआई (UPI) या रुपे डेबिट कार्ड से ऑनलाइन पेमेंट करें।
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एकमुश्त निकासी: बार-बार छोटे-छोटे अमाउंट निकालने के बजाय महीने की शुरुआत में ही जरूरत के हिसाब से बड़ी राशि एक बार में निकालें ताकि 4 मुफ्त ट्रांजैक्शन की सीमा पार न हो।
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मिनी स्टेटमेंट और बैलेंस चेक: बैलेंस चेक करने या स्टेटमेंट देखने के लिए एटीएम के बजाय बैंक के व्हाट्सएप बैंकिंग, एसएमएस या योनो (YONO) ऐप का सहारा लें।