सरकारी जमीन निजी नाम पर दर्ज कर बेच दी: SDM ने रजिस्ट्री शून्य करने, कब्जा हटाने और खरीदारों समेत 3 पर FIR के निर्देश - Ambikapur (Surguja) News

Published on 5 अक्टू॰ 2026

सरगुजा जिले के लालमाटी में 2.39 एकड़ सरकारी जमीन को निजी नाम पर दर्ज कर खरीद-बिक्री करने का मामला सामने आया है। धौरपुर एसडीएम ने जमीन को सरकारी मद में दर्ज करने का आदेश दिया है। साथ ही जमीन की खरीद-बिक्री को शून्य घोषित करते हुए कब्जा हटाने के निर्दे

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जानकारी के मुताबिक, मुख्यालय से लगे लालमाटी की खसरा क्रमांक 70/2 की 0.967 हेक्टेयर जमीन सेटलमेंट रिकॉर्ड में सरकारी मद में ‘पलाश के जंगल’ के रूप में दर्ज थी। राजस्व रिकॉर्ड में छेड़छाड़ कर जमीन को परसा निवासी बंशू लोहार के नाम दर्ज कर दिया गया। इसके बाद बंशू लोहार ने जमीन की बिक्री कर दी।

PMO में शिकायत के बाद हुई जांच

लालमाटी निवासी रामचंद्र लकड़ा ने कलेक्टर जनदर्शन के साथ पीएमओ में शिकायत की थी। उन्होंने बताया कि जमीन पर उनके पूर्वजों का कब्जा था और वे करीब 50 साल से काबिज काश्तकार थे। बंशू लोहार के आवेदन पर साल 2023 में जमीन उसके नाम दर्ज करने का आदेश दिया गया था। पीएमओ ने मामले की जांच के निर्देश सरगुजा कलेक्टर को दिए थे।

बंशू लोहार ने दावा किया था कि उसके पूर्वजों को इस जमीन का पट्टा मध्यप्रदेश शासन ने दिया था। साल 1964 तक जमीन के रिकॉर्ड में उसके पिता भुटकूल का नाम दर्ज था। बाद में उनका नाम विलोपित कर जमीन को शासकीय मद में दर्ज कर दिया गया। पिता की मौत के बाद साल 1965 में जमीन बंशू के नाम दर्ज हुई थी।

सरगुजा कलेक्टर न्यायालय में त्रुटि सुधार के आवेदन पर सुनवाई हुई। 5 सितंबर 2022 को न्यायालय ने जमीन बंशू लोहार के नाम दर्ज करने का आदेश दिया। इसके बाद राजस्व रिकॉर्ड में जमीन उसके नाम दर्ज कर दी गई। बंशू लोहार ने यह जमीन अंबिकापुर के मोमिनपुरा निवासी मिस्हाबुल इस्लाम और रांची, झारखंड निवासी मो. सलीम को बेच दी।

नहीं मिला बंशू लोहार का कब्जा

शिकायतकर्ता रामचंद्र लकड़ा की शिकायत की जांच की गई। जांच रिपोर्ट में बंशू लोहार का जमीन पर कोई कब्जा नहीं पाया गया। जांच में सामने आया कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जमीन बंशू लोहार के नाम दर्ज की गई थी। वहीं, जमीन पर शिकायतकर्ता रामचंद्र लकड़ा के परिवार का कब्जा पाया गया।

मामले की सुनवाई के बाद धौरपुर एसडीएम ने नायब तहसीलदार, उप तहसील रघुनाथपुर को भूमि से अनावेदकों के नाम विलोपित कर पूरी जमीन शासकीय मद में दर्ज करने का आदेश दिया है। एसडीएम ने बंशू लोहार, जमीन के खरीदार मिस्हाबुल इस्लाम और मो. सलीम के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश भी दिया है।

पटवारी के खिलाफ विभागीय जांच होगी

धौरपुर एसडीएम ने मामले में पेश किए गए रिपोर्ट और पंचनामा को त्रुटिपूर्ण पाया है। उन्होंने तत्कालीन हल्का पटवारी सुरेश कुमार दाहिरे के खिलाफ विभागीय जांच शुरू करने के लिए कलेक्टर (भू-अभिलेख), सरगुजा को पत्र भेजा है। विभागीय जांच का आदेश कलेक्टर स्तर से जारी किया जाएगा।

जमीन से अवैध कब्जा हटेगा

एसडीएम ने जमीन से अवैध कब्जा हटाने का आदेश दिया है। जमीन पर अतिक्रमण पाए जाने पर छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता, 1959 की धारा 248 के तहत केस दर्ज कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।