SGB निवेशकों के लिए अलर्ट: अक्टूबर 2026 में रिडेम्पशन की आखिरी तारीखें और जरूरी नियम जानें
Published: Saturday, October 3, 2026, 15:06 [IST]
अगर आप सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) 2019–20 सीरीज V से समय से पहले बाहर निकलना चाहते हैं, तो 5 अक्टूबर 2026 (सोमवार) प्री-मैच्योर रिडेम्पशन की अर्जी देने की आखिरी तारीख है। इस निकासी का पैसा 15 अक्टूबर 2026 (गुरुवार) को आपके खाते में आ जाएगा। इसलिए अगर आप इस स्कीम से एग्जिट करने की सोच रहे हैं, तो तुरंत अप्लाई कर दें। अपने डिपाजिटरी, बैंक, पोस्ट ऑफिस या RBI Retail Direct की अंदरूनी डेडलाइन खत्म होने से पहले ही संपर्क करें। अगर यह डेडलाइन चूक गए, तो फिर आपको अगली ब्याज की तारीख तक इंतजार करना पड़ेगा।
अक्टूबर का महीना SGB निवेशकों के लिए काफी हलचल भरा रहने वाला है। 2020–21 सीरीज VII के लिए रिडेम्पशन रिक्वेस्ट 9 अक्टूबर (शुक्रवार) तक स्वीकार की जाएगी, जिसका पेमेंट 19 अक्टूबर (सोमवार) को होगा। वहीं, 2019–20 सीरीज VI के लिए 21 अक्टूबर (बुधवार) तक अप्लाई किया जा सकता है और इसका पैसा 30 अक्टूबर (शुक्रवार) को मिलेगा। ध्यान रखें कि बल्क प्रोसेसिंग की वजह से कुछ डिपाजिटरी पार्टिसिपेंट्स (DP) तय समय से पहले ही आवेदन लेना बंद कर देते हैं, इसलिए RBI की आखिरी तारीख का इंतजार करने के बजाय समय रहते आवेदन जमा कर दें।

SGB Early Redemption: कहां करें आवेदन और क्या हैं जरूरी तारीखें?
डिमैट अकाउंट वाले निवेशकों को अपने ब्रोकर या डिपाजिटरी पार्टिसिपेंट (DP) के जरिए री-परचेज (Repurchase) रिक्वेस्ट डालनी होगी। इसे NSDL या CDSL के जरिए सबमिट किया जा सकता है। जिन लोगों के पास बॉन्ड फिजिकल फॉर्म में हैं, उन्हें जारी करने वाले बैंक, स्टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन या पोस्ट ऑफिस में जाकर फॉर्म जमा करना होगा। वहीं, RBI Retail Direct का इस्तेमाल करने वाले निवेशक ऑनलाइन ही रिक्वेस्ट सबमिट कर सकते हैं। RBI के दिशानिर्देशों के मुताबिक, ब्याज भुगतान की तारीख से कम से कम 10 दिन पहले आवेदन कर देना चाहिए।
Budget 2026 के बाद SGB की कीमत और टैक्स के नियम
RBI रिडेम्पशन प्राइस तय करने के लिए IBJA (इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन) के 999 शुद्धता वाले सोने के रेट का इस्तेमाल करता है। इसके तहत 15 अक्टूबर से ठीक पहले के तीन कारोबारी दिनों के गोल्ड रेट्स का सिंपल एवरेज निकाला जाता है। यह कीमत पैसा खाते में क्रेडिट होने से ठीक पहले जारी की जाती है। टैक्स नियमों की बात करें तो 1 अप्रैल 2026 से सिर्फ उन्हीं ओरिजिनल सब्सक्राइबर्स को कैपिटल गेन्स टैक्स में छूट मिलेगी जो मैच्योरिटी तक बॉन्ड को होल्ड रखते हैं। 5 साल में समय से पहले बाहर निकलने (Early Exit) पर टैक्स लगेगा। इसके अलावा, बॉन्ड पर मिलने वाला 2.5% का सालाना ब्याज पूरी तरह से कर योग्य (Taxable) रहेगा, जिसे आपको अपने ITR दाखिल करते समय AIS (Annual Information Statement) से मिला लेना चाहिए।
| निवेश का जरिया | अनुमानित दर | 5 साल की आय (₹1,00,000) | 10 साल की आय (₹1,00,000) | 15 साल की आय (₹1,00,000) |
|---|---|---|---|---|
| SGB केवल कूपन (ब्याज) | 2.5% सिंपल | ₹12,500 | ₹25,000 | ₹37,500 |
| बैंक FD (बड़े बैंकों का औसत) | 7% कंपाउंडिंग | ₹40,255 | ₹96,715 | ₹1,75,901 |
अगर आप रिडेम्पशन विंडो में अप्लाई नहीं कर पाते या आपको तुरंत कैश की जरूरत है, तो स्टॉक एक्सचेंज पर बॉन्ड बेचना भी एक सही विकल्प है। हालांकि, एक्सचेंज पर ये बॉन्ड सोने की वास्तविक कीमत से प्रीमियम या डिस्काउंट पर ट्रेड हो सकते हैं। इससे होने वाले मुनाफे पर होल्डिंग अवधि के नियमों के मुताबिक टैक्स लगेगा। लंबे समय के निवेशकों, खासकर ओरिजिनल सब्सक्राइबर्स के लिए टैक्स छूट का फायदा उठाने के लिए मैच्योरिटी तक बने रहना ज्यादा बेहतर हो सकता है। हमारी तालिका में बड़े बैंकों के औसतन 7% FD रेट का अनुमान लगाया गया है।
Story first published: Saturday, October 3, 2026, 15:06 [IST]
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