Published: Sunday, September 13, 2026, 13:55 [IST]
California Shalini Thakur Murder: अमेरिका के कैलिफोर्निया में भारतीय मूल की 38 वर्षीय महिला शालिनी ठाकुर की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई। आरोप है कि 22 वर्षीय रोहित पिछले करीब एक साल से शालिनी का पीछा कर रहा था और उन्हें लगातार परेशान कर रहा था। शालिनी ने उसके खिलाफ निषेधाज्ञा (Restraining Order) भी हासिल की थी, लेकिन इसके बावजूद आरोपी कथित तौर पर उनका पीछा करता रहा।
8 सितंबर को सैक्रामेंटो के आर्डेन-आर्केड इलाके में स्थित पैनेरा ब्रेड रेस्तरां के बाहर रोहित ने शालिनी पर गोली चला दी। पुलिस के मुताबिक, शालिनी ने हमलावर से बचने के लिए भागने की कोशिश की, लेकिन उसने उनका पीछा किया और कई गोलियां चलाईं। शालिनी के जमीन पर गिरने के बाद आरोपी ने कथित तौर पर बेहद करीब से एक और गोली चलाई। घटना की सूचना दोपहर करीब 3 बजे पुलिस को मिली। अधिकारी हॉवे एवेन्यू के 800 ब्लॉक स्थित रेस्तरां के बाहर पहुंचे, जहां शालिनी गंभीर हालत में मिलीं। मेडिकल टीम ने उन्हें घटनास्थल पर ही मृत घोषित कर दिया।
Who Was Shalini Thakur: कौन थीं शालिनी ठाकुर?
शालिनी ठाकुर सैक्रामेंटो में रहती थीं और पैनेरा ब्रेड रेस्तरां में वेट्रेस के तौर पर काम करती थीं। उनकी पहचान आरोपी रोहित से उनके कार्यस्थल पर डोरडैश पिकअप के दौरान हुई थी। शुरुआती परिचय के बाद रोहित का व्यवहार कथित तौर पर धीरे-धीरे बदलने लगा।
शालिनी की मां सुदेश कुमारी के मुताबिक, रोहित उनकी बेटी से शादी करना चाहता था। शालिनी ने उम्र के अंतर की वजह से उसका प्रस्ताव ठुकरा दिया था। इसके बाद कथित तौर पर उसने शालिनी का पीछा करना और उन्हें परेशान करना शुरू कर दिया। सुदेश कुमारी ने बताया कि उनकी बेटी आरोपी से बेहद डरी हुई थी।

घर के बाहर घंटों इंतजार करता था आरोपी
अदालती दस्तावेजों के मुताबिक, शालिनी का पीछा किए जाने का सिलसिला सितंबर 2025 के आसपास शुरू हुआ था। समय के साथ कथित उत्पीड़न की घटनाएं बढ़ती गईं। आरोप है कि रोहित घंटों शालिनी के घर के बाहर इंतजार करता था। उसने कथित तौर पर उनकी कार के टायर की हवा निकाल दी और उनकी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए कार के नीचे Apple AirTag भी लगाया। दस्तावेजों में यह भी आरोप लगाया गया है कि रोहित ने शालिनी पर उससे शादी करने का दबाव बनाया और उनके संपर्क में रहने वाले लोगों को नियंत्रित करने की कोशिश की। एक घटना में उसने कथित तौर पर शालिनी के फ्लैट की चाबी की डुप्लीकेट कॉपी बनवाई और उनके सोते समय घर में घुस गया।

शालिनी ने ली थी निषेधाज्ञा
रोहित के कथित व्यवहार को लेकर शेरिफ कार्यालय (स्थानिय पुलिस) के अधिकारियों ने भी चिंता जताई थी। अधिकारियों ने शालिनी को कानूनी सुरक्षा लेने की सलाह दी थी। इसके बाद शालिनी ने रोहित के खिलाफ निषेधाज्ञा हासिल की। दस्तावेजों के अनुसार, यह आदेश 19 मई को उसे सौंपा गया था। हालांकि, जांचकर्ताओं का कहना है कि रोहित ने बाद में भी इस आदेश का उल्लंघन किया। जुलाई के अंत में उसने कथित तौर पर निषेधाज्ञा के बावजूद शालिनी के घर के बाहर किराने का सामान छोड़ दिया था।
क्या होता है निषेधाज्ञा?
दरअसल, यह अदालत (Court) द्वारा जारी किया जाने वाला एक कानूनी आदेश है, जिसका मकसद किसी व्यक्ति को दूसरे व्यक्ति को नुकसान पहुंचाने, परेशान करने (Harass), डराने-धमकाने या उसके पास आने से रोकना होता है।
हत्या के बाद हाईवे 50 पर पहुंचा रोहित
शालिनी की हत्या के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने पुलिस को उसके वाहन की जानकारी दी। यह जानकारी सैक्रामेंटो काउंटी शेरिफ कार्यालय की ऑटोमेटेड लाइसेंस प्लेट रीडर प्रणाली में भी दर्ज हो गई। लेफ्टिनेंट अमर गांधी के मुताबिक, पुलिस ने कुछ ही समय में वाहन की आखिरी लोकेशन का पता लगा लिया। इसके बाद रोहित की कार पूर्व की ओर जाने वाले हाईवे 50 पर मिली। पुलिस ने वाहन को रोकने की कोशिश की तो आरोपी ने अचानक ब्रेक लगाकर हाईवे पर कार रोक दी। स्थिति को देखते हुए कैलिफोर्निया हाईवे पेट्रोल ने पूर्व दिशा की सभी लेन बंद कर दीं। पुलिस ने वाहन को घेर लिया। मौके पर एक बख्तरबंद सामरिक वाहन भी पहुंचाया गया। अधिकारियों ने ड्राइवर की तरफ की खिड़की तोड़ी और कार के अंदर ड्रोन भेजकर स्थिति का जायजा लिया।
आरोपी ने खुद को भी गोली मारी
पुलिस के मुताबिक, रोहित ड्राइवर की सीट पर झुका हुआ मिला। उसके शरीर पर खुद को गोली मारने के घाव थे। बाद में अधिकारियों ने उसकी मौत की पुष्टि की। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, शुरुआती जांच में ऐसा संकेत नहीं मिला कि पुलिस अधिकारियों ने रोहित पर गोली चलाई थी।
आखिरी बार मां से फोन पर हुई थी बात
शालिनी की मां सुदेश कुमारी ने बताया कि घटना से करीब एक घंटे पहले उनकी बेटी से फोन पर बात हुई थी। दोनों की बातचीत दोपहर करीब 1:58 बजे हुई थी। शालिनी ने अपनी मां से कहा था कि वह करीब 15 मिनट बाद दोबारा फोन करेंगी। लेकिन वह कॉल कभी नहीं आई। इसके बाद मां ने कई बार शालिनी को फोन किया और WhatsApp पर संदेश भेजे। इनमें उनकी चिंता जाहिर करने वाले संदेश भी शामिल थे।
सुदेश कुमारी के पति का करीब दो साल पहले निधन हो चुका था और शालिनी उनकी इकलौती बेटी थीं। बेटी की हत्या के बाद उन्होंने सवाल उठाया कि अगर आरोपी पहले से कथित तौर पर पीछा और उत्पीड़न कर रहा था, तो क्या उसे रोकने के लिए और कदम उठाए जा सकते थे।
पुलिस जांच में क्या सामने आएगा?
पुलिस अब शालिनी की हत्या, लंबे समय से चले आ रहे कथित पीछा और उत्पीड़न, निषेधाज्ञा के उल्लंघन और हाईवे 50 पर रोहित की मौत से जुड़े पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।
मामले में सामने आए अदालती दस्तावेज और परिवार के बयान बताते हैं कि यह हमला अचानक हुई हिंसा नहीं था, बल्कि इसके पीछे लंबे समय से चल रहा कथित स्टॉकिंग और उत्पीड़न था। अब जांच का अहम पहलू यह है कि निषेधाज्ञा के बावजूद आरोपी शालिनी के इतने करीब कैसे पहुंचा और हत्या से पहले उसकी गतिविधियों पर पुलिस की निगरानी किस स्तर तक थी।