Shani Gochar 2026: 9 अक्टूबर को अपने ही घर लौट रहे हैं शनिदेव, उत्तराभाद्रपद नक्षत्र को क्यों माना जाता है इतना शक्तिशाली?

Published on 7 अक्टू॰ 2026

Shani Gochar 2026: 9 अक्टूबर को अपने ही घर लौट रहे हैं शनिदेव, उत्तराभाद्रपद नक्षत्र को क्यों माना जाता है इतना शक्तिशाली?

शनि गोचर 2026Image Credit source: magnific

Shani Nakshatra Gochar 2026: पंचांग के अनुसार, 9 अक्टूबर 2026 को शनि देव उत्तराभाद्रपद नक्षत्र में प्रवेश करेंगे. इस दिन शनि देव उत्तराभाद्रपद नक्षत्र में प्रवेश करेंगे और ज्योतिषीय गणना के अनुसार करीब 8 फरवरी 2027 तक इसी नक्षत्र में रहेंगे. खास बात यह है कि उत्तराभाद्रपद नक्षत्र के स्वामी स्वयं शनि देव हैं. इसी वजह से इसे शनि का अपने ही नक्षत्र में जाना ज्योतिष की दृष्टि से खास माना जा रहा है.इसके बाद वह लंबे समय तक इसी नक्षत्र में संचरण करेंगे. शनि का यह नक्षत्र परिवर्तन करीब चार महीने तक प्रभावी रहने वाला है. ज्योतिष में ग्रह का सिर्फ राशि परिवर्तन ही नहीं, बल्कि नक्षत्र परिवर्तन भी महत्वपूर्ण माना जाता है. आइए जानते हैं किन 5 राशि वालों के लिए ये समय बड़े बदलाव लेकर आ रहा है.

क्या है उत्तराभाद्रपद नक्षत्र की खासियत?

उत्तराभाद्रपद 27 नक्षत्रों में 26वें स्थान पर आता है. वैदिक ज्योतिष में इसे गंभीरता, स्थिरता, धैर्य और आध्यात्मिक सोच से जोड़कर देखा जाता है. इस नक्षत्र के देवता अहिर्बुध्न्य माने जाते हैं, जबकि इसके स्वामी शनि देव हैं. यही कारण है कि इस नक्षत्र में शनि की स्थिति को ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष महत्व दिया जाता है. उत्तराभाद्रपद नक्षत्र से जुड़ी मान्यताओं में व्यक्ति के भीतर धैर्य बनाए रखने, परिस्थितियों को समझने और कठिन समय में संयम के साथ आगे बढ़ने की क्षमता पर जोर दिया जाता है. यह नक्षत्र जल्दबाजी के बजाय सोच-समझकर फैसले लेने और स्थिरता के साथ काम करने से जुड़ा माना जाता है.

अपने ही नक्षत्र में शनि का जाना क्यों खास?

ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, जब कोई ग्रह अपने स्वामित्व वाले नक्षत्र में होता है तो उसकी ऊर्जा को अधिक प्रभावी माना जाता है. उत्तराभाद्रपद नक्षत्र के स्वामी शनि हैं और अब शनि देव इसी नक्षत्र में प्रवेश करने जा रहे हैं. इसी वजह से इसे शनि का अपने ही नक्षत्र में लौटना कहा जा रहा है. शनि का स्वभाव धीमा और अनुशासन वाला माना जाता है. ऐसे में इस गोचर के प्रभाव भी अचानक बदलाव के बजाय धीरे-धीरे सामने आने की मान्यता है. इस अवधि में मेहनत, अनुशासन और लंबे समय से किए जा रहे प्रयासों का महत्व बढ़ सकता है.

इन 5 राशियों को मिल सकता है लाभ!

मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए यह समय कामकाज में स्थिरता लाने वाला हो सकता है. लंबे समय से अटके कामों को आगे बढ़ाने के अवसर मिल सकते हैं. आर्थिक मामलों में भी धीरे-धीरे सुधार की संभावना मानी जा रही है.

वृषभ राशि

वृषभ राशि के लोगों को करियर और आर्थिक मामलों में सकारात्मक परिणाम मिलने की मान्यता है. नौकरी या कारोबार में जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं, लेकिन इसका फायदा भविष्य में देखने को मिल सकता है.

कर्क राशि

कर्क राशि के जातकों के लिए शनि का यह नक्षत्र परिवर्तन आर्थिक मामलों में स्थिरता से जुड़ा हो सकता है. मेहनत के आधार पर लाभ मिलने और पुराने प्रयासों का परिणाम मिलने की संभावना मानी जाती है.

तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए शनि का यह गोचर कामकाज और धन से जुड़े मामलों में महत्वपूर्ण हो सकता है. नौकरी में नई जिम्मेदारी या कारोबार में किसी नई योजना पर काम करने का अवसर मिल सकता है.

मकर राशि

मकर राशि के स्वामी स्वयं शनि देव हैं. ऐसे में शनि का अपने नक्षत्र में प्रवेश इस राशि के जातकों के लिए खास माना जा रहा है. मेहनत, अनुशासन और धैर्य से जुड़े मामलों में सकारात्मक परिणाम मिलने की मान्यता है.

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Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिष शास्त्र की जानकारियों पर आधारित है. टीवी9 भारतवर्ष इसकी पुष्टि नहीं करता है.

वरुण चौहान

वरुण चौहान

इलेक्‍ट्रानिक और डिजिटल मीडिया में करीब एक दशक से ज्यादा का अनुभव. 2008 में एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन (AAFT) नोएडा से पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद कुछ अलग और नया करने की सोच के साथ मीडिया में अपने सफर की शुरुआत की. शुरुआत से ही मेरी रुचि उन विषयों को आम लोगों तक पहुंचाने में रही है, जो भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं से जुड़े हैं. अपने करियर के दौरान Channel One News, Sahara Samay, A2Z News, News Express, National Voice और पंजाब केसरी डिजिटल जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला. इन संस्थानों में काम करते हुए समाचार लेखन, फील्ड रिपोर्टिंग,और डिजिटल कंटेंट को सीखने का अनुभव मिला. फिलहाल देश के सबसे बड़े न्यूज नेटवर्क TV9 भारतवर्ष में धर्म और आस्था से जुड़ी खबरों, धार्मिक आयोजनों, ज्योतिष, वास्तु, पौराणिक कथाओं, मंदिरों की परंपराओं और व्रत-त्योहारों से जुड़े विषयों को सरल, सहज और तथ्यपूर्ण भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी निभा रहा हूं. महाकुंभ 2025 की कवरेज मेरे करियर के महत्वपूर्ण अनुभवों में शामिल है, जहां करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था, अखाड़ों की परंपराओं, संत समाज की गतिविधियों और कुंभ से जुड़े धार्मिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर विस्तार से लिखने का अवसर मिला. इसके अलावा चारधाम यात्रा, सावन, नवरात्रि, दीपावली, होली, छठ पूजा, अमरनाथ यात्रा, रमज़ान और अन्य प्रमुख धार्मिक आयोजनों पर भी लगातार लेखन किया है. भारतीय संस्कृति, धर्म-दर्शन, ज्योतिष, अंक ज्योतिष, वास्तु शास्त्र, पुराणों और लोक आस्थाओं के अध्ययन में विशेष रुचि रखता हूं. मेरा प्रयास हमेशा यही रहता है कि धार्मिक और आध्यात्मिक विषयों को सरल भाषा के माध्यम से पाठकों तक पहुंचाया जाए, ताकि वे अपनी परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को बेहतर ढंग से समझ सकें.

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