Updated On: Aug 09, 2026 | 04:01 PM IST
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सार
Share Market: रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट का कहना है कि घरेलू स्तर पर निवेशकों की नजर जुलाई की खुदरा महंगाई, थोक महंगाई और विदेशी मुद्रा भंडार के नए आंकड़ों पर रहेगी।

शेयर मार्केट आउटलुक, (डिजाइन फोटो/नवभारत)
विस्तार
Share Market Outlook: भारतीय शेयर बाजार के लिए अगला हफ्ता काफी अहम होने वाला है। अमेरिका-ईरान तनाव, पहली तिमाही के नतीजे, कच्चे तेल की कीमतें और घरेलू आर्थिक आंकड़ों से बाजार की चाल तय होगी। 10-14 अगस्त के कारोबारी सत्र में स्काईगोल्ड, बॉश, बॉम्बे डाइंग, डॉलर, डीबीएल, आईटीडीसी, वोडाफोन आइडिया, आइडियाफोर्ज, हिंदुस्तान कॉपर, लिंडे इंडिया, वीगार्ड, जी, बाटा इंडिया, ईपैक, ईपीएल, आईएफसीआई, जेएनके इंडिया और अन्य कंपनियों का नाम शामिल हैं।
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव पर भी निवेशकों की नजर रहेगी। फिलहाल दोनों देशों के बीच हमले रुके हुए, जिससे कच्चा तेल 83 डॉलर के करीब बना हुआ है। अगले हफ्ते खुदरा और थोक महंगाई के आंकड़े जारी किए जाएंगे। महंगाई के आंकड़े, बाजार में मांग और आपूर्ति की स्थिति बताते हैं और यह शेयर बाजार के निवेशकों के लिए एक अहम आंकड़ा माना जाता है।
बीते हफ्ते कैसा रहा घरेलू बाजार?
इसके अतिरिक्त, भारतीय शेयर बाजार के लिए बीता हफ्ता काफी अच्छा रहा। निफ्टी 187.05 अंक या 0.77 प्रतिशत की मजबूती के साथ 24,570.65 और सेंसेक्स 404.53 अंक या 0.52 प्रतिशत की बढ़त के साथ 78,499.17 पर बंद हुआ। इस दौरान मिडकैप और स्मॉलकैप का प्रदर्शन भी अच्छा रहा। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 548.25 अंक या 0.87 प्रतिशत की तेजी के साथ 63,463.55 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 528.15 अंक या 2.73 प्रतिशत की मजबूती के साथ 19,867.80 पर था।
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निफ्टी पीएसयू बैंक में रही तेजी
सूचकांकों में सबसे निफ्टी पीएसयू बैंक 5.01 प्रतिशत की तेजी के साथ गेनर था। निफ्टी इंडिया डिफेंस 4.30 प्रतिशत, निफ्टी मेटल 3.70 प्रतिशत, निफ्टी ऑटो 3.14 प्रतिशत, निफ्टी आईटी 2.73 प्रतिशत, निफ्टी इंडिया मैन्युफैक्चरिंग 2.04 प्रतिशत, निफ्टी कमोडिटीज 1.32 प्रतिशत, निफ्टी इन्फ्रा 1.01 प्रतिशत और निफ्टी एफएमसीजी 0.64 प्रतिशत की मजबूती के साथ बंद हुआ।
दूसरी तरफ निफ्टी मीडिया 3.94 प्रतिशत, निफ्टी रियल्टी 1.72 प्रतिशत, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज 0.48 प्रतिशत, निफ्टी प्राइवेट बैंक 0.47 प्रतिशत और निफ्टी हेल्थकेयर 0.28 प्रतिशत की कमजोरी के साथ बंद हुआ।
बाजार को लेकर एक्सपर्ट्स की राय
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट (रिसर्च) अजीत मिश्रा का कहना है कि घरेलू स्तर पर निवेशकों की नजर जुलाई की खुदरा महंगाई, थोक महंगाई और विदेशी मुद्रा भंडार के नए आंकड़ों पर रहेगी। कंपनियों के अप्रैल-जून 2026 तिमाही के नतीजों का दौर भी गति पकड़ेगा। वैश्विक स्तर पर बाजार की नजर महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जुड़े घटनाक्रमों, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और ईरान से जुड़े भू-राजनीतिक घटनाक्रम पर रहेगी।
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एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर का कहना है कि अमेरिका के जुलाई महीने के महंगाई के आंकड़ों पर भी नजर रहेगी। इसके अलावा, पश्चिम एशिया की स्थिति और कच्चे तेल की कीमतें भी भारतीय बाजार के लिए प्रमुख कारक बनी रहेंगी।
