Updated: Friday, July 31, 2026, 14:59 [IST]
Shehzad Poonawalla Secrets: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता रहे शहजाद पूनावाला एक बार फिर चर्चा के केंद्र में हैं। हालांकि, इस बार वजह उनका कोई राजनीतिक बयान या टीवी डिबेट नहीं, बल्कि पार्टी से अलग होने की खबर है। 31 जुलाई को ऐसी जानकारी सामने आई कि शहजाद पूनावाला ने बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता पद से इस्तीफा दे दिया है और पार्टी छोड़ने का फैसला किया है। बताया जा रहा है कि उन्होंने इसके पीछे निजी कारणों का हवाला दिया है। साथ ही, राजनीतिक गलियारों में यह भी अटकलें लगाई जा रही हैं कि वे सक्रिय राजनीति से दूरी बना सकते हैं।
हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम पर भारतीय जनता पार्टी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। दूसरी ओर, सोशल मीडिया पर भी शहजाद पूनावाला के प्रोफाइल में बदलाव देखने को मिला। उन्होंने अपने एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट की बायो से बीजेपी का उल्लेख हटा दिया। इसी बीच सोशल मीडिया पर उनके छोटे भाई और राजनीतिक विश्लेषक तहसीन पूनावाला का नवंबर 2025 का एक पुराना पॉडकास्ट तेजी से वायरल हो रहा है। इस इंटरव्यू में तहसीन ने पहली बार अपने और शहजाद के रिश्ते, परिवार, राजनीति, राहुल गांधी, कांग्रेस और अपने निजी जीवन से जुड़े कई सवालों पर खुलकर बात की थी। खासकर अपने भाई के साथ रिश्ते को लेकर उन्होंने जो बातें कहीं, वे एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई हैं।
Who Is Tehseen Poonawalla: कौन हैं तहसीन पूनावाला?
तहसीन पूनावाला राजनीतिक विश्लेषक, टीवी डिबेट पैनलिस्ट और सामाजिक-राजनीतिक मुद्दों पर मुखर राय रखने वाले सार्वजनिक चेहरा हैं। वे अक्सर राष्ट्रीय टीवी चैनलों पर दिखाई देते हैं। उनके राजनीतिक विचार कई बार कांग्रेस के करीब माने जाते रहे हैं, जबकि उनके बड़े भाई शहजाद पूनावाला बीजेपी का प्रमुख चेहरा रहे। यही वैचारिक अंतर लंबे समय से चर्चा का विषय रहा है।
Shehzad Brother Tehseen Poonawalla Relation: 'हम बात नहीं करते, लेकिन सम्मान खत्म नहीं हुआ'

ज्योत्सना बेदी ठुकराल के पॉडकास्ट में तहसीन पूनावाला से सबसे ज्यादा चर्चा उनके भाई शहजाद पूनावाला के साथ रिश्ते को लेकर हुई। जब उनसे पूछा गया कि दोनों भाइयों के संबंध कैसे हैं, तो उन्होंने बेहद संतुलित जवाब दिया। तहसीन ने कहा कि वे और शहजाद निजी जिंदगी में बातचीत नहीं करते। दोनों की मुलाकात केवल टीवी डिबेट, सार्वजनिक मंचों या राजनीतिक कार्यक्रमों में होती है। उन्होंने साफ कहा कि दोनों के बीच दूरी जरूर है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि सम्मान खत्म हो गया है।
उनके मुताबिक, हर रिश्ते को रोज बातचीत की जरूरत नहीं होती। कई बार अगर किसी रिश्ते में लगातार तनाव और नकारात्मकता बनी रहे तो दूरी बना लेना ही बेहतर विकल्प होता है। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर दोनों एक-दूसरे की मदद के लिए हमेशा मौजूद रहेंगे। परिवार का रिश्ता खत्म नहीं हुआ है, लेकिन व्यक्तिगत स्तर पर दूरी बनाए रखना दोनों के लिए ज्यादा स्वस्थ है।
'टॉक्सिक रिश्ते' पर क्या बोले तहसीन?
पॉडकास्ट में तहसीन ने कहा कि कई बार लोग रिश्तों को बचाने के नाम पर लगातार मानसिक तनाव झेलते रहते हैं, जबकि ऐसा करना जरूरी नहीं है। उनके अनुसार, हर रिश्ते में रोज संवाद होना जरूरी नहीं। अगर, रिश्ता लगातार तनाव और विवाद पैदा कर रहा हो तो दूरी बनाना गलत नहीं। सम्मान बनाए रखते हुए अलग रहना भी प्यार का एक रूप हो सकता है। परिवार का मतलब हमेशा साथ रहना नहीं, बल्कि जरूरत के समय साथ खड़ा होना भी है। तहसीन ने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी मां दोनों बेटों से लगातार संपर्क में रहती हैं और परिवार का रिश्ता उसी माध्यम से बना हुआ है।
क्या राजनीति बनी दोनों भाइयों के बीच दूरी की वजह?
इस सवाल पर तहसीन ने कहा कि राजनीति शुरुआती कारण जरूर थी, लेकिन समय के साथ कई अन्य निजी कारण भी जुड़ गए। उन्होंने विस्तार से उन कारणों पर चर्चा नहीं की, लेकिन इतना जरूर कहा कि अब दोनों ने अपनी-अपनी जिंदगी में आगे बढ़ने का फैसला कर लिया है। उन्होंने कहा कि रिश्ते को विवादों में घसीटने से बेहतर है कि दोनों अपने-अपने रास्ते पर सम्मान के साथ आगे बढ़ें।
बचपन की यादें: मस्ती और लोगों को परेशान करना
तहसीन ने अपने बचपन को याद करते हुए कहा कि उनका बचपन बेहद खुशहाल और शरारतों से भरा था। उन्होंने बताया कि उनका परिवार पुणे में रहता था। बचपन में दोस्तों के साथ खूब मस्ती करते थे और लोगों को परेशान करना भी उन्हें अच्छा लगता था।
राजनीति में दिलचस्पी बचपन से ही थी। उनके पिता रोज घर में अंग्रेजी, हिंदी और मराठी के अखबार मंगवाते थे। वे सबसे पहले राजनीतिक खबरें पढ़ते थे और खुद को भविष्य में राजनीति का हिस्सा बनने की कल्पना करते थे। घर में डाइनिंग टेबल पर राजनीति और धर्म जैसे विषयों पर खुलकर चर्चा होती थी। राजीव गांधी, वीपी सिंह और उस दौर की राजनीतिक घटनाओं पर परिवार में होने वाली बहसों ने उनके सोचने का तरीका विकसित किया।

मां को बताया सबसे बड़ी प्रेरणा
जब उनसे पूछा गया कि उन्हें सबसे ज्यादा किसने प्रेरित किया, तो उन्होंने सबसे पहले अपनी मां का नाम लिया। उन्होंने कहा कि परिवार में उनकी सबसे बड़ी प्रेरणा उनकी मां रही हैं। वहीं वैश्विक स्तर पर अल्बर्ट आइंस्टाइन और ओशो से वे काफी प्रभावित रहे हैं। तहसीन ने कहा कि आइंस्टाइन की वैज्ञानिक सोच और समस्याओं को देखने का तरीका उन्हें बेहद पसंद है, जबकि ओशो के विचारों ने उन्हें जीवन को अलग नजरिए से समझने में मदद की।
खुद को कैसे देखते हैं?
तहसीन ने कहा कि वे खुद को केवल राजनीतिक विश्लेषक नहीं मानते। उनके शब्दों में वे एक 'पॉलिटिकल थिंकर' हैं, जो समाज में सुधार लाना चाहता है और अपने विचारों के जरिए लोगों को प्रभावित करने की कोशिश करता है।
Tehseen Poonawalla Monicka Vadera Poonawalla Love Story: मोनिका वाड्रा से मुलाकात कैसे हुई?
पॉडकास्ट में तहसीन ने अपनी पत्नी मोनिका वाड्रा के साथ अपनी प्रेम कहानी भी साझा की। उन्होंने बताया कि दोनों की मुलाकात एक कॉमन फ्रेंड के जरिए हुई थी। उस समय उन्हें यह भी नहीं पता था कि मोनिका, रॉबर्ट वाड्रा (प्रियंका गांधी वाड्रा के पति) की बहन हैं। पहले दोस्ती हुई, फिर बातचीत बढ़ी। इसके बाद दोनों ने डेटिंग शुरू की और बाद में सगाई। इसके बाद शादी। उन्होंने कहा कि उनका रिश्ता किसी राजनीतिक वजह से नहीं, बल्कि व्यक्तिगत समझ और आपसी विश्वास के आधार पर बना।
राहुल गांधी की छवि पर क्या बोले?
राहुल गांधी को लेकर पूछे गए सवाल पर तहसीन ने कहा कि उनकी सार्वजनिक छवि को मीडिया और कांग्रेस के कम्युनिकेशन सिस्टम दोनों ने नुकसान पहुंचाया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी कई बार मंच पर सही बात कहना चाहते हैं, लेकिन शब्दों का चयन ठीक नहीं हो पाता। हंसी-मजाक में उन्होंने यह भी कहा कि अगर राहुल गांधी उन्हें अपना स्पीच कोच बना लें तो वे उनकी सार्वजनिक प्रस्तुति बेहतर बनाने की कोशिश करेंगे।