Updated On: Aug 04, 2026 | 09:23 PM IST
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सार
Maharashtra SIR Date Extended: महाराष्ट्र में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की समयसीमा बढ़कर 17 अगस्त 2026 हो गई है। जानें BLO सत्यापन, ड्राफ्ट सूची और फाइनल वोटर लिस्ट की पूरी जानकारी।

SIR करते हुए BLO की सांकेतिक फोटो (सोर्स: इमेजबाजार)
विस्तार
Maharashtra Sir Voter List Verification: महाराष्ट्र के उन नागरिकों के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण और राहत भरी खबर सामने आई है, जो अभी तक अपना नाम मतदाता सूची में दर्ज नहीं करा पाए थे या जिनके विवरण में कोई त्रुटि रह गई थी।
भारत निर्वाचन आयोग ने राज्य में चल रहे मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम की समयसीमा को आगे बढ़ाने का बड़ा फैसला लिया है। अब नागरिकों के पास अपने लोकतांत्रिक अधिकार को सुनिश्चित करने के लिए कुछ और दिन का समय मिल गया है।
17 अगस्त तक सक्रिय रहेंगे BLO
निर्वाचन आयोग द्वारा जारी नए संशोधित कार्यक्रम के अनुसार, बूथ लेवल ऑफिसर अब 17 अगस्त 2026 तक घर-घर जाकर मतदाताओं के विवरण का सत्यापन करेंगे। पहले यह समयसीमा जल्द समाप्त होने वाली थी, लेकिन पंजीकरण की गति और नागरिकों की सुविधा को देखते हुए इसे विस्तार दिया गया है। आयोग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र मतदाता इस सूची से बाहर न छूटे।
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प्रारूप मतदाता सूची और महत्वपूर्ण तिथियां
चुनाव आयोग ने न केवल पंजीकरण की तारीख बढ़ाई है, बल्कि पूरी प्रक्रिया का एक स्पष्ट रोडमैप भी जारी किया है, जो इस प्रकार है:
- 17 अगस्त, 2026: मतदान केंद्रों के पुनर्गठन और BLO द्वारा सत्यापन की अंतिम तिथि।
- 24 अगस्त, 2026: इस दिन बहुप्रतीक्षित प्रारूप मतदाता सूची (Draft Voter List) प्रकाशित की जाएगी।
- 24 अगस्त से 23 सितंबर, 2026: इस एक महीने के दौरान नागरिक प्रारूप सूची में अपने नाम की जांच कर सकेंगे और यदि कोई गलती हो, तो उस पर दावे या आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे।
- 22 अक्टूबर, 2026: सभी प्राप्त आवेदनों की छंटनी, सुनवाई और उनके निपटारे की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
- 27 अक्टूबर, 2026: सभी सुधारों के बाद अंतिम मतदाता सूची (Final Voter List) का प्रकाशन किया जाएगा।
निर्वाचन आयोग की चेतावनी
जहां एक ओर समयसीमा बढ़ने से राहत मिली है, वहीं निर्वाचन आयोग ने कड़ा रुख भी अपनाया है। आयोग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जो मतदाता सत्यापन के दौरान BLO को सही जानकारी नहीं देंगे या जानबूझकर जानकारी छिपाएंगे, उनके नाम मतदाता सूची से हटाए जा सकते हैं। इसके अलावा, नाम जोड़ने या हटाने के लिए गलत जानकारी देना या झूठी घोषणा करना कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकता है।
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पुणे जैसे शहरों के लिए विशेष महत्व
विस्तार विशेष रूप से उन क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण है जहां काम की गति धीमी थी। उदाहरण के लिए, पुणे में पुनरीक्षण का काम केवल 55 प्रतिशत ही पूरा हो पाया था, जिसे अब अगले कुछ दिनों में पूरा करने की चुनौती प्रशासन के सामने है।
निर्वाचन आयोग ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे इस विस्तारित समय का लाभ उठाएं और यह सुनिश्चित करें कि उनका नाम, पता और अन्य विवरण मतदाता सूची में बिल्कुल सही हों, ताकि आने वाले चुनावों में वे बिना किसी बाधा के मतदान कर सकें।
