Sonia Gandhi: सोनिया गांधी की आत्मकथा में ऐसा क्या है? बघेल बोले- ‘बीजेपी की सेहत पर पड़ सकता है असर’

Published on 30 अग॰ 2026

Sonia Gandhi Autobiography: कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने आरोप लगाया है कि BJP के नेतृत्व वाली सरकार सोनिया गांधी की आत्मकथा 'बिलोंगिंग' के प्रकाशन को रोकने के लिए दबाव बना रही है. उनका दावा है कि किताब की बेबाक बातों से पार्टी की 'सेहत' खराब हो सकती है, इसीलिए वे इसे रोकना चाहते हैं.

Sonia Gandhi Book: कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने आरोप लगाया है कि सरकार सोनिया गांधी की आत्मकथा को छपने से रोकने के लिए दबाव बना रही है. उनका कहना है कि UPA अध्यक्ष के तौर पर सोनिया गांधी के बेबाक और निडर खुलासे "BJP की सेहत पर असर" डाल सकते हैं, इसीलिए इसे रिलीज होने से रोकने की कोशिश हो रही है. शनिवार को बघेल ने पत्रकारों से कहा, "आप समझ सकते हैं कि सरकार और उसका जनसंपर्क विभाग कितना दबाव डालता है. सोनिया गांधी जी बेबाकी से बात रखने वाली, एक निडर महिला हैं और UPA की चेयरपर्सन रही हैं. वो जो कुछ भी लिखेंगी, उससे BJP की सेहत पर असर पड़ सकता है. इसीलिए वे नहीं चाहते कि यह किताब छपे."

पब्लिशर ने 'बिलोंगिंग' पर अपनी स्थिति साफ की

बघेल का यह बयान सोनिया गांधी की आत्मकथा 'बिलोंगिंग' के प्रकाशन को लेकर चल रहे विवाद के बीच आया है. इस विवाद की एक वजह पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया का वो बयान भी है, जिसमें उसने साफ किया कि वह भारत में इस किताब का प्रकाशक नहीं है. शुक्रवार को पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने एक बयान जारी किया था. यह बयान उन मीडिया रिपोर्ट्स के बाद आया, जिनमें दावा किया गया था कि सोनिया गांधी ने किताब में कुछ संपादकीय बदलावों को मानने से इनकार कर दिया, जिसके बाद पब्लिशर ने किताब छापने से हाथ खींच लिए. बयान में कहा गया, "पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया भारत में 'बिलोंगिंग' का प्रकाशक नहीं है. यह कहना कि हमने किताब छापने से इसलिए मना कर दिया क्योंकि लेखक ने संपादकीय बदलावों को खारिज कर दिया, यह परिस्थितियों को सही ढंग से नहीं दिखाता."

पब्लिशर ने कहा कि वह अब भी "किताब छापने का इच्छुक" है. साथ ही इस बात पर भी जोर दिया कि फैक्ट-चेकिंग और संपादकीय बदलावों का सुझाव देना उसकी जिम्मेदारी का हिस्सा है. बयान में आगे कहा गया, "एक प्रकाशक के तौर पर, फैक्ट-चेक करना और लेखक को ऐसे सुझाव देना जो उनकी किताब के हित में हों, यह हमारा अधिकार भी है और जिम्मेदारी भी. यह प्रकाशन प्रक्रिया का एक सामान्य हिस्सा है. संबंधित चर्चाओं के दौरान, पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया का यही रुख था कि हम किताब प्रकाशित करने के इच्छुक और उत्सुक हैं. हम लेखक के साथ हुई गोपनीय बातचीत पर आगे कोई टिप्पणी नहीं करेंगे."

आत्मकथा में क्या है खास?

यह आत्मकथा सोनिया गांधी के असाधारण सफर को बयां करती है. इसमें युद्ध के बाद के इटली में उनके बचपन से लेकर, उनके रोमांस जो उन्हें भारत ले आया, और फिर उनकी जिंदगी को गहराई से बदलने वाली दुखद व्यक्तिगत त्रासदियों तक का जिक्र है.

इस किताब में 79 साल की कांग्रेस की दिग्गज नेता, जो पार्टी की सबसे लंबे समय तक अध्यक्ष रहने का रिकॉर्ड रखती हैं, ने इटली में अपने बचपन, कैम्ब्रिज में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के साथ अपने रोमांस, और अपनी सास इंदिरा गांधी और पति राजीव गांधी की हत्याओं को याद किया है. इटली में जन्मीं सोनिया गांधी 1965 में इंग्लैंड के कैम्ब्रिज में 19 साल की स्टूडेंट थीं, जब उनकी मुलाकात राजीव गांधी से हुई. दोनों ने 25 फरवरी, 1968 को शादी कर ली.

भारत में रिलीज पर अनिश्चितता

पब्लिशर अल्फ्रेड ए. नॉफ ने 18 अगस्त को ऐलान किया था कि सोनिया गांधी की आत्मकथा 'बिलोंगिंग: ए जर्नी ऑफ लव' 10 नवंबर को प्रकाशित होगी. अल्फ्रेड ए. नॉफ, नॉफ डबलडे पब्लिशिंग ग्रुप का एक हिस्सा है, जो पेंगुइन रैंडम हाउस, LLC का एक डिवीजन है. इनकी पेरेंट कंपनी एक अंतरराष्ट्रीय मीडिया कंपनी Bertelsmann AG है. पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया की सफाई के बाद, अब यह देखना होगा कि 'बिलोंगिंग' भारत में कब और किस पब्लिशिंग हाउस के जरिए रिलीज होगी.