Space Rules Changed: अब अंतरिक्ष से कुछ भी वापस लाना इतना आसान नहीं! सरकार ने बना दिए नए सख्त नियम

Published on 30 जुल॰ 2026

देश

  • Edited by: पीयूष कुमार
  • Updated Jul 30, 2026, 06:59 PM IST

भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष संवर्धन एवं प्राधिकरण केंद्र (IN-SPACe) ने अंतरिक्ष से किसी भी प्रक्षेपित वस्तु को योजनाबद्ध तरीके से पृथ्वी पर वापस लाने के लिए नए दिशानिर्देश जारी किए हैं। नए नियमों के तहत निजी कंपनियों को ऐसी किसी भी गतिविधि से पहले IN-SPACe की मंजूरी लेना अनिवार्य होगा। कंपनियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि वापसी के दौरान जान-माल को नुकसान का जोखिम 10,000 में एक से भी कम रहे।

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Space Rules Changed: अंतरिक्ष से लौटने वाली हर चीज पर सरकार की 'ग्रीन सिग्नल' होगी जरूरी। AI IMAGE

भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष संवर्धन एवं प्राधिकरण केंद्र (IN-SPACe) ने अंतरिक्ष से किसी भी प्रक्षेपित वस्तु को योजनाबद्ध तरीके से पृथ्वी पर वापस लाने के लिए नए दिशानिर्देश जारी किए हैं। इन नियमों के तहत अब निजी अंतरिक्ष कंपनियों को ऐसी किसी भी गतिविधि से पहले IN-SPACe की मंजूरी लेना अनिवार्य होगा। ये दिशानिर्देश 23 जुलाई को जारी किए गए थे और अब इन्हें सार्वजनिक कर दिया गया है।

सुरक्षा को लेकर तय किए गए कड़े मानक

नए नियमों के अनुसार, अंतरिक्ष से किसी वस्तु को वापस लाने के दौरान लोगों की जान-माल को होने वाले नुकसान का जोखिम 10,000 में एक (1:10,000) से कम रखना होगा। यानी कंपनियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि पृथ्वी पर लौटने वाली वस्तु से किसी भी तरह की दुर्घटना की संभावना बेहद कम हो।

अब बिना मंजूरी नहीं होगी वापसी

दिशानिर्देशों में कहा गया है कि भारत की कोई भी निजी कंपनी यदि अंतरिक्ष में भेजी गई किसी वस्तु को वापस पृथ्वी पर लाना चाहती है, तो उसे पहले IN-SPACe से अनुमति लेनी होगी। यह नियम भारत के भीतर और विदेश में होने वाली दोनों तरह की वापसी योजनाओं पर लागू होगा।

विदेशी कंपनियों के लिए भी नियम

IN-SPACe ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई विदेशी संस्था अपनी अंतरिक्ष वस्तु को योजनाबद्ध तरीके से पृथ्वी पर वापस लाना चाहती है, तो उसे भारत में पंजीकृत संस्था के माध्यम से ही IN-SPACe से मंजूरी लेनी होगी। नए दिशानिर्देशों के अनुसार, अंतरिक्ष से वस्तुओं की वापसी से जुड़े सभी जोखिम और जिम्मेदारी संबंधित कंपनियों की होगी। कंपनियां इस संबंध में भारत सरकार पर किसी भी तरह की देनदारी नहीं डाल सकेंगी। आवश्यकता पड़ने पर IN-SPACe कंपनियों से अनिवार्य थर्ड पार्टी लायबिलिटी इंश्योरेंस समेत पर्याप्त बीमा लेने को भी कह सकता है।

वापसी का उद्देश्य भी बताना होगा

दिशानिर्देशों में यह भी कहा गया है कि मंजूरी के लिए आवेदन करते समय कंपनियों को यह स्पष्ट करना होगा कि अंतरिक्ष से वस्तु को वापस लाने का उद्देश्य क्या है और उसका उपयोग किस लिए किया जाएगा। यह नए दिशानिर्देश भारतीय अंतरिक्ष नीति-2023 के तहत जारी किए गए हैं। इनका उद्देश्य निजी अंतरिक्ष गतिविधियों को सुरक्षित, पारदर्शी और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप संचालित करना है।

Piyush Kumar

पीयूष कुमारauthor

पीयूष कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर Senior Copy Editor के रूप में कार्यरत हैं। देश-दुनिया की हलचल पर उनकी पैनी नजर रहती है और इन घटनाओं को सटीक, सरल और असरदार अंदाज में खबरों की भाषा देना उनकी सबसे बड़ी ताकत है। ब्रेकिंग न्यूज की रफ्तार हो या किसी जटिल मुद्दे को आसान बनाकर समझाने वाले एक्सप्लेनर—पीयूष दोनों में बराबर दक्षता रखते हैं। न्यूज जजमेंट, फैक्ट-बेस्ड राइटिंग और एंड-टू-एंड कॉपी प्रोडक्शन पर इनकी पकड़ मजबूत है और अबतक 4,000 से अधिक स्टोरी लिख चुके हैं।

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