SPECIAL REPORT: नेपाल में आई भीषण बाढ़ ने कैलाश मानसरोवर यात्रा के रास्ते को पूरी तरह बर्बाद कर दिया है. नुवाकोट से लेकर चीन सीमा तक पड़ने वाले सभी प्रमुख पुल बह चुके हैं.
SPECIAL REPORT: नेपाल में आई भीषण बाढ़ ने कैलाश मानसरोवर यात्रा के रास्ते को पूरी तरह बर्बाद कर दिया है. नुवाकोट से लेकर चीन सीमा तक पड़ने वाले सभी प्रमुख पुल बह चुके हैं.
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kailash mansarovar yatra Photograph: (NN)
SPECIAL REPORT: नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ ने नुवाकोट से लेकर रसुवा और चीन सीमा की ओर जाने वाले रास्तों को भारी नुकसान पहुंचाया है. इस बाढ़ का असर कैलाश मानसरोवर यात्रा पर भी पड़ सकता है. कई जगह सड़कें पूरी तरह बह गई हैं और रास्ते में बने पुल भी नदी के तेज बहाव की चपेट में आ गए हैं.
त्रिशूली बाजार से करीब चार किलोमीटर आगे बढ़ते ही बाढ़ की तबाही का असली मंजर दिखाई देता है. जहां पहले सड़क हुआ करती थी, वहां अब सिर्फ मलबा नजर आता है. पानी की तेज लहर ने सड़क को पूरी तरह बहा दिया है और आगे का रास्ता खत्म हो गया है. तबाही सिर्फ सड़क तक सीमित नहीं रही. नदी का बहाव इतना तेज था कि उसने पहाड़ के हिस्से तक को काट दिया. पानी ने पहाड़ को चीरते हुए अपना रास्ता बनाया और फिर दो हिस्सों में बंटकर आसपास के इलाके में तबाही मचा दी.
कैलाश मानसरोवर यात्रा की राह में बड़ी मुश्किल #NepalTragedy#RescueOperation#GroundReport#NewsNation@nn_aamirpic.twitter.com/IShPFNGy9u
— News Nation (@NewsNationTV) September 3, 2026
जहां कभी घर, सड़क और लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी थी, वहां अब सिर्फ मलबा और बर्बादी के निशान दिखाई दे रहे हैं. बाढ़ ने कई परिवारों से उनके घर और रोजी-रोटी तक छीन ली. इस पूरे इलाके में पुलों को भी भारी नुकसान पहुंचा है. नुवाकोट-रसुवा क्षेत्र में करीब 18 पक्के पुलों के क्षतिग्रस्त होने की जानकारी सामने आई है. वहीं, मितेरी पुल से मलेखु तक करीब 35 पुलों के बहने की बात कही जा रही है.
इसके अलावा 30 अगस्त को त्रिशूली नदी में आई एक और बाढ़ ने घ्यालचोक-चारौदी का करीब 130 मीटर लंबा सस्पेंशन ब्रिज भी बहा दिया. इन हालातों में नुवाकोट से चीन बॉर्डर की तरफ जाने वाला रास्ता बुरी तरह प्रभावित हुआ है. इसका सीधा असर कैलाश मानसरोवर यात्रा पर पड़ सकता है. सड़क और पुलों के दोबारा तैयार होने तक यात्रियों को इस मार्ग से गुजरने में लंबा समय लग सकता है. नदी की एक भयानक लहर ने सिर्फ सड़क और पुल नहीं बहाए, बल्कि पूरे इलाके का नक्शा बदल दिया है. कैलाश मानसरोवर जाने वाले इस रास्ते पर टूटी सड़क और पुलों को दोबारा जोड़ना ही अब सबसे बड़ी चुनौती है, देखिए सैयद आमिर की स्पेशल रिपोर्ट...