पीएम मोदी के जींद दौरे से पहले SPG ने बदला रूट : संकरी सड़कों पर सुरक्षा आपत्ति के बाद अब सिर्फ 45 मिनट रुकेंगे प्रधानमंत्री - Haribhoomi

Published on 16 जुल॰ 2026

पीएम मोदी देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। इस दौरान 200 स्कूली बच्चे ट्रेन में सफर करेंगे। स्टेशन परिसर में वायुसेना की टीम ने हेलीकॉप्टर की रिहर्सल लैंडिंग पूरी कर ली है।

PM Modi Jind

जींद में रैली स्थल की जांच करते सुरक्षा कर्मचारी व प्रधानमंत्री की रैली को लेकर मंच पर लगाई गई एलईडी स्क्रीन।

  • Published: 16 Jul 2026, 03:59 PM IST
  • Last Updated: 16 Jul 2026, 03:59 PM IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 17 जुलाई (शुक्रवार) को होने वाले ऐतिहासिक जींद दौरे से कुछ घंटे पहले सुरक्षा व्यवस्था में बड़ा फेरबदल किया गया है। स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (SPG) के आला अधिकारियों द्वारा रूट के बारीक निरीक्षण के बाद प्रधानमंत्री का यात्रा मार्ग पूरी तरह बदल दिया गया है। वीवीआईपी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अब पीएम मोदी का हेलीकॉप्टर शहर के बीच उतरने के बजाय सीधे रेलवे स्टेशन परिसर के पास बने रामलीला मैदान में लैंड करेगा, जहां वे देश की पहली हाइड्रोजन संचालित ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। 
सुरक्षा समीक्षा के बाद यह निर्णय लिया गया है कि प्रधानमंत्री जींद में केवल 40 से 45 मिनट का समय बिताएंगे और इसके तुरंत बाद वे चंडीगढ़ के लिए प्रस्थान कर जाएंगे।

संकरी सड़कों के चलते गोहाना रोड वीवीआईपी रूट से बाहर 
पहले से तय योजना के मुताबिक प्रधानमंत्री को शहर के व्यस्त और घनी आबादी वाले रास्तों से होकर हुडा ग्राउंड स्थित जनसभा स्थल तक जाना था। हालांकि, एसपीजी (SPG) ने इस पर कड़ा ऐतराज जताया। सुरक्षा एजेंसियों का मानना था कि शहर की एकल और संकरी (सिंगल-तंग) सड़कों से इतने बड़े वीवीआईपी काफिले को गुजारना सुरक्षा के लिहाज से बेहद जोखिम भरा हो सकता है। इस आपत्ति के बाद गोहाना रोड को वीवीआईपी रूट से पूरी तरह हटा दिया गया है। अब नया रूट इस प्रकार होगा: 
• स्टेशन से रवानगी: रेलवे स्टेशन से निकलकर काफिला पटियाला चौक और नरवाना चौक पहुंचेगा।
• बाईपास रूट: यहां से अमरेहड़ी के समीप जींद बाईपास पर गाड़ी चढ़ेगी।
• सभा स्थल आगमन: बाईपास से होते हुए हैबतपुर मार्ग के जरिए काफिला सीधे हुडा ग्राउंड (रैली स्थल) में प्रवेश करेगा।

स्थानीय व्यापारियों और आम जनता ने ली राहत की सांस 
रूट में इस बड़े बदलाव से जींद के स्थानीय निवासियों और दुकानदारों को बड़ी राहत मिली है। पिछले कई दिनों से सुरक्षा घेरा तैयार करने के लिए गोहाना रोड पर दुकानों के आगे लगाई जा रही बांस की बल्लियां अब हटाई जाने लगी हैं। अगर पुराना रूट लागू रहता, तो नागरिक अस्पताल (सिविल हॉस्पिटल), जिला अदालत (डिस्ट्रिक्ट कोर्ट) और अन्य सरकारी दफ्तरों में आने-जाने वाले हजारों आम नागरिकों को भारी जाम और पाबंदियों का सामना करना पड़ता। अब व्यस्ततम इलाकों में यातायात सामान्य रहेगा।

200 स्कूली बच्चे करेंगे पहली यात्रा, ई-बसों के लिए विशेष इंतजाम 
जींद रेलवे स्टेशन पर तैयारियों का जायजा लेते हुए उत्तर रेलवे के डीआरएम पुष्पेश रमन त्रिपाठी ने आवश्यक निर्देश जारी किए। इस पहली हाइड्रोजन ट्रेन में सफर करने का गौरव सबसे पहले 200 स्कूली बच्चों को मिलेगा। इसके साथ ही वरिष्ठ नागरिकों की भी एक सूची तैयार की जा रही है जो इस सफर का हिस्सा बनेंगे। 

इसके अलावा, पर्यावरण का संदेश देते हुए प्रदेशभर से रैली में आने वाली इलेक्ट्रिक बसों के लिए आयोजन स्थल के पास 12 बड़े अस्थायी चार्जिंग स्टेशन बनाए गए हैं, जबकि 50 छोटे ई-वाहनों के लिए भी अलग से चार्जिंग प्वाइंट स्थापित किए गए हैं। इसी मंच से पीएम मोदी पंजाब के जालंधर से करतोली पंजाब-अम्बाला कैंट एक्सप्रेस और छोहरटा-वाराणसी संत रविदास एक्सप्रेस का भी डिजिटल माध्यम से लोकार्पण करेंगे। 

चप्पे-चप्पे पर कमांडो तैनात 
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव गुरुवार रात को ही जींद में डेरा डाल लेंगे। वहीं, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और राज्यपाल असीम घोष भी शाम तक जींद पहुंचकर मुस्तैद हो जाएंगे। ये सभी गणमान्य नेता शुक्रवार सुबह 10:45 बजे जींद पहुंचने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत करेंगे। सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए एसपीजी के अचूक निशानेबाज और सादी वर्दी में तैनात खुफिया जवान चप्पे-चप्पे पर नजर रख रहे हैं। वायुसेना की अंबाला टीम ने हेलीकॉप्टरों की रिहर्सल लैंडिंग भी पूरी कर ली है।  
इस बीच मुख्य सचिव कार्यालय के निर्देशानुसार प्रदेश के अन्य 21 जिलों में भी समानांतर लाइव कार्यक्रम आयोजित होंगे, जहां कांग्रेस से पाला बदलकर आए 5 बागी विधायकों (शैली चौधरी, रेणु बाला, जरनैल सिंह, मोहम्मद इजराइल और मोहम्मद इलियास) समेत अन्य मंत्रियों-विधायकों को अपने-अपने जिलों में रहकर मोर्चा संभालने को कहा गया है।