ST प्रमाणपत्र से DSP बने, OBC से जिला पंचायत सदस्य: पूर्व विधायक के पति ने बदली जाति; FIR के बाद रिकॉर्ड खंगाल रहे अफसर - Guna News

Published on 20 सित॰ 2026

रघुवीर सिंह मीना के खिलाफ छानबीन समिति की जांच रिपोर्ट के आधार पर FIR दर्ज की गई है।

करीब चार दशक तक पुलिस सेवा में रहे रघुवीर सिंह मीना अब जाति प्रमाणपत्र को लेकर चर्चा में हैं। पुलिस हेडक्वार्टर की सतर्कता शाखा ने उनके खिलाफ फ्रॉड, आपराधिक षड्यंत्र समेत अन्य धाराओं में FIR दर्ज की है। आरोप है कि उन्होंने अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग क

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शिकायत के अनुसार, इससे पहले वे अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के प्रमाणपत्र के आधार पर सरकारी शिक्षक बने थे। वहीं, रिटायरमेंट के बाद 2022 में उन्होंने OBC आरक्षित सीट से जिला पंचायत का चुनाव भी लड़ा।

रघुवीर सिंह मीना की पत्नी ममता मीना चाचौड़ा सीट से विधायक रही हैं।

रघुवीर सिंह मीना की पत्नी ममता मीना चाचौड़ा सीट से विधायक रही हैं।

सिरोंज से बनवाया ST का प्रमाणपत्र

रघुवीर सिंह मीना मूल रूप से गुना जिले के चाचौड़ा क्षेत्र के अजगरी गांव के रहने वाले हैं। उन्होंने OBC वर्ग के आरक्षण का लाभ लेकर सरकारी शिक्षक की नौकरी हासिल की और चित्तोड़ा गांव के सरकारी स्कूल में सेवाएं दीं।

आरोप है कि वर्ष 1984 में रघुवीर सिंह मीना ने विदिशा जिले का मूल निवासी प्रमाणपत्र बनवाया। इसके बाद सिरोंज से ST वर्ग का जाति प्रमाणपत्र हासिल किया। इसी के आधार पर उन्होंने MPPSC की परीक्षा दी और DSP बने।

अब जांच का प्रमुख सवाल यही है कि ST प्रमाणपत्र किस आधार पर जारी हुआ और क्या उसके जरिए MPPSC में आरक्षण का लाभ लेना नियमों के अनुरूप था।

2001 में IPS बने, दो राष्ट्रपति पुरस्कार मिले

DSP बनने के बाद रघुवीर सिंह मीना ब्यावरा SDOP और राजगढ़ जिले में ASP रहे। वर्ष 2001 में उन्हें IPS अवॉर्ड हुआ। IPS बनने के बाद उन्होंने बड़वानी और आगर मालवा जिले में SP के रूप में जिम्मेदारी संभाली। गुना और रीवा में कमांडेंट भी रहे।

उन्हें दो राष्ट्रपति पुलिस पुरस्कार भी मिले। वर्ष 2005 में वीरता के लिए पुलिस मेडल फॉर गैलंट्री और 2009 में उत्कृष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुरस्कार मिला।

रघुवीर सिंह मीना और उनकी पत्नी ममता मीना की दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल के साथ पुरानी तस्वीर।

रघुवीर सिंह मीना और उनकी पत्नी ममता मीना की दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल के साथ पुरानी तस्वीर।

1984 में जारी हुआ था ST प्रमाणपत्र, अमान्य घोषित

मामले की शिकायत राघौगढ़ निवासी हरवीर सिंह रघुवंशी ने वर्ष 2016 में की थी। इसके बाद प्रकरण मध्य प्रदेश शासन की अनुसूचित जनजाति संदेहास्पद जाति प्रमाणपत्र उच्च स्तरीय छानबीन समिति के पास पहुंचा। समिति ने संबंधित प्रमाणपत्र से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की।

सामने आया कि विदिशा के आदिम जाति कल्याण विभाग ने 1984 में रघुवीर सिंह मीना का अनुसूचित जनजाति का प्रमाणपत्र जारी किया था। समिति ने इस प्रमाणपत्र को अमान्य घोषित किया है। समिति की जांच में प्रमाणपत्र हासिल करने और उसके आधार पर MPPSC परीक्षा देने में अनियमितता पाए जाने की बात कही गई।

इसी जांच के आधार पर पुलिस मुख्यालय की सतर्कता शाखा ने 18 सितंबर को रघुवीर सिंह मीना के खिलाफ FIR दर्ज की।

2021 में रिटायरमेंट, 2022 में OBC सीट से चुनाव लड़ा

रघुवीर सिंह मीना वर्ष 2021 में पुलिस सेवा से रिटायर हुए। इसके अगले साल 2022 में उन्होंने जिला पंचायत के वार्ड नंबर 16 से चुनाव लड़ा। यह सीट OBC के लिए आरक्षित थी।

आरोप है कि चुनाव के लिए उन्होंने चाचौड़ा से OBC प्रमाणपत्र बनवाया और जीतकर जिला पंचायत सदस्य बने।

रघुवीर सिंह मीना सोशल मीडिया पर भी सक्रिय हैं।

रघुवीर सिंह मीना सोशल मीडिया पर भी सक्रिय हैं।

पत्नी ममता मीना भाजपा से विधायक रहीं, अब AAP में

रघुवीर सिंह मीना की पत्नी ममता मीना भी राजनीति में सक्रिय रही हैं। वे 2000 से 2005 तक गुना जिला पंचायत की अध्यक्ष रहीं। 2013 में भाजपा ने उन्हें चाचौड़ा से विधानसभा टिकट दिया और वे चुनाव जीतकर विधायक बनीं। 2018 में भाजपा ने उन्हें दोबारा उम्मीदवार बनाया लेकिन वे कांग्रेस के लक्ष्मण सिंह से हार गईं।

2022 के पंचायत चुनाव में ममता मीना जिला पंचायत के वार्ड नंबर 18 जबकि रघुवीर सिंह मीना वार्ड नंबर 16 से जीते। 2023 के विधानसभा चुनाव से पहले ममता मीना भाजपा से टिकट की दावेदार थीं। पार्टी ने चाचौड़ा से प्रियंका पेंची को उम्मीदवार बनाया।टिकट नहीं मिलने के बाद ममता मीना और रघुवीर सिंह मीना ने भाजपा छोड़ दी और आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए।

ममता मीना ने AAP के टिकट पर चाचौड़ा से विधानसभा चुनाव लड़ा, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा।

जाति प्रमाणपत्र मामले की जांच में ये बिंदु शामिल

जाति प्रमाणपत्र को लेकर जांच में मुख्य रूप से इन बिंदुओं को देखा जा रहा है…

  • 1984 में ST प्रमाणपत्र किस आधार पर जारी हुआ?
  • MPPSC आवेदन में कौन से दस्तावेज लगाए गए थे?
  • क्या ST प्रमाणपत्र के आधार पर आरक्षण का लाभ लेना नियमों के अनुरूप था?
  • पुलिस सेवा में प्रमोशन के दौरान किस जाति प्रमाणपत्र का इस्तेमाल हुआ?
  • 2022 में OBC प्रमाणपत्र किस आधार पर जारी किया गया?
  • दोनों प्रमाणपत्रों के जारी होने की प्रक्रिया में किसी अधिकारी या कर्मचारी की भूमिका थी?

पत्नी ममता मीना वीडियो जारी कर दी सफाई

FIR के बाद 19 सितंबर को पूर्व विधायक ममता मीना ने एक वीडियो जारी कर पूरे मामले पर अपनी बात रखी। वीडियो में उन्होंने कहा-

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झांसी की रानी अंग्रेजों से लड़ी थीं। उन अंग्रेजों के मित्रों से हम लड़ रहे हैं और लड़ते रहेंगे।

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पूर्व IPS बोले- 40 साल बाद कागज ढूंढा जा रहा है

इस मामले में रघुवीर सिंह मीना का कहना है कि 1984 में सर्टिफिकेट जारी हुआ था, अब 40 साल बाद उसे ढूंढा जा रहा है।

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पूर्व विधायक के रिटायर्ड IPS पति पर FIR

रिटायर्ड IPS रघुवीर सिंह मीना पर जाति प्रमाणपत्र मामले में FIR दर्ज हुई है। पुलिस मुख्यालय की सतर्कता शाखा ने यह कार्रवाई की। उन पर विदिशा से ST प्रमाणपत्र जारी कराकर नौकरी लेने का आरोप है। छानबीन समिति की जांच रिपोर्ट के आधार पर FIR दर्ज की गई है। पढ़ें पूरी खबर…