मंगलवार का दिन भगवान हनुमान को समर्पित माना जाता है। इस दिन विधि-विधान से सुंदरकांड का पाठ करने से मानसिक शांति, आत्मबल, सकारात्मक ऊर्जा और जीवन की बाधाओं से मुक्ति मिलने की मान्यता है।
मंगलवार को इस विधि से करें सुंदरकांड पाठ हनुमान जी की मिलेगी विशेष कृपा।
- Published: 14 Jul 2026, 10:21 AM IST
- Last Updated: 14 Jul 2026, 10:21 AM IST
सनातन धर्म में मंगलवार का दिन भगवान हनुमान की पूजा-अर्चना के लिए बेहद शुभ माना जाता है। इस दिन श्रद्धा और नियमपूर्वक सुंदरकांड का पाठ करने की परंपरा है। रामचरितमानस का यह अध्याय हनुमान जी के साहस, भक्ति और समर्पण का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सुंदरकांड का पाठ जीवन की बाधाओं को दूर करने, मानसिक शांति प्राप्त करने और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाने में सहायक माना जाता है। आइए जानते हैं मंगलवार को सुंदरकांड पाठ की सही विधि, धार्मिक महत्व और इसके लाभ।
भगवान श्रीराम के परम भक्त हनुमान जी को समर्पित मंगलवार का दिन पूजा, व्रत और आध्यात्मिक साधना के लिए विशेष माना जाता है। इस दिन सुंदरकांड का पाठ करने से भक्तों को मानसिक शक्ति, आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होने की मान्यता है।
रामचरितमानस का सुंदरकांड हनुमान जी के पराक्रम, बुद्धिमत्ता और अटूट भक्ति का वर्णन करता है। यही कारण है कि इसे सबसे प्रभावशाली और लोकप्रिय अध्यायों में से एक माना जाता है।
सुंदरकांड पाठ की सही विधि
सुंदरकांड का पाठ करने से पहले सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इसके बाद पूजा स्थल की साफ-सफाई करें और ईशान कोण (उत्तर-पूर्व दिशा) में भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान जी की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें।
यदि शाम के समय पाठ कर रहे हैं तो पश्चिम दिशा की ओर मुख करके बैठना शुभ माना जाता है। पूजा के दौरान चमेली के तेल का दीपक जलाएं और धूप, फूल, फल तथा प्रसाद अर्पित करें।
इसके बाद गणेश वंदना और गुरु वंदना करें। फिर भगवान श्रीराम और हनुमान जी का ध्यान करते हुए श्रद्धा और एकाग्रता के साथ सुंदरकांड का पाठ आरंभ करें। पाठ पूर्ण होने पर हनुमान चालीसा और आरती का पाठ करें तथा बूंदी या गुड़-चना का प्रसाद वितरित करें।
सुंदरकांड का धार्मिक महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सुंदरकांड केवल एक पाठ नहीं, बल्कि आत्मबल और भक्ति का संदेश देने वाला आध्यात्मिक साधन है। कहा जाता है कि इसका नियमित पाठ करने से जीवन में आने वाली कठिन परिस्थितियों का सामना करने की शक्ति मिलती है और मन में सकारात्मक सोच का विकास होता है।
मान्यता है कि जिस घर में नियमित रूप से सुंदरकांड का पाठ होता है, वहां नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव कम होता है और सुख-शांति का वातावरण बना रहता है।
सुंदरकांड पाठ के प्रमुख लाभ
- मानसिक तनाव और चिंता को कम करने में मदद मिलती है।
- मन में सकारात्मक ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार होता है।
- भय, असुरक्षा और नकारात्मक विचारों से राहत मिलती है।
- कार्यों में आने वाली बाधाएं दूर होने की मान्यता है।
- परिवार में प्रेम, सौहार्द और सुख-शांति बनी रहती है।
- आध्यात्मिक उन्नति और मन की स्थिरता प्राप्त होती है।
- जीवन में सफलता और शुभ अवसरों के मार्ग खुलने की मान्यता है।
धार्मिक दृष्टि से मंगलवार को श्रद्धा और नियमपूर्वक सुंदरकांड का पाठ करना हनुमान जी की कृपा प्राप्त करने का एक प्रभावी माध्यम माना जाता है।