Swine Flu Alert: यूपी में स्वाइन फ्लू और वायरल बुखार का बढ़ा प्रकोप, सरकारी..

Published on 29 अग॰ 2026

Uttar Pradesh Swine Flu Alert:उत्तर प्रदेश में स्वाइन फ्लू के साथ वायरल और मौसमी बुखार के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टरों, मुख्य चिकित्साधिकारियों, मुख्य चिकित्सा अधीक्षकों और पैरामेडिकल स्टाफ की छुट्टियों पर रोक लगा दी गई है। शनिवार को उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में यह फैसला लिया गया। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि अपरिहार्य परिस्थितियों को छोड़कर किसी भी कर्मचारी का अवकाश मंजूर न किया जाए।

पुराने अवकाश भी रद्द

सरकार ने पहले से मंजूर छुट्टियों को लेकर भी सख्त रुख अपनाया है। निर्देश के मुताबिक शासन की अनुमति के बिना पहले स्वीकृत छुट्टियां भी निरस्त मानी जाएंगी। स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य अस्पतालों में पर्याप्त डॉक्टर और स्टाफ उपलब्ध रखना है, ताकि बढ़ते मरीजों के बीच इलाज में किसी तरह की परेशानी न हो। उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मरीजों को इलाज या जरूरी सुविधाओं के अभाव में अस्पताल से वापस लौटने की स्थिति नहीं आनी चाहिए। अस्पतालों में दवा, जांच और बेड की उपलब्धता लगातार सुनिश्चित करने को कहा गया है।

आइसोलेशन वार्ड तैयार

सरकार ने सभी सरकारी अस्पतालों में स्क्रीनिंग काउंटर तुरंत सक्रिय करने के निर्देश दिए हैं। फ्लू और संक्रमण के मरीजों के लिए हर अस्पताल में 10 से 20 बेड का आइसोलेशन वार्ड तैयार किया जाएगा। वहीं लखनऊ के बड़े सरकारी अस्पतालों में 25-25 बेड के विशेष वार्ड बनाए जाने हैं। अस्पतालों में मास्क और सैनिटाइजर की व्यवस्था के साथ बुखार प्रोटोकॉल का पालन भी अनिवार्य किया गया है। संदिग्ध मरीजों की समय पर जांच और आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया है।

निजी अस्पतालों पर नजर

स्वास्थ्य विभाग ने निजी अस्पतालों और पैथोलॉजी लैब को भी निगरानी व्यवस्था में शामिल किया है। स्वाइन फ्लू या किसी अन्य संक्रमण की पॉजिटिव रिपोर्ट सामने आने पर इसकी जानकारी तुरंत शासन को देने के निर्देश दिए गए हैं। दिल्ली-एनसीआर से सटे जिलों में सामने आने वाले मामलों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। ऐसे मरीजों की यात्रा हिस्ट्री की विस्तृत जानकारी जुटाने और संक्रमण की स्थिति को देखते हुए जरूरत पड़ने पर होम आइसोलेशन की सलाह देने को कहा गया है।

रोज होगी समीक्षा

बैठक के बाद अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अमित कुमार घोष ने भी अधिकारियों के साथ अलग बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की। इस दौरान पिछले चार वर्षों में अगस्त से नवंबर के बीच फैलने वाली बीमारियों के आंकड़ों को देखा गया। अस्पतालों में दवाओं के स्टॉक की भी जानकारी ली गई। सभी मुख्य चिकित्साधिकारियों और अपर महानिदेशक स्वास्थ्य को अपने-अपने क्षेत्रों के अस्पतालों का निरीक्षण करने और रोजाना स्वास्थ्य तैयारियों की रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। इससे जिला स्तर पर किसी भी कमी की तुरंत पहचान की जा सकेगी।

मौत के बाद सख्ती

स्वास्थ्य विभाग की निगरानी उस समय और बढ़ा दी गई है, जब बलरामपुर अस्पताल में स्वाइन फ्लू से एक महिला की मौत की जानकारी सामने आई। सरकार ने अस्पतालों को संक्रमण से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहने को कहा है। मरीजों की स्क्रीनिंग से लेकर जांच, उपचार, आइसोलेशन और दवाओं की उपलब्धता तक हर स्तर पर निगरानी की जा रही है। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश हैं कि बदलते मौसम में वायरल और मौसमी बीमारियों के बढ़ते दबाव को देखते हुए अस्पतालों में किसी भी तरह की लापरवाही न हो।

Kirtika Tyagi

Kirtika Tyagi is a journalist. she is working on sub-editor post and she is expert in International, National, Health, Crime, Lifestyle, Astro beat.