Tata Electronics: आईफोन से लेकर चिप तक... टाटा ने झोंकी पूरी ताकत, तीन गुना किया निवेश

Published on 29 सित॰ 2026

Tata Electronics: आईफोन से लेकर चिप तक… टाटा ने झोंकी पूरी ताकत, तीन गुना किया निवेश

दुनिया के 12 फीसदी आईफोन बना रही टाटा

Tata Electronics: टाटा ग्रुप ने तकनीक की दुनिया में अपना दबदबा और भी मजबूत करने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है. देश में एप्पल आईफोन बनाने से लेकर सेमीकंडक्टर चिप के निर्माण तक, टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने अपने कारोबार का बहुत ही तेज गति से विस्तार किया है. हाल ही में सामने आए रेगुलेटरी फाइलिंग के नए आंकड़ों से पता चलता है कि कंपनी ने अपनी अलग-अलग सब्सिडियरी कंपनियों में पूंजी का निवेश बड़े पैमाने पर बढ़ा दिया है. बीते वित्त वर्ष में टाटा ने आईफोन मैन्युफैक्चरिंग के साथ-साथ अपने चिप प्रोजेक्ट्स को नई रफ्तार देने के मकसद से इक्विटी निवेश को सीधे तीन गुना कर दिया है.

आरओसी को दी गई जानकारी के मुताबिक, टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने अपनी यूनिट्स की मदद के लिए 61,280 करोड़ रुपये की भारी-भरकम कॉरपोरेट गारंटी दी है. इसके साथ ही कंपनी ने रोजमर्रा के कामकाज यानी वर्किंग कैपिटल से जुड़ी जरूरतों को पूरा करने के लिए 1,017 करोड़ रुपये का नया इंटर-कॉरपोरेट लोन भी जारी किया है. मार्च 2026 तक कंपनी का कुल इक्विटी निवेश तीन गुना से ज्यादा की छलांग लगाकर 3,727 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है. अगर हम पिछले साल यानी वित्त वर्ष 2025 की बात करें, तो ये कुल निवेश करीब 1,200 करोड़ रुपये तक सीमित था.

सेमीकंडक्टर बिजनेस पर सबसे ज्यादा फोकस

टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स की तरफ से किए गए इस भारी निवेश का सबसे बड़ा हिस्सा सीधे तौर पर सेमीकंडक्टर कारोबार में गया है. आंकड़ों के मुताबिक वित्त वर्ष 2026 में ‘टाटा सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग’ के अंदर 1,501 करोड़ रुपये का बड़ा निवेश किया गया है. ध्यान देने वाली बात ये है कि बीते साल इस खास सेगमेंट में कंपनी की तरफ से कोई भी निवेश नहीं हुआ था. वहीं दूसरी तरफ ‘टाटा सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट’ का फंड भी 50 करोड़ रुपये से तेजी से उछलकर 954 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया है. इन बड़े आंकड़ों से ये बात पूरी तरह से साफ हो जाती है कि कंपनी चिप मेकिंग बिजनेस को लेकर कितनी ज्यादा गंभीर है.

कर्ज में भारी इजाफा फिर भी विस्तार जारी

अपने कारोबार को ग्लोबल लेवल पर बढ़ाने की इस होड़ में टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स का कुल कर्ज भी 71 फीसदी बढ़कर 11,718 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है. हालांकि इसके बावजूद कंपनी के कामकाज में फंड की कोई कमी नहीं होने दी गई. पैरेंट कंपनी टाटा संस ने सितंबर से लेकर मार्च के बीच दो अलग-अलग मौकों पर कुल 3,000 करोड़ रुपये की नई इक्विटी कंपनी में डाली है. महज छह साल पहले शुरू हुई ये कंपनी आज टाटा ग्रुप की प्रमुख इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरर का दर्जा हासिल कर चुकी है.

रेवेन्यू में जोरदार उछाल

बाजार के आंकड़ों के अनुसार दुनियाभर में बनने वाले कुल एप्पल आईफोन में से करीब 12 फीसदी की मैन्युफैक्चरिंग आज अकेले टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स कर रही है. इसका सीधा और बड़ा असर कंपनी के रेवेन्यू पर भी देखने को मिला है. वित्त वर्ष 2026 में कंपनी की कंसोलिडेटेड ऑपरेटिंग इनकम लगभग दोगुनी (96 फीसदी) बढ़कर 1,29,902 करोड़ रुपये के जादुई आंकड़े को पार कर गई है. कंसोलिडेटेड एबिटडा भी 2,703 करोड़ रुपये रहा है. हालांकि इसी दौरान कंपनी का शुद्ध घाटा भी काफी तेजी से बढ़ा है. ये 70 करोड़ रुपये से बढ़कर सीधे 1,611 करोड़ रुपये हो गया. इस बड़े घाटे की मुख्य वजह डिप्रिसिएशन के साथ-साथ ब्याज की ज्यादा लागत रही है.

कर्मचारियों को मिला खास तोहफा

अगर हम कंपनी के स्टैंडअलोन आधार पर बात करें, तो स्थिति थोड़ी अलग नजर आती है. स्टैंडअलोन ऑपरेटिंग इनकम तीन गुना से भी ज्यादा बढ़कर 4,015 करोड़ रुपये हो गई है, जो एक साल पहले 1,196 करोड़ रुपये थी. इसके साथ ही स्टैंडअलोन घाटा भी पिछले साल के 998 करोड़ रुपये से घटकर 773 करोड़ रुपये रह गया है. स्टैंडअलोन एबिटडा 804 करोड़ रुपये दर्ज किया गया. इन सबके बीच कंपनी ने अपने खास कर्मचारियों का भी पूरा ध्यान रखा है. कंपनी ने अपनी सब्सिडियरी के चुनिंदा कर्मचारियों के लिए एम्प्लॉई स्टॉक ऑप्शन प्लान (ESOP) भी पेश किया है. टाटा संस ने भी हाल ही में ये साफ किया है कि वित्त वर्ष 2026 के रेवेन्यू के आधार पर टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स अब पूरे टाटा ग्रुप की चौथी सबसे बड़ी कंपनी बन गई है.

विभव शुक्ला

विभव शुक्ला

विभव शुक्ला वर्तमान में TV9 हिंदी में सीनियर सब-एडिटर के तौर पर बिजनेस डेस्क पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता में उन्हें छह वर्षों का अनुभव है. विभव मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के रहने वाले हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की थी. इसके बाद वह Inshorts और गुजरात फर्स्ट जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से जुड़े रहे हैं.

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