
गॉल में भारत की आजादी का जश्न (Photo: Videograb)
Team India Celebrate Independence Day: पूरा भारत आजादी के 80वें साल का जश्न मना रहा है. ऐसे में टीम इंडिया कैसे पीछे रह सकती थी? अपने 600वें टेस्ट मैच को खेलने के लिए मैदान पर उतरने से पहले भारतीय टीम ने भी गॉल में तिरंगा फहराया. टीम इंडिया की ओर से तिरंगे को फहराने का काम कप्तान होने के नाते कप्तान शुभमन गिल ने किया. वहीं इस दौरान टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर भी ध्वजारोहण के वक्त गिल के करीब ही खड़े नजर आए.
गिल-गंभीर ने गॉल में फहराया तिरंगा
भारतीय टीम ने आजादी के 80वें साल के जश्न को गॉल में सेलिब्रेट किया, जिसका वीडियो BCCI ने शेयर किया है. सामने आए वीडियो में शुभमन गिल को तिरंगा फहराते देखा जा सकता है.
On the occasion of Independence Day, #TeamIndia gathered at Galle to hoist the Tricolour 🇮🇳 ahead of the First #SLvIND Test.#IndependenceDay pic.twitter.com/tHKIggV6AU
— BCCI (@BCCI) August 15, 2026
ये वीडियो गॉल टेस्ट के शुरू होने से ठीक पहले का है. तिरंगे को फहराने के बाद टीम इंडिया के खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ ने मिलकर राष्ट्रगान भी गाया.
गॉल में टीम इंडिया का ऐतिहासिक टेस्ट
गॉल में आजादी का जश्न मनाने के बाद टीम इंडिया श्रीलंका के खिलाफ अपना पहला टेस्ट खेलने उतरी, जिसका उसके लिए ऐतिहासिक महत्व है. ये टेस्ट मैच भारतीय टीम का 600वां टेस्ट है. भारत के 600वें टेस्ट में कप्तानी करने के साथ-साथ शुभमन गिल गॉल में पहली बार टेस्ट मैच भी खेल रहे हैं.
600 टेस्ट खेलने वाली भारत तीसरी टीम
क्रिकेट के इतिहास में अब तक ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड ने ही भारत से ज्यादा टेस्ट मैच खेले हैं. मतलब भारत 600 टेस्ट मैच खेलने वाली तीसरी टीम बन गई है. इससे पहले खेले 599 टेस्ट में भारत ने 186 जीते हैं, तो 188 गंवाए हैं. वहीं 224 मैच ड्रॉ रहे हैं. भारत ने अपना 300वां, 400वां और 500वां टेस्ट जीता है. ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि अब 600वें टेस्ट में भी टीम इंडिया अपनी जीत की स्क्रिप्ट लिखेगी.

साकेत शर्मा
'कौन बनेगा करोड़पति' गेम शो से शुरू हुआ सफर न्यूज नेशन, इंडिया न्यूज, इंडिया डॉट कॉम और Editorji जैसे पड़ावों से गुजरा. इसी कड़ी में पिछले 5 सालों से मैं TV9 हिंदी के साथ जुड़ा हूं. यहां भी खेल की खबरों को बताना मेरा काम है. TV, डिजिटल और प्रोडक्शन हाउस, तीनों ही दुनिया की समझ और कुल मिलाकर एक दशक से भी ज्यादा का मेरे पास अनुभव है. हर रोज कुछ नया सीखने और नई क्रिएटिव चीज करने की कोशिश करता हूं. असफलता से घबराता नहीं और सफलता पर इतराता नहीं. बस कोशिश यही करता हूं कि हमेशा अपना बेस्ट दे सकूं. आज तक यही करता आया हूं और आगे भी इरादा ऐसा ही है. फिर चाहे काम डेस्क पर बैठकर खेल की खबरों को अपने शब्दों में पिरोने का हो या फिर फील्ड में उतरकर उसे कैमरे पर उतारने का. सीधी भाषा में कहें तो मैं खेल के मैदान पर होने वाली हर हलचल को आपतक पहुंचाने वाला एक खिलाड़ी हूं.
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