Tiger Reserve Committee: आंध्र प्रदेश में क्यों बनाई गई बाघों के लिए नई कमेटी, जानें क्या होगी जिम्मेदारी?

Published on 1 सित॰ 2026

Tiger Reserve Committee: आंध्र प्रदेश में क्यों बनाई गई बाघों के लिए नई कमेटी, जानें क्या होगी जिम्मेदारी?

नागार्जुनसागर-श्रीशैलम टाइगर रिजर्व के लिए समिती गठित

Andhra Pradesh Tiger Reserve Committee: आंध्र प्रदेश सरकार ने नागार्जुनसागर-श्रीशैलम टाइगर रिजर्व (एनएसटीआर) के लिए एक राज्य स्तरीय संचालन समिति का गठन किया है. इस समिती का उद्देश्य बाघों, वन्यजीवों के संरक्षण की देखरेख करना और साथ ही अंतर-विभागीय समन्वय को मजबूत करना है. राज्य के पर्यावरण, वन, विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग ने सोमवार को इसे लेकर आदेश जारी किया.

वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की धारा 38U के के तहत समिति का गठन किया गया. राज्य के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू समिति के अध्यक्ष होंगे, जबकि उपमुख्यमंत्री और वन मंत्री पवन कल्याण उपाध्यक्ष होंगे. प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) और मुख्य वन्यजीव वार्डन सदस्य-सचिव के रूप में कार्य करेंगे. जनजातीय कल्याण, पंचायत राज और सामाजिक न्याय विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को समिति के सदस्य के रूप में शामिल किया गया है.

इन मुद्दों पर समन्वय किया जाएगा काम

वन्यजीव संरक्षण विशेषज्ञ डोलन एन. लक्ष्मीरानी और मूर्ति कांता महांती, जनजातीय परिषद के प्रतिनिधियों के साथ, समिति का हिस्सा हैं. प्रोजेक्ट टाइगर नंदीयाल के फील्ड डायरेक्टर भी समिति के सदस्य हैं. यह समिति मुख्य रूप से राष्ट्रीय बाघ संरक्षण क्षेत्र (एनएसटीआर) में बाघ संरक्षण, सह-शिकारी जीवों, शिकार प्रजातियों, संरक्षण, निगरानी और सुरक्षा उपायों जैसे मुद्दों पर समन्वय के साथ काम करेगी.

बाघ क्षेत्र वाले राज्यों समिती का गठन अनिवार्य

बाघों की आबादी बढ़ाने के लिए न केवल बाघों का संरक्षण आवश्यक है, बल्कि उनके भोजन, जल स्रोतों और वन आवासों की प्रचुरता भी होनी चाहिए. समिती इस दिशा में भी काम करेगी. बता दें कि वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की धारा 38U के अनुसार, बाघ क्षेत्र वाले राज्यों को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय संचालन समितियों का गठन करना अनिवार्य है.

राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) की नवीनतम वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, सभी बाघ क्षेत्र वाले राज्यों में इन समितियों का गठन किया जा चुका है.

वरुण कुमार

वरुण कुमार

वरुण कुमार पिछले पांच वर्षों से पत्रकारिता जगत का हिस्सा हैं. साल 2021 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद प्रभासाक्षी न्यूज वेबसाइट से पत्रकारिता की शुरुआत की और फिर एबीपी न्यूज का हिस्सा बने. अब TV9 डिजिटल की धर्म टीम के साथ काम कर रहे हैं.

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