Published: Sunday, October 18, 2026, 22:06 [IST]
Tiger Shroff Firing: मुंबई में अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग की घटना के बाद महाराष्ट्र की कानून-व्यवस्था को लेकर सियासत तेज हो गई है। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अपराधियों को सख्त चेतावनी देते हुए 1990 के दशक के मुंबई गैंगवार का जिक्र किया। वहीं, कांग्रेस सांसद वर्षा गायकवाड़, शिवसेना (UBT) नेता सुषमा अंधारे, AIMIM नेता वारिस पठान और NCP-SP नेता सीमा मलिक ने भी घटना को लेकर सवाल उठाए हैं। अभिनेत्री पूनम पांडे ने कहा कि इस घटना से वह इतनी डर गई हैं कि उन्हें कैमरे पर बात करने में भी डर लग रहा है।
पुलिस के मुताबिक, टाइगर श्रॉफ की कार पर उस समय तीन से चार राउंड गोलियां चलाई गईं, जब वह एक मैदान से निकल रहे थे। वहां अभिनेता को देखने के लिए भारी भीड़ जमा थी। घटना में टाइगर श्रॉफ को कोई गोली नहीं लगी, जबकि उनके ड्राइवर फिरदौस के हाथ में चोट आई। एक अन्य व्यक्ति चौहान भी घायल हुआ है। पुलिस के अनुसार, फिरदौस खतरे से बाहर हैं, जबकि दूसरे घायल का इलाज चल रहा है।
एकनाथ शिंदे बोले- अपराधियों को उनकी भाषा में जवाब देंगे
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने घटना को चिंताजनक और निंदनीय बताया। उन्होंने कहा कि उन्होंने मुंबई पुलिस कमिश्नर से बात की है और टाइगर श्रॉफ से भी संपर्क किया है। पुलिस ने गोली चलाने वालों को पकड़ने के लिए कई टीमें बनाई हैं। शिंदे ने कहा कि किसी भी गिरोह को मुंबई में दहशत फैलाने की इजाजत नहीं दी जाएगी। सरकार की पहली प्राथमिकता मुंबई और उसके नागरिकों की सुरक्षा है। सेलिब्रिटी हो या आम नागरिक, सभी की सुरक्षा सुनिश्चित करना पुलिस और सरकार की जिम्मेदारी है।
उन्होंने 1990 के दशक के मुंबई गैंगवार का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौर में भी मुंबई पुलिस ने अपराधियों से सख्ती से निपटा था। शिंदे ने चेतावनी दी कि शहर में डर फैलाने की कोशिश करने वाले गिरोहों को इसके परिणाम भुगतने होंगे।
टाइगर और जैकी श्रॉफ से की बात
एकनाथ शिंदे ने बताया कि उन्होंने टाइगर श्रॉफ और उनके पिता जैकी श्रॉफ से बात की है। उन्होंने टाइगर को भरोसा दिलाया कि सरकार उनके साथ है और उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है। शिंदे के मुताबिक, सरकार फिल्मी हस्तियों की सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा करेगी। किसी को डराने या धमकाने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
फायरिंग के बाद पुलिस की कई टीमें तैनात
पुलिस के मुताबिक, टाइगर श्रॉफ की कार पर उस समय फायरिंग हुई, जब वह एक मैदान से बाहर निकल रहे थे। वहां मौजूद भीड़ के बीच से गोलियां चलाई गईं। शुरुआती जानकारी के अनुसार, तीन से चार राउंड फायर किए गए। डीसीपी मोहित गर्ग के मुताबिक, घटना में दो लोग घायल हुए हैं। टाइगर श्रॉफ के ड्राइवर फिरदौस के हाथ में चोट आई है और वह खतरे से बाहर हैं। दूसरे घायल व्यक्ति चौहान का इलाज जारी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुंबई पुलिस ने जांच के लिए कई टीमें बनाई हैं। पुलिस की अलग-अलग शाखाएं जांच में शामिल हैं और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल की शुरुआती जांच की है।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी घटना की जानकारी लेने के लिए मुंबई पुलिस कमिश्नर से बात की। CMO सूत्रों के मुताबिक, उन्होंने जल्द जांच पूरी करने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
पूनम पांडे बोलीं- अब बहुत सावधान रहना होगा
अभिनेत्री पूनम पांडे ने टाइगर श्रॉफ से जुड़ी गोलीबारी की घटना पर हैरानी और डर जाहिर किया। उन्होंने बताया कि वह एक दुर्गा पंडाल में थीं, तभी उन्हें इस घटना की जानकारी मिली। पूनम ने कहा कि पिछले कुछ सालों में फिल्मी हस्तियों के घरों में घुसने, उन्हें धमकियां मिलने और उन पर हमलों की खबरें सामने आती रही हैं। उन्होंने सैफ अली खान पर हुए हमले और सलमान खान को मिली धमकियों का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं बेहद डरावनी हैं।
टाइगर श्रॉफ के बारे में उन्होंने कहा कि उन्होंने अभिनेता को कभी किसी विवाद में नहीं देखा। उनके मुताबिक, टाइगर को उन्होंने हमेशा वर्कआउट करते या डांस करते ही देखा है। ऐसे में उन पर गोली चलाए जाने की बात समझ से परे है। पूनम ने कहा, 'मुझे कैमरे पर इस बारे में बात करने से भी डर लग रहा है। क्या पता कोई मेरे पीछे भी पड़ जाए? अब हमें बहुत ज्यादा सावधान रहना होगा।' उन्होंने इस घटना को बेहद चौंकाने वाला और खतरनाक बताया।
वर्षा गायकवाड़ ने कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल
कांग्रेस सांसद वर्षा गायकवाड़ ने फायरिंग की घटना को मुंबई की सुरक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय बताया। उन्होंने सलमान खान के घर के बाहर हुई गोलीबारी, बाबा सिद्दीकी की हत्या और रोहित शेट्टी के घर के बाहर फायरिंग की घटनाओं का जिक्र किया। गायकवाड़ ने सवाल उठाया कि अगर अभिनेता और राजनेता जैसी जानी-मानी हस्तियां सुरक्षित नहीं हैं, तो आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर क्या उम्मीद की जा सकती है।
उन्होंने महाराष्ट्र में एक समर्पित और स्वतंत्र गृह मंत्री की जरूरत बताई। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री के पास कई विभागों की जिम्मेदारी होने से काम का बोझ बढ़ जाता है। गायकवाड़ ने पुलिस को राजनीतिक दबाव से मुक्त होकर काम करने देने की मांग भी की।
वारिस पठान बोले- क्या मुंबई को 90 के दशक में ले जाना चाहते हैं?
AIMIM नेता वारिस पठान ने घटना को बेहद गंभीर बताया। उन्होंने कहा कि रविवार को जुहू जैसे इलाके में अभिनेता की कार पर गोली चलना मुंबई की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। पठान ने पूछा कि क्या अपराधी मुंबई को फिर 1990 के दशक के दौर में ले जाना चाहते हैं? उन्होंने सलमान खान पर हमले और रोहित शेट्टी के घर के बाहर हुई फायरिंग का जिक्र करते हुए पुलिस से तत्काल जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उनके मुताबिक, मुंबई पुलिस को पूरी सतर्कता के साथ ऐसी घटनाओं पर रोक लगानी चाहिए।
सुषमा अंधारे और सीमा मलिक ने भी जताई चिंता
शिवसेना (UBT) नेता सुषमा अंधारे ने टाइगर श्रॉफ से जुड़ी घटना को चौंकाने वाला और गंभीर बताया। उन्होंने कहा कि मुंबई देश के सबसे बड़े फिल्म उद्योग का केंद्र है और यहां फिल्मी हस्तियों का आना-जाना सामान्य बात है। इसके बावजूद उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाए जाने की जरूरत है।
वहीं, NCP-SP नेता सीमा मलिक ने सलमान खान और सैफ अली खान से जुड़े मामलों के साथ बाबा सिद्दीकी की हत्या और रोहित शेट्टी के घर पर हमले का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि हाई-प्रोफाइल लोगों के साथ इस तरह की घटनाएं होना मुंबई की कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता पैदा करता है। सीमा मलिक ने सवाल उठाया कि अगर वीआईपी लोगों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी हुई है, तो आम नागरिकों की सुरक्षा की स्थिति क्या होगी।
राज प्रेमी ने कहा- टाइगर बहुत अच्छे लड़के हैं
अभिनेता राज प्रेमी ने भी टाइगर श्रॉफ से जुड़ी घटना पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उन्हें इस घटना की जानकारी नहीं थी। टाइगर के बारे में बात करते हुए उन्होंने उन्हें अच्छा इंसान बताया और कहा कि वह उनके पिता जैकी श्रॉफ के साथ काम कर चुके हैं।
अब जांच और सुरक्षा व्यवस्था पर नजर
टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के बाद मुंबई पुलिस ने जांच तेज कर दी है। कई टीमें आरोपियों की तलाश में जुटी हैं और फॉरेंसिक टीम घटनास्थल की जांच कर चुकी है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी पुलिस कमिश्नर को जल्द कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
घटना के बाद राजनीतिक नेताओं ने मुंबई की सुरक्षा व्यवस्था, पुलिस की भूमिका और फिल्मी हस्तियों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए हैं। अब जांच में यह पता लगाना अहम होगा कि फायरिंग किसने और किस मकसद से की तथा इसके पीछे किसी गिरोह की भूमिका है या नहीं। आरोपियों की पहचान और घटना के कारणों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।