TMC पर ले सकता चुनाव आयोग बड़ा फैसला! ममता बनर्जी-ऋतब्रत को बुलाया दिल्ली दफ्तर

Published on 9 सित॰ 2026

पश्चिम बंगाल में सियासत की गहमागहमी विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद से देखने को मिल रही है. वजह है, टीएमसी में पड़ी फूट. अब चुनाव आयोग ने दोनों गुट के नेताओं के बुलावा भेजा है.

Written By : कार्तिक सागर समाधिया |  Updated at : 09 Sep 2026 10:24 PM (IST)

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EC Letter on TMC Dispute to Mamata Banerjee and Ritabrata banerjee delhi office TMC पर ले सकता चुनाव आयोग बड़ा फैसला, ममता बनर्जी-ऋतब्रत को बुलाया दिल्ली दफ्तर

टीएमसी के फूट के बाद से चुनाव आयोग ने दोनों पक्ष के नेताओं को बुलाया है.

तृणमूल कांग्रेस में टूट के मामले और दो सीटों पर होने वाले उपचुनाव से पहले चुनाव आयोग ने कार्रवाई करते हुए दोनों पक्षों के नेताओं को अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए हैं. चुनाव आयोग ने बुधवार को टीएमसी के दोनों नेताओं ममता बनर्जी और ऋतब्रत बनर्जी (बागी गुट) को पत्र लिखा है. इसमें 12 सितंबर को सुबह 11 बजे और 12 बजे (अलग-अलग समय पर) 5-5 सदस्यों के साथ आयोग के समक्ष पक्ष रखने की कहा है. 

केंद्रीय चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी को लिखे लेटर में कहा, 'आयोग ने पश्चिम बंगाल, मेघालय, और त्रिपुरा में ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस से जुड़ी शिकायतों पर चर्चा के लिए पांच सदस्यी प्रतिनिधिमंडल के साथ मीटिंग करने का फैसला लिया है. यह मीटिंग 12 सितंबर को सुबह 11 बजे दिल्ली के द्वारका स्थित IIIDEM में होगी.' 

इसके अलावा चुनाव आयोग ने ममता बनर्जी के गुट को भी उसी दिन दोपहर 12 बजे दिल्ली में मीटिंग के लिए समय दिया है. 

नंदीग्राम और रेजीनगर में होना है उपचुनाव

इधर, पूरा मामला नंदीग्राम और रेजीनगर उपचुनाव से जुड़ा है. यह चुनाव टीएमसी के भविष्य को तय कर सकता है. माना जा रहा है कि इससे उनके चुनाव चिन्ह पर भी असर पड़ सकता है. आगामी नंदीग्राम और रेजीनगर उपचुनावों के लिए उम्मीदवारों के नामांकन की तारीख 16 सितंबर तय है. ऐसे में चुनाव आयोग के पास इस विवाद को सुलझाने के लिए काफी कम समय है. आयोग ने अभी टीएमसी का चुनाव चिन्ह और नाम फ्रीज नहीं किया है. 

इस पूरे मामले पर बागी टीएमसी के प्रवक्ता रिजु दत्ता ने न्यूज एजेंसी ANI से बात करते हुए ममता बनर्जी को चुनौती देते हुए कहा कि अगर वह नंदीग्राम से चुनाव लड़ती हैं, तो बागी गुट उनके खिलाफ कोई उम्मीदवार नहीं उतारेगा. वहीं, चुनाव चिन्ह के बारे में दत्ता ने कहा, 'पार्टी को भारत निर्वाचन आयोग से चुनाव चिन्ह मिलने का भरोसा है. उसने सभी जरूरी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया है.' 

महाराष्ट्र के मामले में ले चुकी EC ये फैसला

इससे पहले इसी तरह के महाराष्ट्र से जुड़े एक मामले में साल 2022 में अंधेरी ईस्ट उपचुनाव से पहले आयोग ने पार्टी के असली नाम और धनुष बाण चिन्ह दोनों को ही फ्रीज कर दिया था. तब आयोग की तरफ से दोनों गुटों को अस्थायी और अलग-अलग नाम और अंतरिम चिन्ह दिए थे. इसके अलावा साल 2023 और 2024 के एनसीपी से जुड़े मामले में ईसी ने तुरंत फ्रीज करने से परहेज किया था. बाद के अहम चुनावों से पहले गुटों को अलग-अलग नाम और चिन्ह के तहत चुनाव लड़ने का विकल्प दिया था. इधर, टीएमसी का मामला अदालत में है. ऐसे में अब देखना ये है कि क्या चुनाव आयोग नामांकन बंद होने से पहले टीएमसी के नाम और चिन्ह को फ्रीज करेगा, या अस्थायी पहचान देगा. या फिर अदालत के आदेश का इंतजार करेगा. 

नवंबर 2025 एबीपी न्यूज नेटवर्क में बतौर कंसल्टेंट अपनी भूमिका निभा रहा हूं. मीडिया का अनुभव करीबन साढ़े 8 साल का है. देश के अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दे चुका हूं. पिछले कुछ सालों में बतौर मल्टीमीडिया प्रोड्यूसर, कंटेंट एडिटर, सब एडिटर और रिजनल टीवी चैनल में प्रोग्राम एग्जीक्यूटिव के तौर पर अपनी सेवाएं दी हैं. लेखन, ग्राफिक्स और वीडियो प्रोडक्शन की बारीक समझ है. नेशनल-इंटरनेशनल डेस्क की भी जिम्मेदारी संभाल चुका हैं. मजा ग्राउंड या एक्सक्लूसिव रिपोर्ट कवर करने में आता है. साल 2016 में माखनलाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी भोपाल से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन किया और पत्रकारिता के क्षेत्र में कदम रखा. साहित्य पढ़ना, फिल्में देखना, कहानियां-कविताएं लिखना और घूमना विशेष रुचियों में दर्ज है.

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Published at : 09 Sep 2026 10:15 PM (IST)

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