Towhid Hridoy: नकली एकेडमी, मां ने बेची इकलौती जमीन, अब 350 रन ठोक तोड़ा 78 साल पुराना वर्ल्ड रिकॉर्ड

Published on 2 सित॰ 2026

Towhid Hridoy: नकली एकेडमी, मां ने बेची इकलौती जमीन, अब 350 रन ठोक तोड़ा 78 साल पुराना वर्ल्ड रिकॉर्ड

तौहिद ह्रदॉय का वर्ल्ड रिकॉर्ड (फोटो-सोशल मीडिया)

साउथ अफ्रीका ए के खिलाफ बांग्लादेश ए के कप्तान तौहिद ह्रदॉय ने इतिहास रच दिया है. दाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने Potchefstroom में दूसरे अनाधिकारिक टेस्ट मैच में तिहरा शतक लगा दिया. तौहिद ने पहली पारी में नाबाद 350 रन बनाए. उन्होंने इस पारी के दम पर इतिहास रच दिया. तौहिद ह्रदॉय बांग्लादेश की ओर से फर्स्ट क्लास क्रिकेट में सबसे बड़ा स्कोर बनाने वाले खिलाड़ी बन गए हैं. इसके साथ-साथ वो साउथ अफ्रीका में सबसे बड़ी पारी खेलने वाले विदेशी बल्लेबाज भी बन गए.

तौहिद ने तोड़ा 78 साल पुराना रिकॉर्ड

तौहिद ह्रदॉय से पहले डेनिस कॉम्प्टन ने 1948 में एमसीसी के लिए खेलते हुए साउथ अफ्रीका में नाबाद 300 रन बनाए थे. अब 78 सालों के बाद तौहिद ह्रदॉय ने उन्हें पछाड़कर वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है.

एक धोखे की वजह से छोड़ना चाहते थे क्रिकेट

तौहिद ह्रदॉय के क्रिकेटर बनने की कहानी भी बड़ी कमाल है. 4 दिसंबर 2000 को बोगरा में जन्मे तौहिद ह्रदॉय ने साल 2007 वर्ल्ड कप में भारत के खिलाफ बांग्लादेश की जीत देखने के बाद क्रिकेटर बनने का फैसला किया था.तौहिद ह्रदॉय के पिता क्रिकेट के खिलाफ थे लेकिन उनकी मां ने एकलौती जमीन बेचकर अपने बेटे को क्रिकेट कोचिंग दिलाई. 12 साल की उम्र में ढाका में एक नकली क्रिकेट एकेडमी में उन्होंने धोखा खाकर काफी पैसा गंवाया. उन्होंने क्रिकेट छोड़ने का मन बना लिया था. हालांकि बाद में पूर्व कप्तान खालेद महमूद ने उनकी मदद की और आज तौहिद एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड बना चुके हैं.

बांग्लादेश ए का करारा जवाब

बांग्लादेश ए की टीम ने साउथ अफ्रीका ए के खिलाफ पहली पारी 676 रनों पर घोषित की. तौहिद ह्रदॉय के नाबाद 350 रनों के अलावा जाकेर अली ने 94, मोहम्मद सैफुद्दीन ने 87 रनों की पारी खेली. इससे पहले साउथ अफ्रीका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 512 रन बनाए थे. बता दें प्रीटोरिया में खेले गए पहले अनाधिकारिक टेस्ट मैच में बांग्लादेश को साउथ अफ्रीका ए ने पारी और 413 रनों से हरा दिया था.

अनूप देव सिंह

अनूप देव सिंह

उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले का रहने वाला हूं. बचपन से ही खेलों से बेहद प्यार है. खासतौर पर क्रिकेट से जो इस देश का धर्म भी कहा जाता है. स्कूली पढ़ाई केंद्रीय विद्यालय से हुई. साल  2006 में दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी जर्नलिज्म की डिग्री हासिल की और उसके बाद मीडिया के मैदान में उतर गए और खेल की खबरों को ही अपना कर्म भी बना लिया. करियर की पहली नौकरी नेटवर्क 18 ग्रुप में मिली. शुरुआत IBN7 न्यूज चैनल से हुई जहां मैंने पांच सालों की लंबी पारी खेली. इसके बाद इंडिया टीवी, न्यूज नेशन जैसे बड़े नेशनल चैनल्स के साथ काम किया. 2016 में डिजिटल मीडिया में कदम रखा और ये मौका जी नेटवर्क ने दिया. एक साल तक क्रिकेट कंट्री के साथ काम किया और फिर हुई नेटवर्क 18 में वापसी. न्यूज 18 हिंदी की वेबसाइट में 4 सालों तक स्पोर्ट्स की हर खबर पाठकों तक पहुंचाई. अब टीवी9 के साथ हूं. क्रिकेट ही नहीं खेल की हर खबर आपतक एक नए अंदाज और नए कलेवर में पहुंचाता हूं.

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