Tripura DGP Suicide: त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक अनुराग धनखड़ ने की आत्महत्या, अगरतला पुलिस हेडक्वार्टर में मचा हड़कंप - Haribhoomi

Published on 20 जुल॰ 2026

त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक (DGP) अनुराग धनखड़ ने सोमवार को अगरतला स्थित पुलिस मुख्यालय में अपने कार्यालय कक्ष में आत्महत्या कर ली। 1994 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी की इस अप्रत्याशित मौत से पूरे देश के पुलिस महकमे और प्रशासनिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई है।

Tripura DGP Anurag Dhankhar Suicide

अनुराग धनखड़ ( फाइल फोटो )

  • Published: 20 Jul 2026, 02:30 PM IST
  • Last Updated: 20 Jul 2026, 02:30 PM IST

त्रिपुरा की राजधानी अगरतला से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जहाँ राज्य के पुलिस महानिदेशक अनुराग धनखड़ का शव पुलिस मुख्यालय स्थित उनके ही आधिकारिक कार्यालय में मिला है। सूबे के शीर्ष पुलिस अधिकारी का शव मुख्यालय में बरामद होने के बाद पूरे राज्य के प्रशासनिक और सुरक्षा महकमे में हड़कंप मच गया है।

मामले की अति-संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस विभाग के तमाम वरिष्ठ अधिकारियों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाल लिया है और पूरे कार्यालय परिसर को सुरक्षा घेरे में लेकर गहन छानबीन शुरू कर दी है। इस हाई-प्रोफाइल घटना की सूचना मिलते ही त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा और मुख्य सचिव जेके सिन्हा समेत सरकार के सभी वरिष्ठ अधिकारी और मंत्री स्तब्ध रह गए और फौरन आगे की स्थिति का जायजा लेने के लिए अस्पताल पहुंचे।

कार्यालय कक्ष में फंदे से लटका मिला शव, शुरुआती जांच में आत्महत्या का अंदेशा
घटनाक्रम के अनुसार, सोमवार को जब डीजीपी अनुराग धनखड़ के कार्यालय से कोई हलचल नहीं हुई, तो वहां मौजूद कर्मचारियों और अधिकारियों ने अंदर जाकर देखा। सूत्रों के मुताबिक, अनुराग धनखड़ अपने कार्यालय कक्ष में फंदे से लटके हुए मिले, जिसके बाद वहां मौजूद स्टाफ के हाथ-पांव फूल गए।

हालांकि, घटना के शुरुआती पलों में यह भी आशंका जताई जा रही थी कि उन्होंने अपनी सर्विस पिस्तौल का इस्तेमाल करते हुए खुद को गोली मारी है, लेकिन पुलिस की टीमें मौत के सटीक तकनीकी कारणों की जांच कर रही हैं। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने उन्हें तत्काल अगरतला के गोविंद बल्लभ पंत अस्पताल पहुंचाया। लेकिन, वहां पहुंचने पर डॉक्टरों की टीम ने गहन परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया और आगे की कानूनी व औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर दी। फिलहाल पुलिस ने अभी तक इस दुखद आत्महत्या के पीछे के कारणों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

उत्तर प्रदेश के बागपत के रहने वाले थे आईपीएस अनुराग धनखड़, साल 2025 में संभाला था पद
आईपीएस अधिकारी अनुराग धनखड़ मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के निवासी थे। वे 1994 बैच के त्रिपुरा कैडर के बेहद तेजतर्रार और सम्मानित आईपीएस अफसर थे। पुलिस विभाग में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं देने और एक लंबे शानदार सेवा रिकॉर्ड के बाद, उन्होंने वर्ष 2025 में त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक का सर्वोच्च पद संभाला था।

वर्तमान में पुलिस और खुफिया एजेंसियां इस बात का पता लगाने के लिए गहनता से छानबीन कर रही हैं कि आखिर किस पारिवारिक, व्यक्तिगत या प्रशासनिक वजह और मानसिक दबाव के चलते राज्य के इतने बड़े शीर्ष पुलिस अधिकारी ने खौफनाक कदम उठाया। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के लिए फोरेंसिक टीमों को भी सक्रिय किया गया है।

सीबीआई में नीरव मोदी केस और 1984 सिख दंगों की एसआईटी का किया था नेतृत्व
डीजीपी अनुराग धनखड़ का करियर ट्रैक रिकॉर्ड बेहद गौरवशाली और उपलब्धियों से भरा रहा है। उन्होंने देश के कई सबसे बड़े और बहुचर्चित संवेदनशील आपराधिक मामलों का पर्दाफाश किया था। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) में प्रतिनियुक्ति के दौरान उन्होंने देश के बैंकिंग इतिहास के सबसे बड़े घोटालों में से एक, पंजाब नेशनल बैंक के आरोपी भगोड़े हीरा व्यापारी नीरव मोदी मामले की उच्च स्तरीय जांच का ऐतिहासिक नेतृत्व किया था।

इसके अलावा, देश के सबसे संवेदनशील मामलों में शुमार साल 1984 में हुए सिख समुदाय के नरसंहार की निष्पक्ष जांच के लिए गठित की गई विशेष जांच टीम की कमान भी उन्होंने संभाली थी। राष्ट्रीय