UP Chunav 2026: Akhilesh Yadav के गढ़ में CM योगी का बड़ा हमला, परिवारवाद से लेकर खराब गवर्नेंस तक घेरा

Published on 26 जुल॰ 2026

Time Published: Sunday, July 26, 2026, 19:00 [IST]

UP Chunav 2026: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार(26 जुलाई) को समाजवादी पार्टी (सपा) के पारंपरिक गढ़ इटावा में पहुंचकर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और उनकी पार्टी पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने सपा शासन को परिवारवाद, भाई-भतीजावाद और खराब कानून-व्यवस्था का प्रतीक बताते हुए कहा कि पिछली सरकार ने इटावा समेत पूरे क्षेत्र की छवि खराब कर दी थी।

मुख्यमंत्री ने इटावा, जसवंतनगर और भरथना विधानसभा क्षेत्रों के लिए 604 करोड़ रुपये की 128 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र सौंपे। इस मौके पर उन्होंने 'नए उत्तर प्रदेश' की उपलब्धियों को गिनाते हुए विपक्ष पर लगातार निशाना साधा।

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सपा का गढ़ और यादव परिवार की राजनीतिक जड़ें

इटावा को लंबे समय से समाजवादी पार्टी का मजबूत गढ़ माना जाता है। यादव परिवार की राजनीतिक विरासत यहां गहरी जमी हुई है। स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव के समय से यह क्षेत्र सपा की पकड़ वाला रहा है। योगी आदित्यनाथ के इस दौरे को राजनीतिक रूप से अखिलेश यादव के घर में घुसकर हमला करने के तौर पर देखा जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा, 'इटावा अब पहचान के संकट से नहीं जूझ रहा है। पहले इटावा का नाम डर और दबदबे से जुड़ा था। यहां के युवाओं को दूसरे जिलों में जाने पर अपमान का सामना करना पड़ता था। होटल या धर्मशाला में कमरा मिलना मुश्किल होता था क्योंकि लोग पूछते थे कि अगर आप अपने जिले में सुरक्षित नहीं हैं तो हमारी पूंजी कैसे सुरक्षित रहेगी?'

'सैफई सिंडिकेट' पर योगी का तीखा प्रहार

योगी आदित्यनाथ ने बिना नाम लिए सपा पर परिवारवाद का आरोप लगाया। उन्होंने स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने जमीनी स्तर से जुड़कर काम किया, लेकिन बाद में 'सैफई सिंडिकेट' ने उनकी विरासत पर कब्जा कर लिया।

'मुलायम सिंह जी लोगों से जुड़े रहकर काम करना चाहते थे, लेकिन सैफई सिंडिकेट ने पूरे अभियान को परिवारवाद और भाई-भतीजावाद के जाल में फंसा दिया। सरकारी नौकरियों में भी इसी सिंडिकेट का दबदबा था। युवा सिर्फ देखते रह जाते थे,' उन्होंने कहा।

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि विकास के नाम पर फंड की लूट होती थी। सड़कें, पुल, आईटीआई, पॉलिटेक्निक और कॉलेज नहीं बनते थे। गरीबों के लिए बने अनाज और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ कुछ चुनिंदा लोगों तक ही सीमित रह जाता था।

विकास बनाम अराजकता: योगी का तुलनात्मक विश्लेषण

योगी आदित्यनाथ ने 2017 के बाद की अपनी सरकार की उपलब्धियों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि भाजपा ने अपराध और अपराधियों के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' नीति अपनाई। संगठित अपराध की कमर तोड़ी गई और माफिया को खत्म किया गया। 'पहले उत्तर प्रदेश को अराजकता, दंगों, कर्फ्यू और हिंसा से जोड़ा जाता था। आज कोई दंगे नहीं होते, कोई कर्फ्यू नहीं लगता। त्योहार शांति से मनाए जा रहे हैं। अब 'एक जिला, एक माफिया' की जगह 'एक जिला, एक मेडिकल कॉलेज', 'एक जिला, एक उत्पाद' और 'एक जिला, एक व्यंजन' है,' उन्होंने जोर देकर कहा।

604 करोड़ की विकास परियोजनाएं: इटावा को 'तोहफा'

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने 604 करोड़ रुपये की 128 परियोजनाओं को इटावा के लोगों को समर्पित किया। इनमें सड़क, बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े काम शामिल हैं।

उन्होंने विशेष रूप से सैफई में स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव द्वारा प्रस्तावित ग्रामीण मेडिकल इंस्टीट्यूट का जिक्र किया। 'अखिलेश यादव पांच साल मुख्यमंत्री रहे, लेकिन इस प्रोजेक्ट को आगे नहीं बढ़ा सके। हमने 490 करोड़ रुपये से 500-बेड वाला सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक और 223 करोड़ रुपये से 300-बेड वाला गायनेकोलॉजी ब्लॉक पूरा किया,' योगी ने कहा।

स्वास्थ्य, शिक्षा और नौकरियों में पारदर्शिता

मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की योजनाओं का विस्तार से जिक्र किया:

  • उच्च शिक्षण संस्थानों के शिक्षकों और स्टाफ को 5 लाख रुपये का कैशलेस स्वास्थ्य कवर।
  • राज्य के लगभग 10 करोड़ लोगों को स्वास्थ्य बीमा योजनाओं का लाभ।
  • मेरिट के आधार पर नौकरियां - भर्ती में सिंडिकेट का दबदबा खत्म।
  • युवाओं को नियुक्ति पत्र देते समय मिलने वाली संतुष्टि।

उन्होंने कहा कि पहले नौकरियां बेची जाती थीं, अब मेरिट का राज है।

उत्तर प्रदेश: भारत की ग्रोथ इंजन

योगी आदित्यनाथ ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश सबसे निचले तीन राज्यों की सूची से निकलकर शीर्ष तीन राज्यों में शामिल हो गया है। उन्होंने कहा कि कोई भेदभाव नहीं। मेरे लिए 75 जिले समान रूप से महत्वपूर्ण हैं।

अंत में मुख्यमंत्री ने इटावा के लोगों से अपील की कि वे 'सैफई सिंडिकेट' से मुक्ति पाएं और विकास की मुख्यधारा से जुड़ें। उन्होंने कहा कि मैं आपका समर्थन मांगने आया हूं ताकि हम वर्तमान को बेहतर बना सकें और आने वाली पीढ़ियों के लिए उज्ज्वल भविष्य सुरक्षित कर सकें। अपनी विरासत का सम्मान करें।

(PTI इनपुट के साथ)