UP Election 2027: भगवान कृष्ण की नगरी मथुरा का चुनावी माहौल...

Published on 11 सित॰ 2026

UP election 2027: ऐतिहासिक रूप से मथुरा की राजनीति राज्य के सत्ता पक्ष और विपक्ष के सबसे बड़े चेहरों की कर्मभूमि रही है. यहां भारतीय जनता पार्टी (BJP), समाजवादी पार्टी (SP), बहुजन समाज पार्टी (BSP) और राष्ट्रीय लोक दल (RLD) के गठबंधन-समीकरणों के बीच तीखी राजनीतिक जंग देखने को मिलती है.

UP election 2027: ऐतिहासिक रूप से मथुरा की राजनीति राज्य के सत्ता पक्ष और विपक्ष के सबसे बड़े चेहरों की कर्मभूमि रही है. यहां भारतीय जनता पार्टी (BJP), समाजवादी पार्टी (SP), बहुजन समाज पार्टी (BSP) और राष्ट्रीय लोक दल (RLD) के गठबंधन-समीकरणों के बीच तीखी राजनीतिक जंग देखने को मिलती है.

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UP Election 2027: ब्रजभूमि के नाम से विश्वविख्यात मथुरा केवल श्री कृष्ण की क्रीड़ास्थली, यमुना के ऐतिहासिक घाटों, भव्य मंदिरों और सांस्कृतिक-आध्यात्मिक धरोहर तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जिला पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति का एक अत्यंत सशक्त और प्रभावकारी शक्ति केंद्र माना जाता है. जहां आगरा अपने ऐतिहासिक महत्व और मेरठ अपने औद्योगिक व राजनीतिक मिज़ाज के लिए जाना जाता है, वहीं मथुरा अपने समृद्ध धार्मिक आभामंडल, किसान-जाट राजनीति के प्रभाव और ब्रज क्षेत्र का प्रवेश द्वार होने के कारण प्रदेश के राजनीतिक पटल पर बेहद असरदार भूमिका निभाता है. 2027 में होने वाले आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर ब्रज के इस रणनीतिक रूप से अहम जिले में भी राजनीतिक दलों ने अपनी गोटियां बिछानी शुरू कर दी हैं.

मथुरा न केवल उत्तर प्रदेश का आध्यात्मिक और सांस्कृतिक केंद्र है, बल्कि रिफाइनरी उद्योग और वृंदावन-गोवर्धन का विशाल धार्मिक पर्यटन क्षेत्र इसकी पहचान को मजबूती प्रदान करते हैं. बरसाना की गलियों से लेकर गोवर्धन की परिक्रमा मार्ग तक, और छाता के कृषि बेल्ट से लेकर मांट व बलदेव के ग्रामीण अंचल तक, मथुरा की जनता का हर राजनीतिक फैसला लखनऊ की विधानसभा की राजनीति को गहराई से प्रभावित करता है.

‘कुर्सी का काउंटडाउन’ की इस सीरीज में आज बात मथुरा जिले की...

मथुरा की राजनीति का मिज़ाज राज्य के अन्य क्षेत्रों से काफी अलग है. 5 विधानसभा सीटों वाला यह जिला (मथुरा, छाता, मांट, बलदेव और गोवर्धन) सामाजिक, भौगोलिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से बेहद प्रतिष्ठित है. यहां चुनावी वैतरणी पार करने के लिए यमुना स्वच्छता, कृषि व किसान हित, तीर्थ विकास बनाम स्थानीय जनसुविधाएं, औद्योगिक रोजगार, और किसान-व्यापारी समीकरण के साथ-साथ जातीय संतुलन साधकर मतदाताओं का विश्वास हासिल करना बेहद निर्णायक सिद्ध होता है.

ऐतिहासिक रूप से मथुरा की राजनीति राज्य के सत्ता पक्ष और विपक्ष के सबसे बड़े चेहरों की कर्मभूमि रही है. यहां भारतीय जनता पार्टी (BJP), समाजवादी पार्टी (SP), बहुजन समाज पार्टी (BSP) और राष्ट्रीय लोक दल (RLD) के गठबंधन-समीकरणों के बीच तीखी राजनीतिक जंग देखने को मिलती है. कृषि प्रधान जनसांख्यिकी और ब्रज क्षेत्र की विशिष्ट पहचान के कारण यहां किसानों के मुद्दे, व्यापारी वर्ग का रुख, धार्मिक-सांस्कृतिक पर्यटन का विकास और स्थानीय आधारभूत ढांचा हमेशा से चुनावी नतीजों की दिशा तय करता आया है.

यहाँ के सियासी मैदान में मुख्य मुद्दे यमुना नदी का प्रदूषण, किसानों को सिंचाई व बिजली की निर्बाध आपूर्ति, व्यापारियों की सुरक्षा व विकास, तीर्थयात्रियों के प्रबंधन के बीच स्थानीय निवासियों की समस्याएं, और रोजगार के अवसर पैदा करने के इर्द-गिर्द घूमते हैं. आखिर मथुरा जिले की 5 विधानसभा सीटों का राजनीतिक इतिहास क्या कहता है? किन सीटों पर किस दिग्गज का पलड़ा भारी रहा है? और 2027 के इस महामुकाबले में किसकी चुनावी रणनीति सटीक बैठेगी? आइये सिलसिलेवार ढंग से समझते हैं…

 2011 की जनगणना के अनुसार, मथुरा जिले की कुल आबादी और साक्षरता दर

विवरणकुलपुरुषमहिला
जनसंख्या25,47,18413,67,12511,80,059
साक्षरता दर (%)70.36%81.97%56.89%
कुल साक्षर15,07,1309,87,3645,19,766

मथुरा जिले की धार्मिक आबादी

धर्मजनसंख्या प्रतिशत (%)
हिन्दू90.72%
मुसलमान8.52%
अन्य0.41%
ईसाई0.12%
सिख0.11%
जैन0.08%
बौद्ध0.03%

 2022 विधानसभा चुनाव परिणाम 

विधानसभा सीटउम्मीदवारराजनीतिक दलकुल प्राप्त वोट
1. छाता (Chhata)चौधरी लक्ष्मी नारायणBJP1,24,414
तेजपाल सिंहRLD75,466
सोनपालBSP30,214
2. मांट (Mant)राजेश चौधरीBJP83,958
श्याम सुंदर शर्माBSP74,378
डॉ. संजय लाठरSP60,585
3. गोवर्धन (Govardhan)मेघश्याम सिंहBJP1,00,199
राजकुमार रावतBSP57,692
प्रीतम सिंहRLD55,679
4. मथुरा (Mathura)श्रीकांत शर्माBJP1,58,859
प्रदीप माथुरINC49,056
एस. के. शर्माBSP31,551
5. बलदेव - SC (Baldev)पूरन प्रकाशBJP1,08,414
बबिता देवीRLD83,159
अशोक कुमारBSP48,370

जानें सभी सीटों के बारे में.... 

छाता विधानसभा सीट पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के चौधरी लक्ष्मी नारायण ने 1,24,414 वोट पाकर शानदार जीत दर्ज की और अपने निकटतम प्रतिद्वंदी राष्ट्रीय लोकदल (RLD) के तेजपाल सिंह को 48,948 वोटों के बड़े अंतर से हराकर अपना कब्जा बरकरार रखा. 

मांट विधानसभा सीट पर इस बार बड़ा उलटफेर देखने को मिला, जहां BJP के राजेश चौधरी ने 83,958 वोट हासिल कर पहली बार कमल खिलाया और बहुजन समाज पार्टी (BSP) के 8 बार के दिग्गज विधायक श्याम सुंदर शर्मा को 9,580 वोटों के कड़े मुकाबले में मात दी.

 गोवर्धन विधानसभा सीट से BJP के प्रत्याशी मेघश्याम सिंह ने 1,00,199 वोट लेकर एकतरफा जीत हासिल की, जिसमें उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी BSP के राजकुमार रावत को 42,507 वोटों के भारी अंतर से पराजित किया. 

मथुरा विधानसभा सीट पर BJP के कद्दावर नेता श्रीकांत शर्मा ने रिकॉर्ड 1,58,859 वोट पाकर लगातार दूसरी बार जीत का परचम लहराया और कांग्रेस (INC) के प्रदीप माथुर को 1,09,803 वोटों के ऐतिहासिक अंतर से शिकस्त दी. 

अंत में, बलदेव (SC) विधानसभा सीट पर BJP के पूरन प्रकाश ने 1,08,414 वोट प्राप्त कर अपनी लोकप्रियता साबित की और RLD की महिला प्रत्याशी बबिता देवी को 25,255 वोटों से हराकर सीट दोबारा अपने नाम की.