UP Flood Alert: नदियां उफान पर, गांवों में घुसा पानी! 19 जिलों में बाढ़ का खतरा, काशी-प्रयागराज में हालात गंभीर – Sanjeevni Today

Published on 1 सित॰ 2026

उत्तर प्रदेश में मानसून की सक्रियता के बीच कई इलाकों में बाढ़ का संकट गहराता जा रहा है। लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर ने 19 जिलों में जनजीवन प्रभावित किया है। गंगा, यमुना, मंदाकिनी, घाघरा और अन्य नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी के चलते निचले इलाकों में पानी पहुंचने लगा है। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाते हुए राहत और बचाव दलों को अलर्ट पर रखा है।

19 जिलों में बाढ़ का असर

उत्तर प्रदेश राहत आयुक्त कार्यालय की रिपोर्ट के अनुसार अमरोहा, अयोध्या, आजमगढ़, बलिया, बाराबंकी, बदायूं, चंदौली, फर्रुखाबाद, गोरखपुर, हरदोई, कासगंज, कन्नौज, लखीमपुर खीरी, मुरादाबाद, प्रयागराज, संत कबीर नगर, शाहजहांपुर, उन्नाव और वाराणसी बाढ़ से प्रभावित जिलों में शामिल हैं। इन इलाकों में प्रशासन को नदियों के जलस्तर और निचले क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रयागराज में गंगा-यमुना उफान पर

प्रयागराज में गंगा और यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। कछारी इलाकों में पानी पहुंचने से प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है। टोंस और बेलन नदी के आसपास के इलाकों में भी स्थिति पर नजर रखी जा रही है। राहत शिविरों को सक्रिय किया गया है और NDRF की टीमें संवेदनशील इलाकों में तैनात हैं।

प्रशासन के मुताबिक फिलहाल आबादी के बड़े हिस्से के प्रभावित होने की सूचना नहीं है, लेकिन जलस्तर में लगातार बदलाव को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।

काशी में गंगा का बढ़ा जलस्तर

वाराणसी में भी गंगा के बढ़ते जलस्तर ने चिंता बढ़ा दी है। गंगा चेतावनी बिंदु को पार कर खतरे के निशान की ओर बढ़ रही है। इसके कारण वरुणा नदी से जुड़े निचले इलाकों में भी पानी पहुंच गया है। कई बस्तियों में लोगों की आवाजाही के लिए नावों का सहारा लेना पड़ रहा है।

राहत शिविरों में प्रभावित परिवारों को पहुंचाया जा रहा है और प्रशासन की टीमें लगातार स्थिति का जायजा ले रही हैं।

चित्रकूट में भी बाढ़ से नुकसान

चित्रकूट में मंदाकिनी नदी के उफान ने कई इलाकों में मुश्किलें बढ़ा दी हैं। रिपोर्ट के मुताबिक 100 से अधिक परिवार प्रभावित हुए हैं और 80 से ज्यादा कच्चे मकान गिरने की सूचना है। कई जगहों पर घरों में रखा सामान और जरूरी चीजें भी पानी की चपेट में आई हैं।

प्रशासन और राहत टीमें प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में जुटी हैं।

गाजीपुर में 2 हजार भेड़ें फंसीं

गाजीपुर के जमानियां क्षेत्र में गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण करीब 2,000 भेड़ें और उनके पालक बाढ़ के पानी के बीच फंस गए। सूचना मिलने के बाद पुलिस और प्रशासन ने रेस्क्यू अभियान चलाया। ड्रोन की मदद से फंसे लोगों और जानवरों की लोकेशन का पता लगाया गया।

अगले कुछ दिन भी अहम

मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में आने वाले दिनों में बारिश का अनुमान जताया है। 1 सितंबर को भी कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना बताई गई है। ऐसे में पहले से बढ़े नदी के जलस्तर के बीच हालात और चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे बाढ़ प्रभावित और नदी के तेज बहाव वाले इलाकों में जाने से बचें और स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करें।

कुल मिलाकर, काशी से प्रयागराज और चित्रकूट से लेकर पूर्वांचल के कई इलाकों तक बाढ़ का असर दिखाई दे रहा है। 19 जिलों में प्रशासन अलर्ट मोड पर है और राहत-बचाव अभियान लगातार जारी है।

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