नूडल्स से मंचूरियन तक अजीनोमोटो पर UPFSDA का बड़ा अलर्ट: खाद्य कारोबारियों को क्यों दी सख्त चेतावनी, जानें नए नियम

Published on 19 अक्टू॰ 2026

भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के खाद्य सुरक्षा एवं मानक (खाद्य उत्पाद मानक और खाद्य योजक) विनियम के तहत मोनोसोडियम ग्लूटामेट के इस्तेमाल को लेकर बेहद कड़े नियम बनाए गए हैं। यूपीएफएसडीए ने अपनी एडवाइजरी में दोहराया है कि एक वर्ष से कम उम्र के शिशुओं और बच्चों के लिए तैयार किए जाने वाले किसी भी प्रकार के खाद्य पदार्थ में अजीनोमोटो का उपयोग 100% प्रतिबंधित है।

इसके अतिरिक्त, डिब्बाबंद और खुले भोजन में अजीनोमोटो की मात्रा 'गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिसेज' (GMP) के तहत न्यूनतम प्रभावी स्तर तक ही सीमित होनी चाहिए। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि बच्चों द्वारा अत्यधिक मात्रा में खाए जाने वाले स्नैक्स, स्कूल कैंटीन के भोजन और टिफिन मेनू में यदि एमएसजी की मौजूदगी पाई गई, तो इसे अत्यंत गंभीर अपराध माना जाएगा। कई अध्ययनों में यह सामने आ चुका है कि बच्चों का कोमल तंत्रिका तंत्र (Nervous System) रासायनिक योजकों के प्रति अत्यधिक संवेदनशील होता है, जिससे उनके विकास पर विपरीत असर पड़ सकता है।

मेनू कार्ड और डिस्प्ले बोर्ड पर स्पष्ट घोषणा अनिवार्य: ग्राहकों को मिले पूरी जानकारी

खाद्य सुरक्षा प्रशासन द्वारा दी गई सलाह में सबसे अहम बिंदु 'अनिवार्य प्रकटीकरण' (Mandatory Disclosure) का है। अब तक अधिकांश रेस्टोरेंट और स्ट्रीट वेंडर चोरी-छिपे अजीनोमोटो मिलाते रहे हैं, जिसकी भनक ग्राहकों को नहीं होती। नए निर्देशों के अनुसार, हर उस खाद्य कारोबारी को अपने मेनू कार्ड, रेट लिस्ट और दुकान के मुख्य काउंटर पर स्पष्ट रूप से लिखना होगा कि उनके भोजन में अजीनोमोटो का इस्तेमाल किया जा रहा है या नहीं।

नियमों के तहत काउंटर और पैकेजिंग पर निम्नलिखित वैधानिक चेतावनी बड़े और पठनीय अक्षरों में लिखी होनी चाहिए:

"इस भोजन में मोनोसोडियम ग्लूटामेट (MSG) मिलाया गया है। यह 12 महीने से कम उम्र के शिशुओं के लिए उपयुक्त नहीं है।"

यदि कोई रेस्टोरेंट या फूड स्टॉल संचालक अपने व्यंजनों में अजीनोमोटो मिलाता है और डिस्प्ले बोर्ड या मेनू पर इसकी घोषणा नहीं करता है, तो खाद्य सुरक्षा अधिकारी इसे 'मिसब्रांडिंग' और ग्राहकों को धोखे में रखने का मामला मानकर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की विभिन्न धाराओं के तहत तत्काल चालान काटेंगे।

स्वास्थ्य के लिए क्यों खतरनाक है अजीनोमोटो का अत्यधिक सेवन: क्या है 'चाइनीज रेस्टोरेंट सिंड्रोम'

चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, अजीनोमोटो का अधिक मात्रा में या नियमित सेवन मानव शरीर के लिए कई गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा करता है। चिकित्सा जगत में इसके दुष्प्रभावों के समूह को अक्सर 'चाइनीज रेस्टोरेंट सिंड्रोम' (Chinese Restaurant Syndrome) या 'एमएसजी सिम्पटम कॉम्प्लेक्स' कहा जाता है।

अजीनोमोटो मिले भोजन के अत्यधिक सेवन से निम्नलिखित लक्षण तेजी से उभर सकते हैं:

  • सिरदर्द और माइग्रेन: अजीनोमोटो न्यूरोट्रांसमीटर ग्लूटामेट के स्तर को प्रभावित करता है, जिससे तेज सिरदर्द और माइग्रेन का दौरा पड़ सकता है।

  • रक्तचाप (High BP) में उछाल: इसमें सोडियम की प्रचुर मात्रा होती है, जो उच्च रक्तचाप और दिल के मरीजों के लिए बेहद नुकसानदेह साबित होती है।

  • सीने में जलन, जकड़न और पसीना: संवेदनशील लोगों में अजीनोमोटो युक्त भोजन खाने के तुरंत बाद पसीना आना, चेहरे पर लालिमा, सुन्नता और दिल की धड़कन तेज (Palpitations) होने की समस्या देखी जाती है।

  • मोटापा और लत लगना: अजीनोमोटो मस्तिष्क के 'सैचाइटी सेंटर' (तृप्ति केंद्र) को प्रभावित करता है, जिससे व्यक्ति को भूख का सही अहसास नहीं होता और वह जरूरत से ज्यादा खा लेता है, जिससे मोटापा और मेटाबॉलिक विकार बढ़ते हैं।

लखनऊ, कानपुर से लेकर पूरे यूपी में विशेष सैंपलिंग अभियान: मिलावट पर सीधी कार्रवाई

त्योहारी सीजन को देखते हुए यूपीएफएसडीए की विशेष टीमें राजधानी लखनऊ (हजरतगंज, गोमती नगर, अमीनाबाद आदि के प्रमुख फूड स्ट्रीट), कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज, नोएडा और गाजियाबाद सहित पूरे राज्य में सक्रिय हो चुकी हैं। विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे सड़क किनारे लगने वाले फास्ट फूड ठेलों से लेकर लक्जरी रेस्टोरेंट्स तक औचक निरीक्षण करें और परोसे जा रहे खाद्य पदार्थों के रैंडम सैंपल जुटाएं।

यदि लैब जांच में अजीनोमोटो की मात्रा निर्धारित सुरक्षित सीमा से अधिक पाई जाती है, या अखाद्य व घटिया ग्रेड का इंडस्ट्रियल केमिकल इस्तेमाल किया गया पाया जाता है, तो उस खाद्य पदार्थ को असुरक्षित (Unsafe Food) घोषित किया जाएगा। ऐसे मामलों में दोषी व्यापारियों पर ₹5 लाख तक का आर्थिक जुर्माना और खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम की धारा 59 के तहत न्यूनतम छह महीने से लेकर आजीवन कारावास तक का प्रावधान लागू हो सकता है।

उपभोक्ताओं के लिए सुरक्षा सलाह: बाहर खाते समय इन बातों का रखें विशेष ध्यान

खाद्य सुरक्षा विभाग ने आम जनता से भी अपील की है कि वे बाहर खाना खाते समय केवल स्वाद के पीछे न भागें, बल्कि अपने स्वास्थ्य के प्रति भी सजग रहें। विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं, उच्च रक्तचाप के मरीजों, अस्थमा पीड़ितों और छोटे बच्चों को अजीनोमोटो युक्त खाद्य पदार्थों से पूरी तरह परहेज करने की सलाह दी जाती है।

जब भी आप किसी रेस्टोरेंट या फास्ट फूड कॉर्नर पर जाएं, तो शेफ या वेंडर को पहले ही स्पष्ट रूप से 'नो एमएसजी' (बिना अजीनोमोटो) खाना तैयार करने का निर्देश दें। यदि किसी दुकान पर अजीनोमोटो के अत्यधिक और असुरक्षित उपयोग की जानकारी मिलती है, तो उपभोक्ता खाद्य सुरक्षा विभाग के टोल-फ्री नंबर या ऑनलाइन पोर्टल पर सीधे अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। प्रशासन की यह सख्ती स्ट्रीट फूड को स्वादिष्ट रखने के साथ-साथ आम जनता के लिए सुरक्षित और सेहतमंद बनाने की दिशा में एक जरूरी कदम है।